पिता के आदेश पर हर रात गरीबों को खाना खिलाते हैं रेहान और फरहान

Story by  मलिक असगर हाशमी | Published by  [email protected] | Date 25-08-2026
Rehan and Farhan feed the poor every night on their father's orders.
Rehan and Farhan feed the poor every night on their father's orders.

 

आवाज द वाॅयस/ नई दिल्ली

रांची की सड़कों पर आधी रात के बाद दो भाई खाना लेकर निकलते हैं। शहर में ज्यादातर लोग उस समय अपने घरों में होते हैं। सड़क किनारे कई लोग खुले आसमान के नीचे रात गुजार रहे होते हैं। इनमें कुछ ऐसे भी होते हैं, जिनके पास उस रात खाने के लिए कुछ नहीं होता। ऐसे ही लोगों तक भोजन पहुंचाने का काम रेहान और फरहान करते दिखाई दे रहे हैं।

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें रांची के रहने वाले दो भाई रेहान और फरहान देर रात जरूरतमंद लोगों को खाना बांटते नजर आ रहे हैं। वीडियो में दोनों भाई सड़क किनारे और फुटपाथ पर सोने वाले लोगों के पास जाते हैं। उनके हाथों में खाने के पैकेट हैं। वे लोगों को खाना देते हैं और आगे बढ़ जाते हैं।

वीडियो के साथ साझा की जा रही जानकारी में सबसे ज्यादा चर्चा उनके पिता की एक सीख की हो रही है। बताया गया है कि पिता ने दोनों भाइयों से कहा है कि दिन में वे अपने काम और जिंदगी में जहां चाहें रहें, लेकिन रात में भूखे और फुटपाथ पर सोने वाले लोगों तक भोजन पहुंचाना उनकी जिम्मेदारी है।यही बात इस वीडियो को सामान्य भोजन वितरण से अलग बना रही है।

लॉकडाउन में शुरू हुई पहल

सोशल मीडिया पोस्ट के अनुसार, रेहान और फरहान ने गरीबों को खाना बांटने का काम कोविड 19 लॉकडाउन के दौरान शुरू किया था। उस समय बड़ी संख्या में मजदूरों और गरीब परिवारों के सामने भोजन का संकट था। रोजगार बंद हो गए थे। बाजार और कारोबार प्रभावित थे। हजारों लोगों को रोज के खाने के लिए भी मदद की जरूरत पड़ रही थी।

इसी दौरान दोनों भाइयों ने जरूरतमंदों को खाना पहुंचाना शुरू किया। दावा है कि लॉकडाउन खत्म होने के बाद भी यह सिलसिला रुका नहीं। दोनों भाई आज भी रात में रांची की सड़कों पर निकलते हैं और गरीबों तथा फुटपाथ पर रहने वाले लोगों को भोजन बांटते हैं।किसी एक दिन या किसी खास मौके पर मदद करने की जगह इसे रोज की जिम्मेदारी बनाए रखना इस कहानी का खास पहलू है।

पिता की सीख को बनाया आदत

वायरल वीडियो से जुड़ी पोस्ट में बताया गया है कि दोनों भाइयों के पिता की सीख है कि अगर सामने कोई भूखा दिखाई दे तो उसे खाना खिलाना चाहिए। रेहान और फरहान इसी सोच के साथ हर रात जरूरतमंदों के बीच जाते हैं।

परिवार का संबंध रांची के सरदार फूड प्लाजा होटल से बताया जा रहा है। सोशल मीडिया पोस्ट में दोनों को होटल मालिक के बेटे के रूप में पेश किया गया है। हालांकि, परिवार और उनके सेवा कार्य से जुड़ी विस्तृत स्वतंत्र जानकारी फिलहाल इंटरनेट पर सीमित है।

इसलिए सोशल मीडिया पर किए गए सभी दावों को अंतिम तथ्य मानना उचित नहीं होगा। लेकिन वायरल वीडियो में दोनों भाइयों को रात के समय लोगों को खाना देते हुए देखा जा सकता है।

आधी रात का रांची और फुटपाथ पर जिंदगी

रात के समय रांची की सड़कों का दृश्य दिन से काफी अलग होता है। बाजार बंद हो जाते हैं। आवाजाही कम हो जाती है। लेकिन फुटपाथ पर रहने वाले लोगों की रात तब शुरू होती है।

किसी के पास पुरानी चादर होती है। कोई बोरी पर सोता है। किसी के पास सिर रखने के लिए तकिया तक नहीं होता। कई लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था भी रोज की चिंता होती है।

इसी समय रेहान और फरहान भोजन के पैकेट लेकर इन लोगों के बीच पहुंचते हैं। वायरल वीडियो में दोनों को सड़क किनारे जरूरतमंदों को खाना देते हुए देखा जा सकता है।इस पहल की सबसे खास बात इसकी सादगी है। कोई बड़ा कार्यक्रम नहीं है। कोई मंच नहीं है। बस भोजन के पैकेट हैं और उन्हें जरूरतमंदों तक पहुंचाने की कोशिश है।

