दुबई की अर्थव्यवस्था में तेज  सुधार, कोरोना से बंद रोजगार के दरवाजे जल्द खुलेंगे

Story by  मलिक असगर हाशमी | Published by  [email protected] • 1 Years ago
दुबई की अर्थव्यवस्था में तेज  सुधार
आवाज द वाॅयस /नई दिल्ली

दुबई में दूसरे देश के लोगों के लिए रोजी-रोजगार के दरवाजे फिर से पहले जैसे ही खुल सकते हैं. कोरोना के चलते अरब देशों में बड़ी संख्या में लोगों की नौकरियां चली गई थीं. विशेषकर भारत सहित दूसरे एशियाई देशों के लोग बड़ी संख्या में बेरोजगार हो गए थे. अब उनके लिए अच्छी खबर है.

दुबई की अर्थव्यवस्था कोरोना महामारी के असर से अब उबर रही है. पिछले दस वर्षों में, दुबई में रियल एस्टेट कारोबार फला-फूला है.अक्टूबर में गैर-तेल कारोबार का रिकॉर्ड दो साल का उच्चतम स्तर देखा गया.
दुबई की अर्थव्यवस्था पर ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के हवाले से अमीरात एलियम ने कहा, ‘‘एक्सपो दुबई 2020 आर्थिक स्थिति में सुधार का संकेत दे रहा है.‘‘
 
‘‘दुबई में स्वास्थ्य प्रणाली उत्कृष्ट है,‘‘ रिपोर्ट में कहा गया है. कोरोना वायरस डेल्टा वेरिएंट वेव से बचने के इंतजाम प्रभावी रहे हैं.रिपोर्ट में कहा गया है कि ‘‘यूरोपीय देश कोरोना पीड़ितों की संख्या में वृद्धि का अनुभव कर रहे हैं और उनकी सरकारें सख्त प्रतिबंधों का सहारा ले रही हैं, जबकि दुबई में स्थिति अलग है. यहां अर्थव्यवस्था उम्मीद से अधिक तेजी से ठीक हो रही है.‘‘.
 
पिछले दस वर्षों में, दुबई में रियल एस्टेट व्यवसाय उतना सफल नहीं रहा है जितना अब है. दुबई की सड़कों पर ट्रैफिक जाम असामान्य है, और खाली टैक्सियों का आना मुश्किल है.एक्सपो दुबई को देखने के लिए न केवल राज्य के निवासी बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं, अन्य देशों के पर्यटक भी प्रतिबंधित वातावरण से छुटकारा पाने के लिए एक्सपो दुबई का आनंद लेने के लिए आ रहे हैं.
 
अक्टूबर में दुबई के होटलों में 82 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो एक साल पहले की तुलना में 60 प्रतिशत अधिक है.दूसरी ओर, महामारी की नई लहर ने ऑस्ट्रेलिया और कई यूरोपीय देशों में अशांति पैदा कर दी है.
यूएई अभी भी कोरोना महामारी की एक नई लहर से सुरक्षित है.
report
नब्बे प्रतिशत आबादी को टीका लगाया गया है, जबकि बूस्टर खुराक उन लोगों को दी जा रही है जो वायरस के प्रति अधिक संवेदनशील हैं.ब्लूमबर्ग ने बताया, ‘‘अक्टूबर में दुबई के होटलों में 82 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो एक साल पहले की तुलना में 60 प्रतिशत अधिक है.‘‘
 
‘‘2015 की तुलना में इस साल घर के किराए में तेजी से वृद्धि हुई है. पिछले साल अगस्त की तुलना में इस साल अधिग्रहित घरों की मात्रा में 77 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. यह 2019 की तुलना में 56 प्रतिशत की वृद्धि है. यह उल्लेखनीय है कि भारत सहित दूसरे एशियाई देशों को अरब देशों में निर्माण, पर्यटन, होटल के क्षेत्र में ही अधिक रोजी रोजगार मिलता है. दुबई की आर्थिक हालत सुधरेगी तो  वहां रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ेंगे.