बासित जरगर/ श्रीनगर
कश्मीर में पहले अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का भव्य आगाजश्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में चार दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का सोमवार से शानदार आगाज हो गया है। जम्मू-कश्मीर प्रशासन घाटी को दोबारा सिनेमा का गढ़ बनाना चाहता है। इसका मकसद बॉलीवुड और वैश्विक फिल्म निर्माताओं को आकर्षित करना है।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस समारोह को केवल एक मनोरंजन कार्यक्रम नहीं माना। उन्होंने कहा कि यह कश्मीर के सांस्कृतिक गौरव और रचनात्मक अर्थव्यवस्था को नया रूप देने का प्रयास है। घाटी का अतीत सिनेमा से गहराई से जुड़ा रहा है।

अस्सी के दशक से पहले हिंदी फिल्मों में यहाँ की वादियाँ और झीलें अक्सर दिखाई देती थीं। सरकार अब उसी पुराने दौर को वापस लाना चाहती है। फिल्म शूटिंग को सहज और सस्ता बनाने की दिशा में काम चल रहा है।
स्थानीय कलाकारों और तकनीशियनों को भी इससे बड़ा मंच मिलने की उम्मीद है। महोत्सव में जे एंड के सिलेक्ट श्रेणी को शामिल किया गया है। इसमें स्थानीय सिनेमा, अंतरराष्ट्रीय सिनेमा, वृत्तचित्र और लघु फिल्मों को दिखाया जा रहा है।

देश-विदेश के दिग्गजों के साथ वर्कशॉप का आयोजन भी किया जाएगा। इससे युवा फिल्म निर्माताओं को मार्गदर्शन मिलेगा। इस पहले आयोजन में दुनिया भर से भारी प्रतिक्रिया मिली है। आयोजकों को ग्यारह सौ से अधिक प्रविष्टियाँ प्राप्त हुईं। इनमें से चालिस से अधिक देशों की लगभग 135 सर्वश्रेष्ठ फिल्मों को स्क्रीनिंग के लिए चुना गया है।
“I feel like a little boy who is thrilled.” — Vidhu Vinod Chopra at IFFJK.
— Fatima Dar (@FatimaDar_jk) September 7, 2026
The first International Film Festival in #Kashmir is more than a cultural event. It signals the return of Bollywood, new opportunities for local artists, filmmakers and storytellers, and a chance for… pic.twitter.com/EdnnVGb61J
सरकार का ध्यान स्थानीय संस्कृति को विश्व पटल पर लाने पर है। प्रतिनिधियों को कश्मीर के हस्तशिल्प, व्यंजन और पारंपरिक कला का अनुभव कराया जा रहा है। इस महोत्सव को हर साल आयोजित करने की योजना है।
बॉलीवुड निर्देशक इम्तियाज अली सहित कई प्रमुख हस्तियों ने इस पहल की सराहना की है। इस पहल का उद्देश्य केवल खूबसूरत लोकेशन दिखाना नहीं है। घाटी को कहानियों के निर्माण, संवाद और शूटिंग के स्थायी केंद्र के रूप में स्थापित करने की कोशिश की जा रही है। इससे स्थानीय रोजगार बढ़ेगा और पर्यटन को बल मिलेगा।