नई दिल्ली।
सिर पर पहला सफेद बाल दिखाई देना कई लोगों के लिए चिंता का कारण बन जाता है। अक्सर लोग उसे तुरंत तोड़कर हटाने की कोशिश करते हैं ताकि वह दिखाई न दे। लेकिन इसके साथ ही एक आम धारणा भी जुड़ी हुई है कि यदि सफेद बाल को नोच दिया जाए तो उसकी जगह कई और सफेद बाल उग आते हैं। यह मान्यता वर्षों से चली आ रही है, लेकिन क्या वास्तव में ऐसा होता है? विशेषज्ञों और वैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार, इसका जवाब है—नहीं।
विशेषज्ञों के मुताबिक, सफेद बाल को तोड़ने से उसके आसपास के बाल सफेद नहीं होते और न ही उससे अधिक सफेद बाल उगते हैं। इसका कारण यह है कि प्रत्येक बाल एक अलग हेयर फॉलिकल (बाल कूप) से निकलता है और हर फॉलिकल स्वतंत्र रूप से काम करता है।
यदि आप एक सफेद बाल को तोड़ते हैं, तो इसका उसके आसपास के अन्य बालों या उनके फॉलिकल्स पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। यानी एक बाल को हटाने से पास के बालों का रंग नहीं बदलता।
अगर आप सफेद बाल को तोड़ते हैं, तो उसी फॉलिकल से नया बाल फिर से उगेगा। लेकिन वह बाल भी अधिकांश मामलों में सफेद ही होगा। ऐसा इसलिए क्योंकि बालों का रंग मेलानोसाइट्स नामक कोशिकाएं तय करती हैं। ये कोशिकाएं बालों में मेलेनिन नामक रंगद्रव्य बनाती हैं।
जब उम्र बढ़ने या अन्य कारणों से ये कोशिकाएं काम करना बंद कर देती हैं, तो बाल सफेद होने लगते हैं। बाल को तोड़ने से ये कोशिकाएं दोबारा सक्रिय नहीं होतीं, इसलिए नया उगने वाला बाल भी सफेद ही रहता है।
2025 में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, एक सफेद बाल को नोचने से और सफेद बाल नहीं उगते। हालांकि, बार-बार एक ही स्थान से बाल खींचने की आदत नुकसानदायक हो सकती है।
लगातार बाल तोड़ने से बाल कूप का प्राकृतिक जीवन चक्र प्रभावित हो सकता है। इससे रंग बनाने वाली कोशिकाओं को नुकसान पहुंच सकता है और भविष्य में बालों की गुणवत्ता पर भी असर पड़ सकता है।
विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि एक ही जगह से बार-बार बाल खींचने से कई समस्याएं हो सकती हैं, जैसे:
इसके अलावा, नए उगने वाले बालों की बनावट भी पहले जैसी नहीं रह सकती।
यदि सफेद बाल आपको परेशान कर रहे हैं, तो उन्हें बार-बार तोड़ने के बजाय हेयर ट्रिमिंग, हेयर कलर या विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर विकल्प हो सकता है। संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और तनाव नियंत्रण भी समय से पहले बाल सफेद होने की प्रक्रिया को धीमा करने में मदद कर सकते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि सफेद बाल उम्र बढ़ने की एक स्वाभाविक प्रक्रिया है और इसे लेकर अनावश्यक चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।