पंजाब : पंडित परिवार ने मस्जिद निर्माण के लिए जमीन दान की

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 11-02-2026
Punjab: Pandit family donates land for mosque construction
Punjab: Pandit family donates land for mosque construction

 

आवाज द वॉयस / नई दिल्ली 

पंजाब के संगरूर जिले के पुनेवाल गांव से समाज और भाईचारे की एक अनोखी और प्रेरक कहानी सामने आई है। आज के दौर में, जब देश और दुनिया में अक्सर धार्मिक असहमति और तनाव की खबरें आम हो गई हैं, वहां यह कहानी उम्मीद की एक किरण की तरह है। पुनेवाल गांव के एक हिंदू पंडित परिवार ने मुस्लिम समुदाय के लिए अपनी जमीन दान करके मस्जिद निर्माण संभव बनाया, और इस कदम से सामाजिक सौहार्द और भाईचारे का संदेश पूरे क्षेत्र में फैल गया।

गांव में मस्जिद के निर्माण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और हाल ही में इसका विधिवत उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर पंजाब के शाही इमाम, मौलाना मोहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी ने उद्घाटन किया। समारोह में केवल मुस्लिम समुदाय ही नहीं, बल्कि हिंदू और सिख समुदाय के लोग भी शामिल हुए। इस एकजुटता ने यह स्पष्ट किया कि जब इंसानियत और भाईचारा प्राथमिकता बन जाए, तो किसी भी धार्मिक या सामाजिक भेदभाव का कोई महत्व नहीं रह जाता।

मस्जिद के लिए जमीन दान करने वाले पंडित जसपाल राम और पंडित विजय कुमार ने इस पहल की पृष्ठभूमि साझा की। उन्होंने बताया कि गांव में मस्जिद की कमी के कारण मुस्लिम समुदाय के लोगों को नमाज पढ़ने के लिए दूसरे गांव तक जाना पड़ता था। यह परेशानी और असुविधा लंबे समय से महसूस की जा रही थी। ऐसे में इस परिवार ने अपनी जमीन दान करने का निर्णय लिया ताकि मुस्लिम भाई-बन्धु अपने गांव में ही धार्मिक कर्तव्य का पालन कर सकें। उनका यह कदम केवल जमीन देने तक सीमित नहीं रहा; उन्होंने सामाजिक जिम्मेदारी और मानवता की भावना के साथ यह कदम उठाया। उन्होंने कहा कि मस्जिद बन जाने से गांव के मुसलमानों को बड़ी सुविधा मिली है और यह पहल पूरे समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।

गांव के सरपंच गोबिंद सिंह ने भी इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि मस्जिद के लिए जमीन दान करने का यह कदम पूरे क्षेत्र के लिए सकारात्मक उदाहरण है। ऐसे कार्य न केवल धार्मिक सौहार्द को बढ़ावा देते हैं, बल्कि सामाजिक सामंजस्य और भाईचारे को मजबूत करते हैं। सरपंच ने कहा कि इस पहल से स्पष्ट होता है कि गांव की जनता धार्मिक सहिष्णुता और आपसी सम्मान के मूल्यों को बनाए रखना चाहती है।

मस्जिद के उद्घाटन कार्यक्रम में शाही इमाम मौलाना मोहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी ने पंडित परिवार को विशेष रूप से सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि पंजाब की धरती सदैव भाईचारे और सहिष्णुता के लिए प्रसिद्ध रही है। पहली पातशाही से ही गुरु नानक देव जी ने इस धरती पर यह संदेश दिया कि विभिन्न धर्मों के लोग एक-दूसरे की जरूरतों और खुशियों का ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि आज पुनेवाल गांव ने उसी ऐतिहासिक और सामाजिक विरासत को आगे बढ़ाया है।

समारोह में मौजूद लोगों ने भी इस पहल की भरपूर सराहना की। हिंदू, सिख और मुस्लिम समुदाय के लोग एक साथ खड़े होकर इस भाईचारे की मिसाल को देखते हुए गर्व महसूस कर रहे थे। यह दृश्य स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि जब लोगों के दिलों में इंसानियत की भावना हो, तो किसी भी प्रकार की धार्मिक या सामाजिक दीवारें अपने आप गिर जाती हैं।

