नई दिल्ली।
दिल्ली के किलोकरी गांव में कथित मारपीट के बाद मणिपुर मूल के 54 वर्षीय सेवानिवृत्त संगीतकार सी. विक्रम सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, सिंह पर उनके घर के सामने डिलीवरी कर्मचारियों और ढाबा कर्मियों ने कथित तौर पर हमला किया था। घटना के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां सोमवार को इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, सिंह ने कथित तौर पर तेज आवाज में चिल्लाने और वहां हो रहे शोर शराबे पर आपत्ति जताई थी। इसी बात को लेकर विवाद हुआ और उनके साथ मारपीट किए जाने का आरोप है। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उन्हें होली फैमिली अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी हालत बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई।
पुलिस ने बताया कि मामले में हत्या से संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। मामले में नाबालिगों समेत सभी आरोपियों को पकड़ लिया गया है। पुलिस घटना के पूरे क्रम और आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।
विक्रम सिंह की मौत के बाद दिल्ली में रहने वाले मणिपुर मूल के लोगों ने कैंडल मार्च निकालकर घटना पर विरोध जताया और न्याय की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
मृतक के एक रिश्तेदार ने आरोप लगाया कि सिंह को स्थानीय लोगों ने इतनी बेरहमी से पीटा कि वह हिलने डुलने तक की स्थिति में नहीं रहे। रिश्तेदार के मुताबिक, घटना के तुरंत बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी हालत बेहद गंभीर बताई।
रिश्तेदार ने दावा किया कि पुलिस को घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज मिल गया है। उनके अनुसार, फुटेज की जांच से मारपीट में शामिल लोगों की पहचान और घटना में उनकी भूमिका स्पष्ट होने में मदद मिलेगी।
उन्होंने बताया कि अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने सिंह की हालत बेहद नाजुक बताई। उन्हें बचाने के लिए सीपीआर दिया गया। रिश्तेदार के अनुसार, कई प्रयासों के बाद सिंह में सांस लेने के हल्के संकेत दिखाई दिए, लेकिन इसके बाद उनका रक्त संचार और हृदय की कार्यक्षमता लगातार बिगड़ती गई।
रिश्तेदार ने कहा कि सुबह 6 बजकर 52 मिनट पर उन्हें सिंह की पत्नी ने फोन कर उनकी मौत की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुलिस ने घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज अपने कब्जे में ले लिए हैं और फुटेज की जांच के बाद आरोपियों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।
मृतक के रिश्तेदार ने बताया कि मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी उन्हें मिली है और आरोपियों को हिरासत में भेजने की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने प्रशासन से इस मामले में निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की।
उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर राज्यों से आने वाले लोगों के साथ होने वाली कथित हिंसा और नस्लीय भेदभाव को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वे भारत के नागरिक हैं और उन्हें भी सुरक्षा तथा सम्मान के साथ रहने का अधिकार है।
रिश्तेदार ने प्रशासन से अपील की कि घटना को केवल एक आपराधिक मामले के तौर पर न देखा जाए, बल्कि पूर्वोत्तर के लोगों की सुरक्षा और उनके साथ होने वाले कथित भेदभाव के मुद्दे पर भी गंभीरता से विचार किया जाए।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने भी विक्रम सिंह की मौत की निंदा की है। संगठन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर घटना की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की मांग की।
एबीवीपी ने कहा कि किसी भी तरह का विवाद या असहमति हिंसा को उचित नहीं ठहरा सकती। संगठन ने घटना में जिम्मेदार प्रत्येक व्यक्ति के खिलाफ तेजी से और कड़ी कार्रवाई की मांग की। साथ ही पीड़ित परिवार के प्रति एकजुटता जताते हुए कहा कि दोषियों को किसी भी स्थिति में बचने नहीं दिया जाना चाहिए।
फिलहाल दिल्ली पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच का उद्देश्य कथित मारपीट की पूरी परिस्थितियों का पता लगाना, घटना में शामिल सभी लोगों की भूमिका निर्धारित करना और मौत के पीछे के घटनाक्रम को स्पष्ट करना है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज समेत उपलब्ध अन्य साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।