आवाज द वाॅयस /नई दिल्ली
केंद्र सरकार ने हज 2027 के लिए अपनी नई नीति जारी कर दी है। केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मंगलवार को हज नीति 2027 की घोषणा करते हुए हज यात्रा के लिए आवेदन प्रक्रिया भी शुरू कर दी। इसके साथ ही देशभर के इच्छुक मुसलमान हज 2027 के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
सरकार का कहना है कि इस बार हज यात्रा को और अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और तकनीक आधारित बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। नई नीति में तीर्थयात्रियों की सहायता के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सेवाओं को भी शामिल करने की तैयारी की गई है।
हज 2027 के लिए आवेदन कैसे करें
हज 2027 के लिए आवेदन हज कमेटी ऑफ इंडिया की आधिकारिक वेबसाइट hajcommittee.gov.in और हज सुविधा ऐप के माध्यम से किया जा सकता है।ऑनलाइन आवेदन व्यवस्था से देश के दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी आसानी होगी। मंत्रालय का कहना है कि डिजिटल प्रक्रिया से आवेदन में होने वाली गलतियां कम होंगी और पारदर्शिता बढ़ेगी।
हज कोटा कितना रहेगा
सरकार के अनुसार हज कोटे का वितरण पहले की तरह ही रहेगा।हज कमेटी ऑफ इंडिया को कुल 1,22,518 सीटें मिलेंगी।निजी हज समूह संचालकों को 52,507 सीटें आवंटित की जाएंगी।इस प्रकार कुल कोटा लगभग 1,75,025 सीटों का रहेगा।हालांकि केंद्र सरकार सऊदी अरब से बातचीत कर भारतीय यात्रियों के लिए अतिरिक्त कोटा हासिल करने का प्रयास भी करेगी।
हज 2026 की सफलता के बाद नई पहल
18 जून 2026 को हुई हज समीक्षा बैठक में हज 2026 की व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई और हज 2027 की रूपरेखा तय की गई।पिछले वर्ष भारतीय हज मिशन ने कई नई सुविधाएं शुरू की थीं। इनमें मीना में सोफा कम बेड, मक्का और मदीना के बीच हाई स्पीड ट्रेन सेवा, होटल जैसी आवास व्यवस्था और 20 दिन का शॉर्ट हज पैकेज शामिल था।इन प्रयासों के लिए भारतीय हज मिशन को सऊदी अरब के हज और उमरा मंत्रालय की ओर से दो प्रतिष्ठित लब्बैतुम अवॉर्ड भी मिले। भारत को पहली बार यह सम्मान प्राप्त हुआ।
हज यात्रियों के लिए क्या बदला
नई नीति में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं।सबसे बड़ा बदलाव हज निरीक्षकों की संख्या बढ़ाने का है।अब एक हज इंस्पेक्टर 150 यात्रियों की जगह 135 यात्रियों की जिम्मेदारी संभालेगा।इससे यात्रियों को मौके पर अधिक सहायता मिलेगी और समस्याओं का तेजी से समाधान हो सकेगा।
वेटिंग लिस्ट वालों को राहत
हर साल बड़ी संख्या में लोग वेटिंग लिस्ट में रह जाते हैं।इस समस्या को देखते हुए सरकार ने नया प्रावधान किया है।हज 2026 की अंतिम प्रतीक्षा सूची में शामिल शीर्ष 20 प्रतिशत आवेदकों को हज 2027 में प्राथमिकता दी जाएगी।मंत्रालय का मानना है कि इससे चयन प्रक्रिया अधिक न्यायसंगत बनेगी।
शॉर्ट हज पैकेज जारी रहेगा
पिछले साल शुरू किया गया शॉर्ट हज पैकेज यात्रियों के बीच काफी लोकप्रिय रहा।इसी कारण इसे हज 2027 में भी जारी रखा गया है।इस बार कोलकाता को नया एम्बार्केशन प्वाइंट बनाया गया है।पूर्वी भारत के यात्रियों की लंबे समय से यह मांग थी।नई व्यवस्था से पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और पूर्वोत्तर राज्यों के यात्रियों को सुविधा मिलेगी।
स्वास्थ्य जांच होगी और सख्त
