Lieutenant Governor Saxena will administer the oath of office to the Chief Justice of the Jammu and Kashmir and Ladakh High Court.
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
अगस्त 2019 में लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद पहली बार लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना नौ सितंबर को न्यायमूर्ति डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी को जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के पद की शपथ दिलाएंगे। उच्च पदस्थ आधिकारिक सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
सूत्रों ने बताया कि शपथ ग्रहण समारोह पूर्वाह्न 11 बजे जम्मू-कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर के कन्वेंशन सेंटर में होगा।
पांच सितंबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधीश भाटी को जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया था। उनकी नियुक्ति उस दिन से प्रभावी होगी, जिस दिन वह अपने पद का कार्यभार संभालेंगे।
वह न्यायमूर्ति संजीव कुमार की जगह लेंगे, जो दो जून से कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के रूप में काम कर रहे हैं।
परंपरागत रूप से, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख उच्च न्यायालय के नवनियुक्त मुख्य न्यायाधीश को पद की शपथ दिलाते हैं। हालांकि, इस बार लद्दाख के उपराज्यपाल सक्सेना को न्यायमूर्ति भाटी को शपथ दिलाने की जिम्मेदारी दी गई है। केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में ऐसा पहली बार होगा।
उच्चतम न्यायालय कॉलेजियम ने 31 अगस्त को जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश पद के लिए न्यायमूर्ति भाटी के नाम की अनुशंसा की थी। न्यायमूर्ति भाटी वरिष्ठ न्यायाधीश हैं और उन्हें न्यायिक क्षेत्र में काफी अनुभव है। उन्हें 16 नवंबर 2016 को न्यायाधीश बनाया गया था।