शिक्षा और संस्कारों की मिसाल बने गुलाम मोहम्मद लोन

Story by  अर्सला खान | Published by  [email protected] | Date 06-09-2026
Teacher Dedicated to Education and Values: The Inspiring Story of Ghulam Mohammad Lone
Teacher Dedicated to Education and Values: The Inspiring Story of Ghulam Mohammad Lone

 

अर्सला खान/आवाज द वॉयस

श्री गुलाम मोहम्मद लोन, राजनीतिक विज्ञान के व्याख्याता, ने अपने लंबे शिक्षण जीवन में जम्मू-कश्मीर के विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ अनुशासन, जिम्मेदारी और अच्छे संस्कारों की सीख दी। मार्च 2026 में वे राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय (HSS) खैपोरा से सेवानिवृत्त हुए।

सेवानिवृत्ति पर आयोजित हुआ सम्मान समारोह

30 मार्च 2026 को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय (HSS) खैपोरा में दो वरिष्ठ कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति के अवसर पर सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समारोह में राजनीतिक विज्ञान के व्याख्याता श्री गुलाम मोहम्मद लोन और मास्टर मोहम्मद अशरफ मीर की सेवाओं को सम्मान के साथ याद किया गया। विद्यालय परिवार ने दोनों कर्मचारियों के लंबे योगदान और सेवाओं की सराहना की।
 
 
जम्मू-कश्मीर में शिक्षा को बढ़ावा देने पर जोर

गुलाम मोहम्मद लोन ने अपने शिक्षण कार्य के दौरान विद्यार्थियों की शिक्षा को हमेशा प्राथमिकता दी। उनका प्रयास रहा कि जम्मू-कश्मीर के विद्यार्थी बेहतर शिक्षा हासिल करें और अपने भविष्य के लिए सही दिशा चुनें।
 
 
राजनीतिक विज्ञान के शिक्षक के रूप में उन्होंने विद्यार्थियों को संविधान, लोकतंत्र, नागरिक अधिकारों और कर्तव्यों की जानकारी दी। उनका जोर विद्यार्थियों को जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनाने पर रहा।
 
Physical Education और खेलों को भी महत्व

लोन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में Physical Education और खेलों को भी महत्वपूर्ण मानते थे। उनका मानना था कि पढ़ाई के साथ शारीरिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना भी जरूरी है। खेल विद्यार्थियों में अनुशासन, आत्मविश्वास और टीम भावना विकसित करने में मदद करते हैं।
 
 
शिक्षा के साथ संस्कार

लोन ने विद्यार्थियों की पढ़ाई के साथ उनके व्यवहार और नैतिक मूल्यों पर भी ध्यान दिया। अनुशासन, ईमानदारी, जिम्मेदारी और दूसरों का सम्मान जैसे मूल्यों को वे शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते रहे।
 
 
 
30 मार्च 2026 को सेवानिवृत्ति

30 मार्च 2026 को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय खैपोरा में आयोजित समारोह के साथ गुलाम मोहम्मद लोन की लंबी शिक्षण सेवा का औपचारिक रूप से समापन हुआ। वर्षों तक विद्यार्थियों को पढ़ाने और उनका मार्गदर्शन करने वाले लोन की सेवाओं को विद्यालय परिवार ने सम्मान के साथ याद किया।
 
उनकी शिक्षण यात्रा यह संदेश देती है कि शिक्षा के साथ संस्कार, शारीरिक विकास और जिम्मेदारी की भावना भी विद्यार्थियों के भविष्य को मजबूत बनाती है।a