
हरजिंदर
आज के दौर की सही तस्वीर सिर्फ अखबारों और कहानियों में ही नहीं मिलती वह फिल्मों में भी मिलती है। कहानियां अक्सर उस समाज का आईना भी होती हैं जहां उन्हें बनाया जाता है। कोई समाज है, कैसे चल रहा है और कैसे आगे बढ़ रहा है इसे आप फिल्मों से भी बहुत अच्छी तरह समझ सकते हैं। और फिल्मों के जरिये ये सच दुनिया को समझा भी सकते हैं।
दो साल पहले कुछ फिल्मकारों ने एक बीड़ा उठाया और दुनिया को यह दिखाने की कोशिश की कि मुस्लिम समाज को लेकर दुनिया भर में किस तरह से फिल्में बन रही हैं। इसके लिए लंदन में एक म......Read more