Commerce Ministry facilitating export of speciality agricultural products of Northeast: Official
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
वाणिज्य मंत्रालय ने पिछले चार वित्त वर्षों में अमेरिका और ब्रिटेन जैसे 15 से अधिक अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों में तेजपुर लीची और खासी मंदारिन (संतरा) जैसे पूर्वोत्तर के विशिष्ट कृषि उत्पादों के निर्यात को सुगम बनाया है। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि इससे किसानों और निर्यातकों को नए बाजारों तक पहुंचने में मदद मिली है।
मंत्रालय के प्रयासों से इस क्षेत्र के भौगोलिक संकेतक (जीआई) का दर्जा प्राप्त और अन्य कृषि उत्पादों के लिए विदेशी बाजार तैयार हुए हैं। इन उत्पादों में जोहा चावल, तेजपुर लीची, खासी मंदारिन, असम नींबू, कार्बी आंगलोंग अदरक और डल्ले खुर्सानी (मिर्च) शामिल हैं।
अधिकारी ने कहा कि विभिन्न देशों में पहुंचे अन्य उत्पादों में जैविक काली और हरी चाय, प्राकृतिक शहद, अदरक, अनानास, एंथ्यूरियम के फूल तथा ताजा फल और सब्जियां भी हैं।
ये वस्तुएं 15 से अधिक अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों तक पहुंची हैं, जिनमें अमेरिका, ब्रिटेन, इटली, वियतनाम, सिंगापुर, दुबई (यूएई), ताइवान, बांग्लादेश, सोलोमन द्वीप, ओमान, कतर, कुवैत, बहरीन, सऊदी अरब और लंदन शामिल हैं।
मंत्रालय के तहत आने वाले कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) ने इस अवधि के दौरान पूर्वोत्तर में 260 क्षमता निर्माण कार्यक्रमों का आयोजन किया है, जिससे 2,605 हितधारकों को लाभ हुआ है।कि इस घटना का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए।