आवाज द वाॅयस /दुबई
केरल के मशहूर मलयाली गायक निसार वायनाड के अचानक निधन से संयुक्त अरब अमीरात में रहने वाले भारतीय समुदाय में शोक की लहर है। निसार ने शनिवार शाम दुबई के एक अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनकी उम्र 44 वर्ष थी। खास बात यह है कि जिस समय उनका निधन हुआ, उसके कुछ ही घंटे बाद उन्हें अजमान में एक कार्यक्रम में प्रस्तुति देनी थी।
निसार वायनाड अपनी आवाज के लिए खास तौर पर पहचाने जाते थे। उनकी आवाज की तुलना अक्सर बॉलीवुड के मशहूर गायक उदित नारायण से की जाती थी। यही उनकी पहचान का एक बड़ा हिस्सा बन गई थी। केरल के वायनाड जिले से ताल्लुक रखने वाले निसार को उनके स्टेज नाम निसार वायनाड के नाम से ही अधिक पहचान मिली।
उनका वास्तविक नाम निसार आरोथ इब्राहिम था। वह अपने पीछे पत्नी और दो बेटियों को छोड़ गए हैं। उनकी अचानक मौत ने परिवार के साथ उनके दोस्तों, प्रशंसकों और संगीत जगत से जुड़े लोगों को भी गहरे सदमे में डाल दिया है।
Popular Malayali Singer Nisar Wayanad Passes Away in Dubai at 44
— The Times of Bahrain (@timesofbahrain) September 5, 2026
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कुछ घंटों में बदल गई पूरी तस्वीर
दुबई में निसार के करीबी दोस्त नौजस कायक्कूल ने बताया कि निसार पिछले कुछ दिनों से बुखार से परेशान थे। शनिवार दोपहर उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ी। इसके बाद वह अस्पताल पहुंचे। शुरुआत में किसी को अंदाजा नहीं था कि स्थिति इतनी गंभीर हो जाएगी।
नौजस के मुताबिक, निसार से एक दिन पहले सुबह भी उनकी मुलाकात हुई थी। उन्हें कुछ दिनों से बुखार था। वह इसे सामान्य परेशानी समझकर पैरासिटामोल ले रहे थे। बाद में उन्होंने फोन कर बताया कि वह अस्पताल जा रहे हैं।
अस्पताल पहुंचने के बाद उनकी हालत गंभीर हो गई। दोस्तों ने डॉक्टरों से लगातार संपर्क बनाए रखा। उन्हें बेहतर इलाज दिलाने की कोशिश की गई। लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके।
नौजस ने कहा कि निसार ने बहुत कम उम्र में अपने पिता को खो दिया था। इसके बाद उन्होंने परिवार की जिम्मेदारी संभाली। दोस्त के मुताबिक निसार सिर्फ एक प्रतिभाशाली गायक नहीं थे, बल्कि बेहद करीबी इंसान भी थे।
निसार वायनाड की मौत की वजह क्या थी?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, निसार की मृत्यु की सूचना में सीधे तौर पर एसिडोसिस को कारण बताया गया है। इसमें शरीर के रक्त या अन्य तरल पदार्थों में अम्लता सामान्य से अधिक हो जाती है।
दस्तावेज में इसकी प्रमुख वजह संक्रमण से उत्पन्न सिस्टमेटिक इंफ्लेमेटरी रिस्पॉन्स सिंड्रोम और ऑर्गन फेल्योर बताई गई है। मृत्यु का वास्तविक कारण अन्य सेप्टीसीमिया दर्ज किया गया।
इसका अर्थ है कि गंभीर संक्रमण के बाद शरीर में व्यापक सूजन जैसी प्रतिक्रिया हुई और इसके साथ अंगों ने काम करना बंद कर दिया। एसिडोसिस इस गंभीर स्थिति का प्रत्यक्ष परिणाम बताया गया है।
निसार के दोस्त नौजस ने यह भी बताया कि उन्हें निसार की पहले से मौजूद मधुमेह की समस्या के बारे में जानकारी थी। इसके अलावा उन्हें किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या की जानकारी नहीं थी।
आधी रात को उमड़ी भीड़
