
मनीषा कुमारी
अक्सर योजनाओं की लेटलतीफी पर हम सरकार और सरकारी कर्मचारियों के ढुलमुल रवैये को कोसना शुरू कर देते हैं। लेकिन हमेशा यही हो, यह सच नहीं होता है। कई बार सरकार और संबंधित विभाग मुस्तैदी से अपना काम तो करता है, लेकिन सामाजिक जागरूकता की कमी उसकी राह में सबसे बड़ी रुकावट बन जाती है। ऐसी ही एक रुकावट नल जल योजना में भी देखने को मिल रही है। जहां लोग निजी स्वार्थ की वजह से पाइप बिछाने के लिए अपनी जमीन का इस्तेमाल नहीं होने दे रहे हैं। बिहार का नरौला गांव इसका उदाहरण बन गया ह......Read more