सोशल मीडिया पर लोग कर रहे तारीफ

वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर दोनों भाइयों की खूब तारीफ हो रही है। कई लोग इसे इंसानियत की मिसाल बता रहे हैं। कुछ यूजर्स का कहना है कि किसी भूखे व्यक्ति को भोजन देना सबसे सीधी और जरूरी मदद है।

पोस्ट में यह भी दावा किया गया है कि दोनों भाई धर्म की परवाह किए बिना जरूरतमंदों को खाना देते हैं। उपलब्ध वीडियो में उन्हें अलग अलग लोगों को भोजन देते हुए देखा जा सकता है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध सामग्री से नहीं हुई है।लोगों की प्रतिक्रियाओं में एक बात साफ दिखाई देती है। उन्हें इस बात ने प्रभावित किया है कि दोनों भाई रात के समय जरूरतमंदों के लिए निकलते हैं।

मदद का काम कैमरे से पहले शुरू हुआ

सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इस पहल की चर्चा जरूर बढ़ी है। लेकिन अगर पोस्ट में किया गया दावा सही है तो यह काम वीडियो वायरल होने से काफी पहले शुरू हो चुका था।

कोविड लॉकडाउन के समय शुरू हुई सेवा को वर्षों तक जारी रखना आसान नहीं होता। उस समय जरूरत ज्यादा थी। बाद में हालात सामान्य हुए। इसके बावजूद दोनों भाइयों का रात में खाना बांटने का सिलसिला जारी रहने की बात कही जा रही है।यही निरंतरता इस कहानी को खास बनाती है।

अक्सर किसी संकट के समय लोग मदद के लिए आगे आते हैं। कुछ समय बाद उनकी व्यस्तताएं बढ़ जाती हैं और ऐसे काम पीछे छूट जाते हैं। लेकिन रेहान और फरहान के बारे में वायरल पोस्ट एक अलग तस्वीर पेश करती है।

धर्म से पहले इंसानियत

इस कहानी की चर्चा केवल इसलिए नहीं हो रही कि दो भाई गरीबों को खाना देते हैं। सोशल मीडिया पोस्ट में यह भी जोर दिया गया है कि भोजन बांटते समय किसी की धार्मिक पहचान नहीं देखी जाती।

भूख की कोई पहचान नहीं होती। जरूरतमंद व्यक्ति की पहली जरूरत भोजन होती है। इसी सोच को लोग इस पहल से जोड़कर देख रहे हैं।रांची जैसे शहर में फुटपाथ पर रहने वाले लोगों के लिए एक वक्त का भोजन भी महत्वपूर्ण हो सकता है। ऐसे में नियमित रूप से भोजन पहुंचाना उनके लिए सीधी मदद है।


सोशल मीडिया पर कई लोग रेहान और फरहान की तारीफ के साथ उनके पिता की परवरिश की भी चर्चा कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि बच्चों को केवल पढ़ाई और करियर की सीख देना ही पर्याप्त नहीं है। उन्हें समाज के कमजोर लोगों के प्रति संवेदनशील बनाना भी जरूरी है।

दोनों भाइयों की कहानी में यही बात दिखाई देती है। पिता की एक छोटी सी सीख उनके लिए रोज का काम बन गई है।यह कहानी बताती है कि समाज सेवा हमेशा बड़े संसाधनों से शुरू नहीं होती। कई बार एक घर की सोच और दो लोगों की मेहनत भी किसी जरूरतमंद के लिए बड़ी राहत बन सकती है।

वायरल वीडियो से आगे की कहानी

रेहान और फरहान से जुड़ा वीडियो इंस्टाग्राम और फेसबुक पर साझा किया जा रहा है। इसे देखकर लोग अपने अपने तरीके से प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कई लोग इसे सकारात्मक कहानी बता रहे हैं।

हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली सामग्री के साथ सावधानी भी जरूरी है। वीडियो में दिखाई देने वाली घटना और उसके साथ लिखे गए दावों में अंतर हो सकता है। इसलिए परिवार, होटल और लंबे समय से चल रही सेवा से जुड़े सभी विवरणों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।

फिलहाल उपलब्ध वीडियो में जो साफ दिखाई देता है, वह यह है कि दो भाई रात में भोजन के पैकेट लेकर रांची की सड़कों पर जरूरतमंद लोगों तक पहुंच रहे हैं।बाकी कहानी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सामने आई है।

फिर भी इस दृश्य का संदेश सरल है। किसी भूखे को खाना देना बहुत बड़ी बात नहीं लग सकती। लेकिन जिस व्यक्ति के पास उस रात खाने के लिए कुछ नहीं है, उसके लिए यही सबसे जरूरी मदद हो सकती है।

रेहान और फरहान की यह पहल इसी सोच की याद दिलाती है। पिता का आदेश हो या अपनी इच्छा, उन्होंने भूख से जूझ रहे लोगों तक भोजन पहुंचाने को अपनी रात की जिम्मेदारी बना लिया है।और शायद यही वजह है कि रांची की आधी रात का यह वीडियो सोशल मीडिया पर लोगों के दिल को छू रहा है।