अयोध्या में दिखा भाईचारी, हिंदू आबादी बहुल वार्ड में जीते सुल्तान अंसारी

Story by  राकेश चौरासिया | Published by  [email protected] | Date 14-05-2023
अयोध्या में दिखा भाईचारी, हिंदू आबादी बहुल वार्ड में जीते सुल्तान अंसारी
अयोध्या में दिखा भाईचारी, हिंदू आबादी बहुल वार्ड में जीते सुल्तान अंसारी

 

अयोध्या. यूपी नगर निगम चुनाव के नतीजे शनिवार को घोषित हो गए. यहां मुख्य रूप से हम आपको अयोध्या के बारे में बताने जा रहे हैं. अयोध्या में एक बार फिर मेयर पद पर बीजेपी की जीत हुई है. वहीं, हिंदू बहुसंख्यक वार्ड में मुस्लिम युवक सुल्तान अंसारी की जीत भी चर्चा में है.

दरअसल, इस वार्ड का नाम राम जन्मभूमि मंदिर आंदोलन के नेता महंत राम अभिराम दास के नाम पर है. यहां से अंसारी ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव जीतकर सबको चौंका दिया. अभिराम दास को दिसंबर 1949 में बाबरी परिसर में रामलला की एक मूर्ति रखने के लिए जाना जाता है, जिसके कुछ दिनों बाद मस्जिद को बंद कर दिया गया था. उसी मूर्ति की भूमि में पूजा की जा रही है.

वोट प्रतिशत की बात करें, तो इस वार्ड में सिर्फ 440 मुस्लिम वोटर हैं जबकि हिंदू समुदाय के 3844 वोटर हैं. यहां 10 प्रत्याशी मैदान में थे. अंसारी को पड़े 2388 मतों में से 996 मत मिले, जो लगभग 42 प्रतिशत हैं. अंसारी ने पहली बार चुनाव में किस्मत आजमाई. आंकड़े साबित करते हैं कि उन्हें कुल मुस्लिम वोटर्स से भी ज्यादा वोट मिले, जो साबित करता है कि यहां के हिंदू मतदाताओं ने अंसारी के लिए बाहें फैलाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी.

उन्होंने कथित राम जन्मभूमि के पास हिंदू बहुमत वाले वार्ड में एक अन्य निर्दलीय उम्मीदवार नागेंद्र मांझी को 442 मतों के अंतर से हराया. इस सीट पर बीजेपी तीसरे नंबर पर रही थी.

अंसारी ने कहा, ‘‘यह अयोध्या में हिंदू मुस्लिम भाईचारे और दोनों समुदायों के शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व का सबसे अच्छा उदाहरण है. उन्होंने मेरा साथ दिया और मेरी जीत पक्की की. यह पूछे जाने पर कि क्या हिंदू बहुल निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ने में कोई हिचकिचाहट थी, उन्होंने जवाब दिया, ‘‘चूंकि मैं इस निर्वाचन क्षेत्र का मूल निवासी हूं और जहां तक मुझे पता है कि मेरे पूर्वज यहां 200 से अधिक वर्षों से रहे हैं. मेरे हिंदू मित्रों ने तहे दिल से मेरा समर्थन किया और मुझे आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया.’’