शाही इमाम ने कार्यक्रम में कहा, “पंजाब की धरती पर नफरत और विभाजन की कोई जगह नहीं है। यहां विभिन्न धर्मों के लोग सदियों से आपसी सम्मान और भाईचारे के साथ रहते आए हैं। यह कदम, जिसे पुनेवाल गांव के पंडित परिवार ने उठाया है, पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत है।” उनके शब्दों में स्पष्ट था कि ऐसे सामाजिक कार्य न केवल स्थानीय समुदाय को एकजुट करते हैं, बल्कि देश और दुनिया में भाईचारे और सहिष्णुता का संदेश भी फैलाते हैं।

इस मस्जिद के निर्माण से गांव के मुस्लिम समुदाय को कई तरह की सुविधा मिली है। अब उन्हें नमाज पढ़ने के लिए दूसरे गांव जाने की जरूरत नहीं है, और वे अपने ही गांव में धार्मिक गतिविधियों का पालन कर सकते हैं। यह पहल यह भी दर्शाती है कि समाज में यदि लोगों में आपसी समझ और सहयोग की भावना हो, तो किसी भी कठिनाई या आवश्यकता को आसानी से पूरा किया जा सकता है।

इस अवसर पर गांव के सरपंच मकड़ जी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद थे। कार्यक्रम में सभी धर्मों के लोग शामिल थे, और उन्होंने मिलकर यह संदेश दिया कि इंसानियत धर्म से बड़ी होती है। हिंदू पंडित परिवार द्वारा जमीन दान करने का यह कदम स्पष्ट रूप से यह दर्शाता है कि हमारे समाज में भाईचारे और सहयोग की भावना आज भी जीवित है।

देश में बढ़ती धार्मिक असहमति और नफरत की खबरों के बीच यह पहल एक नई उम्मीद जगाती है। यह कहानी यह सिखाती है कि अगर लोग दिल से एक-दूसरे की मदद करें और सहानुभूति के साथ कदम उठाएं, तो समाज में प्रेम, भाईचारा और सौहार्द स्थापित किया जा सकता है। पुनेवाल गांव के इस पंडित परिवार ने न केवल मस्जिद निर्माण में सहयोग दिया, बल्कि पूरे समाज को यह संदेश दिया कि सहिष्णुता और एकता के मूल्य हमेशा प्रासंगिक रहते हैं।

इस घटना को स्थानीय और राज्य स्तर पर भी व्यापक सराहना मिली है। लोग इस पहल से प्रेरणा लेकर अपने-अपने क्षेत्रों में भाईचारे को बढ़ावा देने के प्रयास करने लगे हैं। सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने इसे सकारात्मक उदाहरण बताया और कहा कि ऐसे कार्य समाज में नफरत फैलाने वालों के लिए भी सबक हैं।

पुनेवाल गांव की यह कहानी केवल मस्जिद निर्माण की नहीं है, बल्कि यह मानवता, भाईचारे और आपसी सहयोग की मिसाल है। यह स्पष्ट करती है कि जब दिलों में सद्भाव और इंसानियत होती है, तो कोई भी धर्म, जाति या पृष्ठभूमि बड़ी बाधा नहीं बन सकती। पंडित परिवार का यह कदम पूरे पंजाब और देश के लिए एक प्रेरक संदेश है कि भाईचारा और सामाजिक सौहार्द हमारी सभ्यता की नींव हैं।

अंततः यह कहानी यह दिखाती है कि इंसानियत की भावना और सामूहिक सहयोग किसी भी सामाजिक या धार्मिक चुनौती को पार कर सकते हैं। पुनेवाल गांव के पंडित परिवार ने अपनी जमीन और अपने दिल का दान करके यह साबित कर दिया कि प्रेम, भाईचारा और इंसानियत धर्म से ऊपर होते हैं। आज इस मस्जिद के उद्घाटन के साथ पूरे गांव में सामाजिक सौहार्द और भाईचारे की भावना का संचार हुआ है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।