
राजीव नारायण
बदलती वैश्विक राजनीति के बीच दुनिया की अर्थव्यवस्था भी नए दौर में प्रवेश कर चुकी है। अब केवल सस्ता उत्पादन या बड़ा बाजार ही किसी देश की ताकत नहीं माना जा रहा। सबसे बड़ी पूंजी भरोसा बन गया है। वैश्विक कंपनियां और निवेशक अब ऐसे देशों की तलाश में हैं जहां राजनीतिक स्थिरता हो, नीतियों में निरंतरता हो और लंबे समय तक निवेश सुरक्षित रह सके। ऐसे माहौल में भारत के सामने एक बड़ा अवसर दिखाई दे रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भारत अपनी आर्थिक और कूटनीतिक रणनीति को सही दिशा में आगे &......Read more