65% of Delhi children cross busy and major roads alone while going to school: Study
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
दिल्ली में स्कूल जाने वाले लगभग दो-तिहाई किशोर स्कूल जाते समय अकेले ही बड़ी सड़कें पार करते हैं और पैदल चलना ही उनके आने-जाने का मुख्य तरीका है। एक अध्ययन में यह निष्कर्ष निकाला गया है और स्कूल के रास्तों को सुरक्षित बनाने की जरूरत पर जोर दिया गया है।
यह अध्ययन जॉर्ज इंस्टीट्यूट ऑफ ग्लोबल हेल्थ ने दिल्ली में ज्यादा दुर्घटनाओं वाले सड़क के हिस्सों या ‘ब्लैक स्पॉट’ के पास स्थित चार सरकारी स्कूलों में किया था। इसमें 10-19 साल की उम्र के 4,789 छात्र शामिल थे और इसमें भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने सहयोग किया।
‘इंजरी प्रिवेंशन’ नामक जर्नल में प्रकाशित इस अध्ययन में देखा गया कि इस उम्र के किशोर स्कूल कैसे आते-जाते हैं, उन्हें सड़क सुरक्षा संकेतों और सुरक्षा के तरीकों की कितनी समझ है, और रोजाना आने-जाने के दौरान उन्हें किन खतरों का एहसास होता है।
जॉर्ज इंस्टीट्यूट ऑफ ग्लोबल हेल्थ के इंजरी डिवीजन में सार्वजनिक स्वास्थ्य अनुसंधानकर्ता प्रतिष्ठा सिंह के अनुसार, स्कूल आने-जाने के लिए विशेष रूप से लड़कों में पैदल चलना सबसे आम तरीका पाया गया।