मोहम्मद अरबाश: भारत को एशियन कप में पहुँचाने वाले स्टार

Story by  मलिक असगर हाशमी | Published by  [email protected] | Date 08-09-2026
Mohammad Arbash: The star who led India to the Asian Cup.
Mohammad Arbash: The star who led India to the Asian Cup.

 

मलिक असगर हाशमी/ नई दिल्ली

भारतीय फुटबॉल जगत में इस समय एक नया नाम चर्चा का केंद्र बना हुआ है। यह नाम है मोहम्मद अरबाश का। ताशकंद में खेले गए एएफसी अंडर ट्वेन्टी एशियन कप क्वालीफायर्स मुकाबले में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया है। भारत ने बांग्लादेश को तीन शून्य से हराकर दो दशक यानी बीस साल के लंबे इंतजार के बाद इस महाद्वीपीय टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई कर लिया है।

इस ऐतिहासिक जीत में देश के युवा और उभरते हुए मिडफील्डर मोहम्मद अरबाश ने अहम भूमिका निभाई है। मैच के दौरान उन्होंने शानदार खेल का मुजाहिरा किया और भारत की तरफ से तीसरा गोल दागकर जीत को पूरी तरह सुनिश्चित कर दिया।

यह मुकाबला उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद के दोस्तलिक स्टेडियम में खेला गया था। मैच की शुरुआत से ही भारतीय टीम ने मैदान पर अपना दबदबा बनाए रखा। मुख्य कोच महेश गवानी के मार्गदर्शन में उतरी भारतीय युवा टीम का तालमेल और अनुशासन देखने लायक था।

खेल के पच्चीसवें मिनट में डैनी मेइतेई लैशराम ने पहला गोल दागकर भारत को बढ़त दिलाई। इसके बाद साठवें मिनट में विशाल यादव ने दूसरा गोल करके स्कोर को मजबूत कर दिया। खेल के निन्यानवेवें मिनट में मोहम्मद अरबाश ने गोल दागकर स्कोर तीन शून्य कर दिया और बांग्लादेश की वापसी की सभी उम्मीदों को खत्म कर दिया।

इस शानदार जीत के साथ भारतीय टीम ग्रुप बी में छह अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रही और चीन में होने वाले मुख्य टूर्नामेंट के लिए बेस्ट रनर्स अप के रूप में अपनी जगह पक्की कर ली।

मोहम्मद अरबाश के फुटबॉल करियर की कहानी बेहद प्रेरणादायक है। उनका जन्म भारत के मणिपुर राज्य में हुआ था। फुटबॉल के प्रति उनका जुनून बचपन से ही देखने को मिलता था। कम उम्र में ही उन्होंने अपनी खेल प्रतिभा से लोगों का ध्यान खींचना शुरू कर दिया था।

क्लासिक फुटबॉल अकादमी के साथ अपने शुरुआती दिनों में उन्होंने यू सत्रह यूथ लीग में बेहतरीन प्रदर्शन किया। उनके खेल कौशल को देखते हुए उन्हें भारतीय आयु वर्ग की विभिन्न राष्ट्रीय टीमों में खेलने का मौका मिला।

उन्होंने भारत के लिए यू सोलह, यू सत्रह, यू उन्नीस और अब यू ट्वेन्टी स्तर पर शानदार प्रदर्शन किया है। राष्ट्रीय टीमों के लिए खेलते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण गोल दागे हैं और अपनी टीम की जीत में बड़ी भूमिका निभाई है।

घरेलू सर्किट में भी मोहम्मद अरबाश का प्रदर्शन शानदार रहा है। उन्होंने क्लासिक एफए यू सत्रह और यू इक्कीस टीमों के लिए खेलते हुए अपनी मिडफील्ड की क्षमता का लोहा मनवाया है। इसके बाद उन्होंने बेंगलुरु एफसी के साथ करार किया और वर्तमान में वे बेंगलुरु एफसी रिजर्व्स और बेंगलुरु एफसी टू का हिस्सा हैं।

एआईएफएफ मीडिया ने भी उनकी प्रतिभा की सराहना करते हुए उन्हें भारत के सबसे प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ियों में शुमार किया है। उनकी ड्रिबलिंग क्षमता, मैदान पर विजन और पासिंग का तरीका उन्हें अन्य खिलाड़ियों से अलग बनाता है। यही वजह है कि फुटबॉल पंडित मानते हैं कि अरबाश में भारतीय फुटबॉल का भविष्य बदलने की अपार क्षमता है।

ताशकंद में खेले गए इस निर्णायक मुकाबले से पहले भारतीय टीम का अभियान काफी चुनौतीपूर्ण रहा था। ग्रुप चरण के मैचों में टीम ने बेहतरीन जज्बा दिखाया। सीरिया के खिलाफ एक शून्य की ऐतिहासिक जीत हो या फिर भूटान के खिलाफ पांच गोल की धमाकेदार बढ़त, हर मैच में भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी फिटनेस और कौशल का परिचय दिया।

बांग्लादेश के खिलाफ पिछले मुकाबलों में भले ही कड़ा मुकाबला देखने को मिला हो, लेकिन इस बार ताशकंद के मैदान पर भारतीय लड़कों ने कोई कसर नहीं छोड़ी। मैच के दौरान कोच महेश गवानी की रणनीति पूरी तरह सफल साबित हुई। सूरज सिंह अहीबाम, सुमित शर्मा और अन्य खिलाड़ियों ने डिफेंस और मिडफील्ड में बेहतरीन तालमेल दिखाया।

इस ऐतिहासिक जीत के बाद देश भर के खेल प्रेमियों में जश्न का माहौल है। सोशल मीडिया पर मोहम्मद अरबाश और पूरी भारतीय टीम को बधाइयां मिल रही हैं। खेल जानकारों का मानना है कि बीस साल बाद एशियन कप के लिए क्वालीफाई करना भारतीय फुटबॉल के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगा।

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इससे देश के छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों से आने वाले उन युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहन मिलेगा जो फुटबॉल में अपना करियर बनाना चाहते हैं। मणिपुर जैसे राज्यों से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाना यह साबित करता है कि अगर लगन सच्ची हो तो संसाधन की कमी कभी भी सफलता के आड़े नहीं आती।

आगामी समय में चीन में होने वाला एएफसी अंडर ट्वेन्टी एशियन कप इन युवा खिलाड़ियों के लिए अपनी प्रतिभा को वैश्विक मंच पर दिखाने का सबसे बड़ा अवसर होगा। मोहम्मद अरबाश जैसे युवा खिलाड़ियों पर पूरे देश की निगाहें टिकी हुई हैं।

उनकी यह सफलता सिर्फ एक मैच की जीत नहीं है, बल्कि उस कठिन परिश्रम का परिणाम है जो उन्होंने वर्षों से मैदान पर पसीना बहाकर हासिल किया है। भारत का यह सुनहरा सफर अब युवा पीढ़ी को खेल की दुनिया में आगे बढ़ने के लिए लगातार प्रेरित कर रहा है। आने वाले दिनों में देखना दिलचस्प होगा कि मोहम्मद अरबाश और उनकी पूरी टीम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए कौन सी नई ऊंचाइयां छूती है।