आवाज द वाॅयस /नई दिल्ली
फुटबॉल की दुनिया के महानतम खिलाड़ियों में शुमार लियोनेल मेसी ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है। 39 वर्षीय मेसी ने सोमवार, 31 अगस्त को अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर भावुक संदेश के जरिए यह घोषणा की। इसके साथ ही अर्जेंटीना की राष्ट्रीय टीम के साथ उनका करीब दो दशक लंबा शानदार सफर समाप्त हो गया।
मेसी ने 2005 में अर्जेंटीना की सीनियर राष्ट्रीय टीम के लिए पदार्पण किया था। दो दशक के इस सफर में उन्होंने देश को 2022 फीफा विश्व कप सहित दो कोपा अमेरिका खिताब दिलाए। वह अर्जेंटीना के लिए रिकॉर्ड 207 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले खिलाड़ी भी हैं।
मेसी ने अपने संदेश में कहा कि राष्ट्रीय टीम से अलग होने का फैसला उनके लिए आसान नहीं था। उन्होंने बताया कि विश्व कप फाइनल के बाद से ही वह इस फैसले पर गंभीरता से विचार कर रहे थे। बाद में उनके पिता जॉर्ज मेसी के निधन ने उन्हें इस फैसले को अंतिम रूप देने के लिए और मजबूर किया।
मेसी ने इंस्टाग्राम पर लिखा कि काफी समय तक इस बारे में सोचने के बाद उन्होंने राष्ट्रीय टीम से संन्यास लेने का फैसला किया है। उन्होंने स्वीकार किया कि यह निर्णय उन्हें गहराई से दुख पहुंचा रहा है, लेकिन अब उन्हें लगता है कि यही सही समय है।
End of an era. 🐐
— The Cinéfreak (@rineeth_PRK) August 31, 2026
Lionel Messi has officially retired from international football after 21 unforgettable years with Argentina.
World Cup Winner 🏆
Copa América champion.
Thank You, Leo ❤️🇦🇷#Messi pic.twitter.com/RSinFWCUhe
अर्जेंटीना की जर्सी के लिए सब कुछ दिया
मेसी ने अपने भावुक संदेश में अर्जेंटीना की जर्सी के साथ अपने रिश्ते को याद किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा देश के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश की। सिर्फ उन वर्षों में नहीं, जब अर्जेंटीना ने लगातार बड़ी सफलताएं हासिल कीं, बल्कि उससे पहले के कठिन दौर में भी उन्होंने पूरी ईमानदारी और मेहनत के साथ देश का प्रतिनिधित्व किया।
उनके अंतरराष्ट्रीय करियर में उतार चढ़ाव दोनों रहे। एक समय ऐसा भी था जब मेसी को अर्जेंटीना के साथ बड़े टूर्नामेंट जीतने में लगातार असफलता का सामना करना पड़ा। उन्हें 2014 विश्व कप के फाइनल में जर्मनी के हाथों हार मिली। इसके बाद भी उन्होंने राष्ट्रीय टीम के लिए खेलना जारी रखा।
आखिरकार उनका सपना 2022 में पूरा हुआ, जब अर्जेंटीना ने कतर में खेले गए विश्व कप के फाइनल में फ्रांस को हराकर विश्व कप अपने नाम किया। मेसी ने इस ऐतिहासिक जीत में अहम भूमिका निभाई और उन्हें टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी भी चुना गया।इसके अलावा उन्होंने अर्जेंटीना को दो बार कोपा अमेरिका का चैंपियन बनाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।
स्पेन से हार बनी अहम मोड़
मेसी के मुताबिक हालिया विश्व कप फाइनल में स्पेन के खिलाफ मिली हार उनके संन्यास के फैसले में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुई। उन्होंने बताया कि फाइनल के दो दिन बाद, 21 जुलाई को ही उन्होंने अपने संन्यास से जुड़ा संदेश लिख लिया था।
उन्होंने कहा कि बाद में अपने पिता के निधन के बाद वह इस फैसले को लेकर पहले से भी अधिक आश्वस्त हो गए।मेसी ने यह भी कहा कि समय तेजी से बीत रहा है और उनके करियर के कई अध्याय अब समाप्त होने की ओर हैं। राष्ट्रीय टीम से विदाई लेना उनके लिए सबसे मुश्किल अध्यायों में से एक है।
Lionel Messi shares an emotional Farewell message in Instagram after retiring from International Football.