निसार की मौत की खबर जैसे ही दुबई में उनके दोस्तों और प्रशंसकों तक पहुंची, बड़ी संख्या में लोग अंतिम दर्शन और जनाजे की नमाज के लिए जुटने लगे।कुछ मलयालम कंटेंट क्रिएटर्स ने आधी रात को वीडियो जारी कर लोगों से जनाजे की नमाज में पहुंचने की अपील की। बेहद कम समय में लोगों ने अपनी व्यवस्था की और दुबई पहुंचना शुरू कर दिया।
यूएई में रहने वाले मलयालम व्लॉगर शाहिद मणिक्कोथ भी जनाजे की नमाज में शामिल हुए। उन्होंने निसार के निधन को बेहद भावुक कर देने वाला अनुभव बताया।
रिपोर्ट के मुताबिक करीब 300 दोस्त और प्रशंसक जनाजे की नमाज में शामिल हुए। नमाज तड़के करीब 3 बजे हुई। शव को अंतिम संस्कार के लिए केरल ले जाने की तैयारी भी तेजी से की गई।
निसार के रिश्तेदार और कुछ करीबी दोस्त शव के साथ केरल रवाना हुए। उनका अंतिम संस्कार उनके गृह जिले वायनाड में किया जाना था।
कार्यक्रम से कुछ घंटे पहले हुई मौत
निसार की मौत का सबसे दुखद पहलू यह भी रहा कि वह लगातार कार्यक्रम कर रहे थे। शनिवार को अजमान में एक शो में उन्हें प्रस्तुति देनी थी। लेकिन कार्यक्रम से कुछ घंटे पहले ही उनकी तबीयत गंभीर हो गई।
दुबई के इवेंट आयोजक, एंकर और अभिनेता याज़िर हमीद भी निसार के करीबी दोस्तों में शामिल थे। उन्होंने कई कार्यक्रमों में निसार के साथ काम किया था।
मीडिया और इवेंट प्रोफेशनल निबिन नवास ने बताया कि निसार के अस्पताल में भर्ती होने की खबर मिलते ही वह और याज़िर तुरंत अस्पताल पहुंचे। लेकिन वहां पहुंचने तक निसार का निधन हो चुका था।
निबिन के मुताबिक, जब भी निसार दुबई आते थे, वह उनकी टीम के कई कार्यक्रमों में गाते थे। कार्यक्रम के अलावा भी उनका संगीत से रिश्ता लगातार बना रहता था। यहां तक कि कार में सफर करते हुए भी वह गाना गाते रहते थे। दोस्तों के लिए उनकी आवाज सुनना हमेशा खुशी का अनुभव होता था।
बेटी को भी गायन के लिए किया प्रेरित
निसार की दोस्ती सिर्फ संगीत और कार्यक्रमों तक सीमित नहीं थी। वह कई परिवारों के बेहद करीब थे। याज़िर हमीद की पत्नी अनुपमा ने बताया कि निसार ने उनकी बेटी जियान को मंच पर गाने के लिए प्रेरित किया था। वह पहले मंच पर गाने को लेकर झिझकती थी। निसार ने उसका हौसला बढ़ाया। इसके बाद उसने मंच पर प्रस्तुति देना शुरू किया।
अनुपमा ने निसार को शानदार कलाकार और परिवार का करीबी दोस्त बताया। उनके मुताबिक, निसार की मौत ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है।
अगस्त में यूएई पहुंचे थे निसार
निसार इस साल अगस्त के दूसरे सप्ताह में यूएई पहुंचे थे। इसके बाद उनके कार्यक्रमों का सिलसिला शुरू हो गया था। 15 अगस्त को उन्होंने इंडियन एसोसिएशन शारजाह की ओर से आयोजित भारतीय स्वतंत्रता दिवस के 80वें वर्ष के समारोह में प्रस्तुति दी थी। इस कार्यक्रम में उन्होंने इंडो अरब फोक फ्यूजन पेश किया।
इसके बाद दुबई के इंडियन क्लब में आयोजित बड़े ओणम समारोह में भी उन्होंने प्रस्तुति दी। इसी दौरान एक रेस्टोरेंट के उद्घाटन कार्यक्रम में उन्होंने मलयालम प्लेबैक सिंगर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हनान शाह के साथ भी प्रस्तुति दी।
निबिन के अनुसार, इस सीजन में निसार के पास दुबई और सऊदी अरब में कई कार्यक्रम थे। वह अपने संगीत करियर को और आगे बढ़ाने की तैयारी में थे। फिल्मों के लिए प्लेबैक सिंगिंग से जुड़े तीन से चार प्रोजेक्ट भी उनके सामने थे।
क्यों खास थी निसार की आवाज?
निसार को मलयालम संगीत जगत में एक प्रतिभाशाली लेकिन कम पहचाने गए गायक के रूप में याद किया जा रहा है।उन्हें अक्सर मप्पिलापट्टू गायक के रूप में पहचान मिली। मप्पिलापट्टू केरल की पारंपरिक मुस्लिम लोकगीत शैली है। हालांकि उनकी गायकी केवल इसी शैली तक सीमित नहीं थी।
वह मलयालम गीतों के साथ बॉलीवुड के कई लोकप्रिय गाने भी गाते थे। उनकी आवाज में उदित नारायण की झलक सुनाई देती थी। इसी वजह से उदित नारायण के गानों की उनकी प्रस्तुतियां यूएई के कार्यक्रमों में काफी पसंद की जाती थीं।
निसार अरिजीत सिंह और पाकिस्तानी गायक आतिफ असलम के लोकप्रिय गीत भी गाते थे। उनके लाइव शो में इन गीतों को भी दर्शकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिलता था।
उन्होंने कन्नड़ फिल्म में भी गाना गाया था। मलयालम फिल्म ‘प्रोफेसर डिंकन’ से उनके फिल्मी करियर की शुरुआत होनी थी। हालांकि यह फिल्म रिलीज नहीं हो सकी। दोस्तों को उनकी आने वाली फिल्म परियोजनाओं से काफी उम्मीदें थीं।
दुबई के कार्यक्रमों में हमेशा सुनाई देती थी उनकी आवाज
निसार कई वर्षों से दुबई में होने वाले मलयालम सामुदायिक कार्यक्रमों का जाना पहचाना नाम थे। मलयालम अभिनेता, रेडियो जॉकी और टीवी होस्ट मिथुन रमेश ने बताया कि वह निसार को एक दशक से ज्यादा समय से जानते थे। करीब 10 साल पहले उन्होंने निसार को अपने टीवी शो में बुलाया था। उस समय निसार संगीत की दुनिया में अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रहे थे।
मिथुन के मुताबिक निसार की सबसे बड़ी खासियत उनकी आवाज थी। वह उदित नारायण के लगभग सभी लोकप्रिय गानों को जानते थे। दर्शक जब किसी गाने की फरमाइश करते थे तो निसार बिना ज्यादा तैयारी के उसे मंच पर पेश कर देते थे।
उनकी यही सहजता दर्शकों को पसंद आती थी। मंच पर वह एक के बाद एक लोकप्रिय गाने पेश करते और माहौल बना देते थे। मलयालम प्लेबैक सिंगर अफसल ने भी सोशल मीडिया पर निसार को श्रद्धांजलि दी और उन्हें अपना करीबी दोस्त बताया।
निसार वायनाड का अचानक निधन ऐसे समय हुआ जब उनके सामने कई नए कार्यक्रम और संगीत से जुड़े अवसर थे। 44 साल की उम्र में उनका इस तरह चले जाना उनके परिवार, दोस्तों और प्रशंसकों के लिए गहरा सदमा है। दुबई के मलयाली समुदाय में उनकी आवाज और उनकी सहज मौजूदगी को लंबे समय तक याद किया जाएगा।