नई दिल्ली। अच्छी नींद केवल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए ही नहीं, बल्कि गंभीर बीमारियों से बचाव के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। एक नए अध्ययन में संकेत मिला है कि लंबे समय तक नींद की कमी, विशेष रूप से 50 वर्ष से कम आयु के लोगों और महिलाओं में, कैंसर के बढ़ते जोखिम से जुड़ी हो सकती है।
शोधकर्ताओं का कहना है कि दुनिया भर में युवाओं में कुछ प्रकार के कैंसर के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है। अब तक आहार, मोटापा, प्रदूषण और जीवनशैली से जुड़े कारकों का व्यापक अध्ययन किया गया है, लेकिन अब नींद की गुणवत्ता और अवधि को भी एक महत्वपूर्ण जोखिम कारक माना जा रहा है।
शोध में क्या सामने आया?
जर्नल ऑफ द अमेरिकन सोसाइटी ऑफ क्लिनिकल ऑन्कोलॉजी (ASCO) में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, अनिद्रा, अनियमित नींद और खराब नींद की गुणवत्ता जैसी समस्याएं शरीर की क्षतिग्रस्त कोशिकाओं की मरम्मत की क्षमता को प्रभावित कर सकती हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, नींद के दौरान शरीर ऊतकों की मरम्मत, हार्मोन संतुलन और प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रियाएं पूरी करता है। जब नींद बार-बार बाधित होती है, तो ये प्रक्रियाएं प्रभावित हो सकती हैं।अध्ययन में यह भी पाया गया कि नींद की कमी शरीर में सूजन (इन्फ्लेमेशन) बढ़ा सकती है। लंबे समय तक बनी रहने वाली सूजन हृदय रोग, मधुमेह और कई प्रकार के कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से जुड़ी मानी जाती है।
इसके अलावा, अपर्याप्त नींद रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर सकती है, जिससे शरीर के लिए असामान्य कोशिकाओं की पहचान कर उन्हें नष्ट करना कठिन हो जाता है।
युवाओं में बढ़ रही है अनिद्रा
विशेषज्ञों के मुताबिक व्यस्त दिनचर्या, अत्यधिक स्क्रीन टाइम, तनाव, सोशल मीडिया का बढ़ता उपयोग और अनियमित सोने-जागने की आदतों के कारण 20 से 40 वर्ष की आयु के लोगों में अनिद्रा की समस्या तेजी से बढ़ रही है।
महिलाओं पर अधिक असर क्यों?
अध्ययन के निष्कर्ष बताते हैं कि महिलाओं पर नींद की कमी का प्रभाव अधिक गंभीर हो सकता है। मासिक धर्म, गर्भावस्था और रजोनिवृत्ति के दौरान होने वाले हार्मोनल बदलाव उनकी नींद की गुणवत्ता को प्रभावित करते हैं।शोधकर्ताओं का मानना है कि महिलाओं में अनिद्रा और अन्य नींद संबंधी विकार पुरुषों की तुलना में अधिक पाए जाते हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य पर इसका असर भी ज्यादा स्पष्ट दिखाई देता है।
हालांकि अध्ययन यह साबित नहीं करता कि अनिद्रा सीधे कैंसर का कारण बनती है, लेकिन यह नींद और दीर्घकालिक स्वास्थ्य के बीच मजबूत संबंध को रेखांकित करता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और तनाव प्रबंधन की तरह पर्याप्त नींद को भी स्वस्थ जीवन का एक महत्वपूर्ण स्तंभ माना जाना चाहिए। यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक नींद की समस्या बनी रहती है, तो उसे चिकित्सकीय सलाह जरूर लेनी चाहिए।