आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को हिंदुत्व समर्थक ‘इन्फ्लुएंसर’ स्वतंत्र भारद्वाज को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। यह मामला जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान एक छात्रा के पिता पर कथित हमले समेत अन्य आरोपों से जुड़ा है।
भारद्वाज को शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया गया था। यह कार्रवाई हमले के मामले में भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) द्वारा संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन किए जाने के कुछ घंटे बाद हुई।
कार्रवाई उस साक्षात्कार को लेकर उठे आक्रोश के बाद की गई, जिसमें भारद्वाज ने दावा किया था कि प्रदर्शन के दौरान उसने छात्रा के पिता का ‘‘सिर फोड़ दिया था’’ और अपने राजनीतिक संबंधों के कारण गिरफ्तारी से बच गया था।
शनिवार को हिरासत में लिए जाने के एक दिन बाद, भारद्वाज को न्यायाधीश सौरभ प्रताप सिंह ललर के आवास पर पेश किया गया। न्यायाधीश ने दिल्ली पुलिस की उस याचिका को मंजूर कर लिया जिसमें आरोपी से एक दिन की पुलिस हिरासत में पूछताछ का अनुरोध किया गया था। रविवार को भारद्वाज को एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सौरभ प्रताप सिंह ललर ने अब भारद्वाज की न्यायिक हिरासत 21 सितंबर तक बढ़ा दी है।
भारद्वाज ने साक्षात्कार में कहा था, ‘‘मैंने सिर फोड़ दिया था...क्या आपको पता है कि इस अपराध में कौन-सी धारा लगती है? धारा 307। उसे 60 टांके लगे थे।’’