ईमान सकीना
जब लोग 'शरणार्थी' (Refugee) शब्द सुनते हैं, तो अक्सर उनके ज़हन में किसी युद्ध, उत्पीड़न या राजनीतिक हिंसा से भागते हुए इंसान की तस्वीर उभरती है। लेकिन विस्थ...
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यूनुस अलवी/ मेवात/हरियाणा
मेवात में कभी किसी बुजुर्ग के सिर पर बंधा सफेद फेंटा देखते ही उसकी उम्र, सामाजिक हैसियत और अनुभव का अंदाजा लगाया जाता था। गांव की चौप...
नौशाद अख्तर
बिहार के ऐतिहासिक शहर गया जी के एक शांत कस्बे आबगीला का नाम सुनते ही लोग इसे एक साधारण सा इलाका समझ लेते हैं। लेकिन इस मिट्टी का नाता ईरान के मश्हद, क&...
डॉ अजय मालवीय
रामायण और महाभारत की भांति श्रीमद् भागवत गीता के भी अनुवाद उर्दू भाषा में प्रचुर मात्रा में हुए हैं। मेरे शोध के अनुसार,अब तक लगगभग डेढ़ सौ अनुवì...
प्रो. मुजीबुर रहमान
हर साल 18सितंबर को 'विश्व बांस दिवस' मनाया जाता है। इसका उद्देश्य एक ऐसे पौधे पर प्रकाश डालना है, जो सदियों से मानव सभ्यता का साथी रहा है, लेक...
- ईमान सकीना
जब हम 'मस्जिद' शब्द सुनते हैं, तो दिमाग में आमतौर पर सबसे पहली तस्वीर इबादत की आती है,कांधे से कांधा मिलाकर खड़े लोगों की कतारें, अज़ान, कुरान की तिला...
साकिब सलीम
"सहायक इंजीनियर ऊर्जा और आदेशों के पालन के मामले में अपनी शुरुआत बेहद खराब कर रहे हैं।" यह बात खानदेश और नासिक जिले के सिंचाई विभाग के कार्यकारी इं&...
13 सितंबर 1929 की दोपहर को लाहौर की बोरस्टल जेल में एक 24 साल के युवा क्रांतिकारी ने अंतिम सांस ली। उनका नाम जतिन दास यानी जतिंद्र नाथ ...
अल्फिया शेख/ पुणे
इस साल के गणेशोत्सव में कश्मीर घाटी में 'गणपति बाप्पा मोरया' का जयघोष ज़ोर-शोर से गूंजने वाला है। पुणे के तीन प्रमुख (मानाचे) गणपति मंडलों की प...
साकिब सलीम यह एक आम धारणा है कि भारत के राज्य प्राकृतिक इकाइयाँ हैं, जिनमें से प्रत्येक एक विशेष भाषा और संस्कृति की गृहभूमि (मातृभूमि) है जो 1947 से बहुत पहले से मौजूद ê...
अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि क्या मजहबीहोना जिंदगी को गंभीर और बोरिंग बना देता है। कुछ लोग यह सोचते हैं कि जो व्यक्ति जितना अधिक धार्मिक होता है, उस...