आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
एसकेआईएमएस मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों ने हड़ताल कर रहे चिकित्सा प्रशिक्षुओं को मंगलवार को कारण बताओ नोटिस जारी किया। उनसे 24 घंटे के भीतर यह बताने को कहा गया है कि ड्यूटी से अनुपस्थित रहने के लिए उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों नहीं शुरू की जानी चाहिए।
शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एसकेआईएमएस) मेडिकल कॉलेज, बेमिना के प्राचार्य ने नोटिस में कहा, ‘‘ड्यूटी पर उपस्थित नहीं हो रहे सभी चिकित्सा प्रशिक्षु 24 घंटे के भीतर यह स्पष्ट करें कि नियमों के तहत उनके खिलाफ उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों नहीं की जानी चाहिए। ऐसा नहीं करने पर यह माना जाएगा कि उनके पास बचाव के लिए कोई स्पष्टीकरण नहीं है और मामले में लागू नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।’’
जम्मू-कश्मीर के सभी सरकारी मेडिकल और डेंटल कॉलेज के चिकित्सा प्रशिक्षु पिछले सोमवार से हड़ताल पर हैं। वे अपने मासिक वजीफे को 12,300 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये करने की मांग कर रहे हैं।
नोटिस में कहा गया है कि हड़ताल के कारण अस्पताल में मरीजों की देखभाल और आपातकालीन सेवाएं प्रभावित हुई हैं।
नोटिस में राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा गया है कि यह गंभीर अनुशासनहीनता और पेशेवर कदाचार की श्रेणी में आता है, जिसके तहत इंटर्नशिप में कटौती, अस्थायी निलंबन या यहां तक कि इंटर्नशिप रद्द करने जैसी कार्रवाई की जा सकती है।