सऊदी अरब की नई स्वास्थ्य गाइडलाइन के अनुरूप मेडिकल जांच प्रक्रिया को मजबूत किया गया है।गंभीर और पुरानी बीमारियों से ग्रस्त व्यक्तियों की विशेष जांच होगी।जो लोग यात्रा के लिए चिकित्सकीय रूप से उपयुक्त नहीं पाए जाएंगे, उन्हें हज यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी।सरकार का कहना है कि यह कदम यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर उठाया गया है।
हज में एआई का इस्तेमाल कैसे होगा
हज नीति 2027 का सबसे चर्चित पहलू आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग है।सरकार चरणबद्ध तरीके से एआई आधारित सेवाएं शुरू करेगी।इनमें आवेदन पत्रों की जांच, दस्तावेज सत्यापन, उड़ानों की योजना, शिकायत निवारण और तीर्थयात्रियों की सहायता जैसी सुविधाएं शामिल होंगी।मंत्रालय का मानना है कि इससे प्रशासनिक प्रक्रियाएं तेज और अधिक सटीक बनेंगी।
हज यात्रियों को मिलेगा एआई सहायक
नई योजना के तहत यात्रियों के लिए एक विशेष संवादात्मक एआई सहायक विकसित किया जा रहा है।यह हिंदी, उर्दू और कई क्षेत्रीय भाषाओं में काम करेगा।यात्री अपनी भाषा में सवाल पूछ सकेंगे और तुरंत जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
यह सेवा आवेदन भरने, भुगतान की जानकारी लेने, उड़ान विवरण जानने, होटल और सामान संबंधी जानकारी प्राप्त करने तथा शिकायत दर्ज कराने में मदद करेगी।विशेष रूप से पहली बार हज पर जाने वाले और बुजुर्ग यात्रियों को इससे बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
सऊदी के नुसुक प्लेटफॉर्म से होगा जुड़ाव
सरकार भारतीय हज प्रणाली को सऊदी अरब के नुसुक प्लेटफॉर्म से जोड़ने की दिशा में भी काम कर रही है।इससे भारतीय और सऊदी प्रणालियों के बीच बेहतर समन्वय होगा।यात्रियों को वास्तविक समय में अपडेट और सेवाएं मिल सकेंगी।
सरकार ने क्या अपील की
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सभी पात्र नागरिकों से समय सीमा के भीतर आवेदन करने की अपील की है।उन्होंने हज कमेटी ऑफ इंडिया और संबंधित एजेंसियों को पारदर्शी और सुचारु प्रक्रिया सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।सरकार का कहना है कि उसका लक्ष्य प्रत्येक भारतीय हज यात्री को सुरक्षित, सम्मानजनक और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराना है।
Haj Policy 2027 has been announced, paving the way for the Haj pilgrimage process for Indian pilgrims.
— Ministry of Minority Affairs (@MOMAIndia) June 22, 2026
The Haj Committee of India has invited applications from prospective pilgrims for Haj 2027.
Prospective pilgrims can apply for Haj-2027 online through the Haj Committee of… pic.twitter.com/SjT14a1gf2
FAQs
हज 2027 के आवेदन कब शुरू हुए?
हज नीति 2027 की घोषणा के साथ ही आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
हज 2027 के लिए आवेदन कहां करें?
हज कमेटी ऑफ इंडिया की वेबसाइट और हज सुविधा ऐप पर आवेदन किया जा सकता है।
क्या हज कोटा बढ़ सकता है?
सरकार अतिरिक्त कोटा के लिए सऊदी अरब से बातचीत करेगी।
एआई सहायक किन भाषाओं में उपलब्ध होगा?
हिंदी, उर्दू और कई प्रमुख क्षेत्रीय भाषाओं में।
क्या शॉर्ट हज पैकेज जारी रहेगा?
हां, शॉर्ट हज पैकेज हज 2027 में भी उपलब्ध रहेगा।
कोलकाता को क्यों जोड़ा गया है?
पूर्वी भारत के यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए इसे नया एम्बार्केशन प्वाइंट बनाया गया है।