नेपाल त्रासदी के बाद बंगाल सरकार की प्राथमिकता पहाड़ों में बसे लोगों की सुरक्षा : मुख्यमंत्री

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 08-09-2026
After the Nepal tragedy, the Bengal government's priority is the safety
After the Nepal tragedy, the Bengal government's priority is the safety

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को कहा कि नेपाल त्रासदी के बाद नाजुक हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र के चर्चा में आने के बीच उनकी सरकार पहाड़ी इलाकों के लोगों को प्राकृतिक आपदाओं से बचाने के लिए हर संभव कोशिश करेगी।
 
राज्य सरकार के सचिवालय की यहां स्थित शाखा ‘उत्तरकन्या’ में हुई एक प्रशासनिक बैठक में मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि गोरखालैंड क्षेत्रीय प्रशासन (जीटीए) में भ्रष्टाचार में शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
 
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस शासन के दौरान विभिन्न विभागों और एजेंसियों में संस्थागत भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की जांच के लिए एक-सदस्यीय न्यायिक आयोग का गठन किया है।
 
कलकत्ता उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश बिस्वजीत बसु की अध्यक्षता वाला आयोग कई क्षेत्रों से जुड़े भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच करेगा। इन क्षेत्रों में शिक्षा, खाद्य और आपूर्ति, आपदा राहत, नगर पालिका और पंचायत निकाय, आवास, मत्स्य पालन, उद्योग, लोक निर्माण, भूमि प्रशासन और जीटीए शामिल हैं।
 
खराब मौसम के कारण कालिमपोंग जाते समय शुभेंदु को सिलीगुड़ी लौटना पड़ा। इसके बाद हुई ऑनलाइन बैठक में उन्होंने कहा, ‘‘हम जीटीए घोटाले की पूरी जांच करेंगे। लूटा गया पैसा वापस लाया जाएगा और इसमें संलिप्त लोगों को गिरफ्तार किया जाएगा।’’
 
शुभेंदु ने कहा, ‘‘नेपाल त्रासदी के बाद, बंगाल सरकार की प्राथमिकता पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा करना है। हम पहाड़ी इलाकों के विकास के लिए हर संभव कोशिश करेंगे।’’