आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
दिल्ली उच्च न्यायालय ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी के फेसबुक पेज को निलंबित किए जाने को चुनौती देने वाली उनकी याचिका पर मंगलवार को केंद्र और ‘मेटा प्लेटफॉर्म्स’ से जवाब मांगा।
न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने नोटिस जारी कर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और फेसबुक की मालिक कंपनी मेटा प्लेटफॉर्म्स को अपने जवाब दाखिल करने को कहा।
अदालत ने मामले की अगली सुनवाई की तारीख 30 सितंबर तय की और लोकसभा सदस्य को इस स्तर पर कोई अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि वह दूसरे पक्ष को सुने बिना कोई आदेश पारित नहीं करेगी।
सुनवाई के दौरान मेटा प्लेटफॉर्म्स के वकील ने कहा कि सांसद का फेसबुक पेज एक कानून प्रवर्तन एजेंसी के नोटिस के आधार पर हटाया गया था। उन्होंने संबंधित दस्तावेज अदालत के समक्ष पेश करने के लिए समय मांगा।
याचिका में कहा गया कि लोकसभा सदस्य मेहदी एक धार्मिक नेता भी हैं और ‘रूहुल्लाह मेहदी’ नाम से उनका एक फेसबुक पेज है, जिसका इस्तेमाल वह जानकारी साझा करने, अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों से जुड़ने और लोकतांत्रिक संवाद में हिस्सा लेने के प्रमुख माध्यम के रूप में करते हैं।