हरजिंदर आज के दौर की सही तस्वीर सिर्फ अखबारों और कहानियों में ही नहीं मिलती वह फिल्मों में भी मिलती है। कहानियां अक्सर उस समाज का आईना भी होती हैं जहां उन्हें बनाया जात...
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जानकी गोदारा
किसी बच्चे के स्वस्थ विकास की शुरुआत स्कूल की कक्षा से बहुत पहले हो जाती है। जीवन के शुरुआती छह वर्ष बच्चे के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास के ...
राजीव नारायण अपनी आँखों के सामने पोर्टफोलियो से लाखों रुपये गायब होते देख रहे भारतीय घरेलू निवेशकों के लिए, यह अब केवल स्क्रीन पर दिखने वाला एक मामूली 'मार्केट करेकî...
(विश्व शराब-मुक्त दिवस - 02 अक्टूबर 2026)
डॉ. प्रितम भि. गेडाम
शराबी का नाम आते ही हमारे जहन में सबसे पहले जो छवि उभरती है, वो एक दुर्गुणों से भरपूर गंदे व्यक्ति की, é...
साकिब सलीम
30 सितंबर 2026 को मध्य पूर्व के जॉर्डन के आसमान में एक ऐसा भयावह घटनाक्रम सामने आया, जिसने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया। दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लì...
अनिता
किसी गांव में सड़क होना और उस सड़क पर हर व्यक्ति का आसानी से चल पाना, दोनों अलग बातें हैं। अस्पताल गांव में होना और किसी दिव्यांग व्यक्ति का वहां तक बिना किसी की मदद &...
अब्दुल्लाह मंसूर
महात्मा गांधी जयंती पर हर साल महात्मा गांधी को याद किया जाता है। उनकी तस्वीरें लगती हैं, उनके कथन दोहराए जाते हैं और उनके जीवन पर चर्चाएं होती हैं। लेक...
डॉ. अनिल कुमार निगम
कभी इंटरनेट पर किसी वेबसाइट में प्रवेश करने से पहले हमें टेढ़े-मेढ़े अक्षरों अर्थात कैप्चा को पहचानना पड़ता था। इसके अलावा तस्वीरों में ट्रैफिक ल...
प्रमोद जोशी
पिछला हफ्ता वैश्विक घटनाक्रम के लिहाज से बहुत महत्त्वपूर्ण था. संयुक्त राष्ट्र महासभा के कारण यों भी यह हफ्ता हर साल महत्त्वपूर्ण होता है, पर अमेरिका-चीन र...
खालिद रसूल
बलूचिस्तान पाकिस्तान के लोकतांत्रिक दावों के सामने सबसे कठिन सवालों में से एक बना हुआ है। इस प्रांत की स्थिति को केवल सुरक्षा या आतंकवाद क...
हरजिंदर इन दिनों हम अक्सर नफरत या हेट स्पीच की बात करते हैं, इस्लामफोबिया का जिक्र करते हैं। लेकिन अगर हम नाईजीरिया की ओर देखें तो ये बाते छोटी लगने लगती हैं। पश्चिम अफ...
पल्लव भट्टाचार्य
फिल्म 'हनुमान अंश' के अप्रत्याशित सिनेमैटिक चमत्कार नेजो एक साधारण शुरुआत से आगे बढ़ते हुए हाल के दिनों में बॉक्स ऑफिस के बड़े-बड़े कीर्ति...
आज के आधुनिक युग में मनुष्य ने भौतिक सुख के चक्कर में अपने मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के साथ समझौता कर लिया हैं। जिधर देखो उधर अनैतिकता, स्...
राजीव नारायण
वर्षों से भारत ने दुनिया को अपने विशाल घरेलू बाज़ार के दम पर लुभाया है। लेकिन आज के दौर में,जहाँ मनचाहे टैरिफ (आयात शुल्क) लगाए जा रहे हैं, सप्लाई चे&...
आतिर ख़ान
हाल ही में एक समाचार वेबसाइट पर प्रकाशित एक लेख में तर्क दिया गया था कि भारतीय मुस्लिम समुदाय में बुद्धिजीवियों (इंटेलेक्चुअल्स) का अभाव है। उस ले&...