Notebook makers urge government to impose minimum import price, losses from ASEAN shipments
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
अखिल भारतीय नोटबुक विनिर्माता संघ ने वाणिज्य मंत्रालय से नोटबुक पर न्यूनतम आयात मूल्य (एमआईपी) लगाने का अनुरोध किया है, ताकि आसियान देशों से हो रहे भारी आयात से घरेलू उद्योग की सुरक्षा की जा सके।
वाणिज्य मंत्रालय को भेजे एक पत्र में संघ ने कहा कि जनवरी, 2010 में लागू हुए भारत-आसियान मुक्त व्यापार समझौते के तहत इस उत्पाद पर शून्य सीमा शुल्क लगता है।
आसियान के 10 सदस्य देश इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलिपीन, सिंगापुर, थाइलैंड, ब्रुनेई, वियतनाम, लाओस, म्यांमा और कंबोडिया हैं।
संघ ने कहा, ‘‘आयातित नोटबुक पर एमआईपी लगाने से विदेशी आपूर्तिकर्ता शून्य प्रतिशत बीसीडी (मूल सीमा शुल्क) और शून्य प्रतिशत आईजीएसटी गलियारे का फायदा उठाकर भारतीय सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) को कमजोर नहीं कर सकेंगे।’’
इसमें आगे कहा गया कि तत्काल हस्तक्षेप के बिना, घरेलू विनिर्माताओं को भारी नुकसान का सामना करना पड़ेगा।