बासित जरगर/गांदरबल(श्रीनगर)
कश्मीर घाटी के प्रसिद्ध माता खीर भवानी मंदिर में सोमवार सुबह से ही भक्तों का तांता लगा हुआ है। ज्येष्ठ अष्टमी के पावन अवसर पर वार्षिक खीर भवानी मेला शुरू हो गया है। इस साल मेले में रिकॉर्ड तोड़ भीड़ देखने को मिल रही है। भारत ही नहीं बल्कि विदेशों से भी भारी संख्या में कश्मीरी पंडित इस पावन उत्सव में भाग लेने के लिए गांदरबल के तुलमुल्ला पहुंचे हैं।
सुबह की पहली किरण के साथ ही पूरा मंदिर परिसर 'भवानी माता की जय' और भजनों के जयकारों से गूंज उठा। पवित्र झरने और मुख्य मंदिर के आसपास हजारों की संख्या में श्रद्धालु कतारों में खड़े दिखाई दिए। भक्तों ने मां राग्न्या देवी को पारंपरिक रूप से खीर, दूध और चावल अर्पित किए और सुख-समृद्धि की कामना की।

टूट गए पिछले सारे रिकॉर्ड
स्थानीय प्रशासन और प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक इस साल श्रद्धालुओं की संख्या पिछले कई सालों के मुकाबले बहुत ज्यादा है। रविवार रात से ही श्रद्धालुओं का तुलमुल्ला पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। श्रीनगर, जम्मू, दिल्ली और देश के अन्य राज्यों से बसें और निजी गाड़ियां लगातार भक्तों को लेकर यहां पहुंच रही हैं।
दर्शन के लिए कई किलोमीटर लंबी लाइनें देखने को मिलीं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए इस बार विशेष इंतजाम किए गए हैं। स्वयंसेवकों की कई टीमें और सुरक्षाकर्मी लगातार श्रद्धालुओं की मदद कर रहे हैं ताकि बुजुर्गों और बच्चों को दर्शन करने में कोई परेशानी न हो।

कश्मीरियत और आपसी सौहार्द की मिसाल
खीर भवानी मेले की सबसे खूबसूरत तस्वीर तुलमुल्ला के स्थानीय लोगों ने पेश की। घाटी का यह पारंपरिक भाईचारा इस साल भी पूरी शिद्दत के साथ जमीन पर दिखाई दिया। स्थानीय मुस्लिम समुदाय के लोगों ने कश्मीरी पंडित भाइयों के स्वागत में पलकें बिछा दीं।
जगह-जगह स्थानीय मुस्लिमों द्वारा मुफ्त चाय के स्टॉल लगाए गए हैं। कई लोगों ने दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं के लिए पीने के पानी और आराम करने की व्यवस्था की है। स्थानीय निवासी बिलाल अहमद ने बताया कि उनके पूर्वजों ने हमेशा इस मंदिर का सम्मान किया है और इसकी सुरक्षा की है।
In a vibrant display of faith, devotion, and communal harmony, thousands of #KashmiriPandits from #JammuAndKashmir and various parts of the country gathered at the #MataKheerBhawaniTemple in Tulmulla, #Ganderbal, to participate in the annual Mela. @sanjayraina @SrinagarGirl pic.twitter.com/zmLAu3wkwh
— Seher Mirza (@SeherMirzaK) June 22, 2026
उनके लिए खीर भवानी मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि कश्मीर की साझी संस्कृति यानी कश्मीरियत का सबसे बड़ा प्रतीक है।
जम्मू से आए श्रद्धालु रमेश कौल ने भावुक होते हुए कहा कि यह मेला उनके लिए हर साल घर वापसी जैसा होता है। तुलमुल्ला आकर उन्हें कभी परायापन महसूस नहीं होता। यहां के मुस्लिम भाई पानी पिलाने से लेकर रहने-खाने तक में उनकी मदद करते हैं।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम
मेले की संवेदनशीलता और भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी रखी गई है। जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की कई कंपनियों को सुरक्षा में तैनात किया गया है। पूरे मेला क्षेत्र को कई सुरक्षा घेरों में बांटा गया है।

भीड़भाड़ वाले रास्तों और मंदिर परिसर की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरों का जाल बिछाया गया है। इसके साथ ही ड्रोन कैमरों की मदद से आसमान से भी चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है। ट्रैफिक पुलिस ने भी रूट डायवर्जन किया है ताकि भक्तों की गाड़ियों को जाम का सामना न करना पड़े।