— D (@Deb_livnletliv) August 31, 2026
The Little Boy From Rosario, Santa Fe's, Argentina 🇦🇷 Chapter Officially comes to an end 💔 #Messi #GOAT pic.twitter.com/XDiRbYRfWH
नई पीढ़ी को मौका देने की बात
अर्जेंटीना के इस महान खिलाड़ी ने अपनी विदाई के दौरान राष्ट्रीय टीम में उभर रही नई प्रतिभाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अब युवा खिलाड़ियों की एक शानदार पीढ़ी सामने आ रही है और उन्हें अपनी क्षमता साबित करने का मौका मिलना चाहिए।
मेसी ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रीय टीम के लिए अपना सब कुछ दे दिया है और अब उनके पास देने के लिए कुछ और बाकी नहीं है। उन्होंने अर्जेंटीना की जर्सी पहनने को अपने जीवन के सबसे गौरवपूर्ण अनुभवों में से एक बताया।
प्रशंसकों का जताया आभार
मेसी ने अर्जेंटीना के प्रशंसकों को भी भावुक होकर धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि पिछले 20 वर्षों के दौरान जिस तरह प्रशंसकों ने उनका समर्थन किया, उसे वह कभी नहीं भूलेंगे।उन्होंने कहा कि स्टेडियम के अंदर से प्रशंसकों की आवाज सुनना उन्हें बहुत याद आएगा। अब वह मैदान के बाहर से राष्ट्रीय टीम का समर्थन करेंगे। अच्छे समय में भी और मुश्किल दौर में उससे भी ज्यादा मजबूती के साथ।
उन्होंने अपने परिवार, कोच, साथी खिलाड़ियों और टीम से जुड़े अधिकारियों का भी आभार जताया। मेसी ने कहा कि इस लंबे और कठिन सफर में इन सभी लोगों ने उनका साथ दिया और उनके साथ बिताए पल उनके लिए हमेशा यादगार रहेंगे।
गर्व के साथ विदाई
अपने अंतरराष्ट्रीय करियर को याद करते हुए मेसी ने कहा कि वह अर्जेंटीना की टीम से गर्व और संतोष के साथ विदा हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि टीम के साथ मिलकर उन्होंने और उनके साथियों ने ऐसे क्षण देश को दिए, जिनका कभी सिर्फ सपना देखा जाता था।
विश्व कप जीत के साथ मेसी ने वह उपलब्धि हासिल कर ली थी, जिसकी कमी उनके महान करियर में लंबे समय तक महसूस की जाती रही। इस जीत ने उनके अंतरराष्ट्रीय करियर को एक ऐतिहासिक पूर्णता दी।
अपने भावुक संदेश के अंत में मेसी ने अर्जेंटीना के प्रति अपने प्रेम को बेहद खास अंदाज में जाहिर किया। उन्होंने ईश्वर का धन्यवाद करते हुए कहा कि उन्हें अर्जेंटीना का नागरिक और खिलाड़ी बनाया गया।उन्होंने अपने संदेश का अंत “चलो, अर्जेंटीना!” के भावुक नारे के साथ किया।

क्लब फुटबॉल में जारी रहेगा सफर
अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास के बावजूद मेसी का क्लब करियर अभी जारी रहेगा। वह इंटर मियामी के लिए खेलते रहेंगे और उनके साथ उनका अनुबंध 2028 तक है।इस तरह अर्जेंटीना की राष्ट्रीय टीम के साथ 2005 में शुरू हुआ मेसी का शानदार अध्याय अब समाप्त हो गया है। 207 मैच, विश्व कप खिताब, दो कोपा अमेरिका ट्रॉफियां और अनगिनत यादगार प्रदर्शन उनके पीछे हैं।
मेसी की विदाई सिर्फ एक खिलाड़ी का संन्यास नहीं है। यह विश्व फुटबॉल के एक ऐसे युग का अंत है, जिसमें उन्होंने अपनी प्रतिभा, संघर्ष और उपलब्धियों से अर्जेंटीना की फुटबॉल विरासत को हमेशा के लिए बदल दिया।