आवाज द वाॅयस/ कालीकट
केरल के कालीकट में अंतरराष्ट्रीय मिलाद कॉन्फ्रेंस का भव्य आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक सम्मेलन में देश और दुनिया से लाखों श्रद्धालु पहुंचे। मर्कज़ू सक़ाफ़ति सुन्निया के तत्वावधान में आयोजित इस सम्मेलन में इस्लाम के अंतिम पैगंबर हज़रत मोहम्मद साहब का जन्मोत्सव पूरे अकीदत के साथ मनाया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भारत के ग्रैंड मुफ्ती शेख अबुबक्र अहमद ने पूरी दुनिया में अमन, मोहब्बत और भाईचारे का पैगाम फैलाया।
इस वैश्विक सम्मेलन में विभिन्न देशों के प्रतिष्ठित इस्लामी विद्वान, ग्रैंड मुफ्ती, विश्वविद्यालयों के प्रमुख और राजनयिक शामिल हुए। कालीकट ट्रेड सेंटर में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पैगंबर मोहम्मद साहब के शांतिपूर्ण जीवन और उनकी सार्वभौमिक शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाना रहा।
विभिन्न महाद्वीपों से आए प्रतिनिधियों ने अलग-अलग सत्रों में अपने विचार साझा किए और इस्लामी विरासत पर विस्तार से चर्चा की।

अंतरराष्ट्रीय मिलाद कॉन्फ्रेंस केवल एक धार्मिक सभा नहीं थी, बल्कि यह दुनिया भर के मुसलमानों को एक सूत्र में पिरोने का सशक्त माध्यम बनी। सम्मेलन के दौरान विभिन्न देशों के नात-ख्वानों और समूहों ने मव्लिद का पाठ किया। पैगंबर साहब की शान में नात और कसीदे पढ़े गए। पूरा माहौल रूहानी तरन्नुम और भक्ति भावना से सराबोर हो उठा।
ग्रैंड मुफ्ती शेख अबुबक्र अहमद ने अपने संबोधन में कहा कि मौजूदा दौर में दुनिया को पैगंबर साहब की दिखाई राह पर चलने की सबसे ज्यादा जरूरत है। उन्होंने आपसी भाईचारे, इंसानियत और समाज सेवा पर जोर दिया। सम्मेलन में आए अकीदतमंदों ने अपने विश्वास को मजबूत किया और पैगंबर साहब के प्रति अपनी अटूट निष्ठा व्यक्त की। मर्कज़ संस्था पिछले चार दशकों से अधिक समय से शिक्षा, समाज कल्याण और आध्यात्मिक चेतना के क्षेत्र में लगातार काम कर रही है।
Had a fruitful interaction with H.E. Sheikh Ali Al-Hashimi, Religious and Legal Advisor to the President of the United Arab Emirates, at Markaz. pic.twitter.com/MYNFutnhL0
— Sheikh Abubakr Ahmad الشيخ أبوبكر أحمد (@shkaboobacker) September 4, 2026
सम्मेलन में शामिल अंतरराष्ट्रीय मेहमानों ने मर्कज़ के प्रयासों की जमकर सराहना की। दुनिया भर से आए धर्मगुरुओं ने कहा कि ऐसे आयोजन मानव समाज में आपसी तालमेल और सहअस्तित्व की भावना को बढ़ावा देते हैं।
कार्यक्रम का समापन दुनिया में शांति, समृद्धि और खुशहाली की दुआओं के साथ हुआ। कालीकट में जुटा यह जनसैलाब वैश्विक स्तर पर मोहब्बत और एकता की एक मिसाल बनकर उभरा।