गौशाला मंच पर नफरत रुकी, विक्की दुधवा ने दिया एकता संदेश

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 10-04-2026
Hatred Halted at the Gaushala Platform; Vicky Dudhwa Delivers a Message of Unity.
Hatred Halted at the Gaushala Platform; Vicky Dudhwa Delivers a Message of Unity.

 

मंसूरुद्दीन फरीदी/नई दिल्ली

राजस्थान के सीकर जिले से भाईचारे की एक ऐसी मिसाल सामने आई है जिसने नफरत की राजनीति करने वालों को कड़ा सबक सिखाया है। यह वाकया सीकर के खारा दुधवा गांव का है जहाँ एक गौ रक्षक ने जब मंच से सांप्रदायिक जहर उगलने की कोशिश की तो दूसरे गौ रक्षक ने उसे तुरंत रोक दिया। हजारों की भीड़ के बीच विक्की दुधवा नामक युवक ने जिस शालीनता और निडरता से नफरत को खारिज किया वह आज सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।

यह पूरी घटना 4अप्रैल की है। विक्की दुधवा ने अपने गांव में शहीदों की याद में 'जय प्रकाश किस्वा गौशाला' में एक विशाल जागरण और शोक सभा का आयोजन किया था। इस सभा में आसपास के कई गांवों के हजारों लोग जुटे थे। कार्यक्रम में हरियाणा से आए एक अतिथि ने अपने भाषण के दौरान मुस्लिम समुदाय के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक और भड़काऊ टिप्पणी कर दी। माहौल में कड़वाहट घुलती देख आयोजक विक्की दुधवा ने तुरंत मोर्चा संभाला। उन्होंने माइक हाथ में लिया और भरे मंच से उस अतिथि के विचारों का विरोध किया।

विक्की दुधवा ने दो टूक शब्दों में कहा कि वे ऐसे विचारों से सहमत नहीं हैं। उन्होंने भीड़ से कहा कि यह उस व्यक्ति की अपनी निजी समझ हो सकती है लेकिन उनका दिल ऐसा नहीं मानता। विक्की ने यहाँ तक कह दिया कि अगर कार्यक्रम में इसी तरह की नफरत भरी बातें होंगी तो वे कार्यक्रम को वहीं रद्द कर देंगे।

उन्होंने साफ लहजे में कहा कि जो लोग उनके भाईचारे के संदेश से इत्तेफाक नहीं रखते वे शोक सभा छोड़कर जा सकते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि वे हिंदू मुस्लिम भाईचारे को मानने वाले व्यक्ति हैं और अपने गांव को प्यार व स्नेह से ही चलाना चाहते हैं।

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विक्की के इस साहसिक कदम का असर यह हुआ कि नफरत फैलाने आए लोग बैकफुट पर आ गए। वहां मौजूद हजारों लोगों ने विक्की की बात का समर्थन किया और नफरत के एजेंडे को पूरी तरह नकार दिया। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई।

कुछ लोगों ने विक्की के इस कदम का विरोध भी किया लेकिन एक बहुत बड़े वर्ग ने उन्हें असली नायक बताया। विक्की के सहयोगियों ने भी साफ किया कि मंच पर बुलाए गए मेहमानों का फैसला सामूहिक था लेकिन विक्की ने अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए गलत बात को बर्दाश्त नहीं किया।

इस घटना का एक सबसे खूबसूरत पहलू यह भी सामने आया कि सीकर के इस इलाके में गौ सेवा केवल हिंदुओं तक सीमित नहीं है। स्थानीय लोगों के अनुसार वहां कई मुस्लिम युवा गौशालाओं में दिन रात सेवा करते हैं। विक्की दुधवा और उनके समर्थकों का मानना है कि किसी एक व्यक्ति की गलती को पूरे समाज या धर्म से जोड़ना गलत है। उन्होंने संकल्प लिया कि वे अपने गांव के सांप्रदायिक सौहार्द को किसी भी कीमत पर बिगड़ने नहीं देंगे।

विक्की के समर्थन में क्षेत्र के कई युवा सोशल मीडिया पर खुलकर सामने आए हैं। हरियाणा के झज्जर के रहने वाले राहुल चाहर ने एक वीडियो साझा करते हुए बताया कि वे खुद उस सभा में मौजूद थे। उन्होंने गवाही दी कि खारा दुधवा गांव में हिंदू और मुसलमान मिलकर गौ सेवा करते हैं।

राहुल ने बताया कि वहां एक मुस्लिम भाई दिन रात गांव की सेवा में लगा रहता है। कॉलेज और स्कूलों में पढ़ने वाले कई मुस्लिम बच्चे भी गौशाला के कामों में हाथ बटाते हैं। उन्होंने जावेद भाई का उदाहरण दिया जो तारानगर में फ्लेक्स बनाने का काम करते हैं और उन्होंने शहीदों के फ्लेक्स मुफ्त में सेवा भाव से बनाए थे। राहुल ने याद दिलाया कि उस कार्यक्रम के लिए 135गांवों की मिट्टी आई थी जिसमें मुसलमानों का भी बड़ा योगदान था।

युवाओं का कहना है कि राजस्थान हमेशा से भाईचारे की भूमि रही है और इसे बचाना जरूरी है। राहुल ने सवाल उठाया कि अगर आतंकवादी धर्म पूछकर हत्या करते हैं तो क्या हमें भी वही रास्ता अपनाना चाहिए। उन्होंने देश की बेटी कर्नल सोफिया कुरैशी का उदाहरण देते हुए कहा कि सेना और देश सेवा में भी मुसलमानों का बड़ा योगदान है। उनका मानना है कि हर धर्म में अच्छे और बुरे लोग होते हैं इसलिए पूरे समाज को बदनाम करना ठीक नहीं है।

राहुल प्रलक नाम के एक अन्य युवक ने भी कहा कि गौ रक्षक केवल हिंदू ही नहीं बल्कि स्थानीय मुसलमान भी हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि माहौल खराब करने वाले किसी भी जहर को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उनका एकमात्र उद्देश्य गाय की सेवा करना है और जो भी इस नेक काम में लगा है उसका सम्मान होना चाहिए। उनके अनुसार मुस्लिम समाज और हिंदू समाज का एक साथ खड़े होना ही नफरत फैलाने वालों के लिए सबसे बड़ा जवाब है।

हालांकि इस घटना के बाद विक्की दुधवा को कुछ कट्टरपंथी तत्वों द्वारा धमकाने की खबरें भी आईं। लेकिन विक्की ने हार नहीं मानी। उन्होंने एक और वीडियो जारी कर कहा कि यह उनका अपना गांव है जहाँ लोग साथ खाते पीते और रहते हैं।

उन्होंने साफ किया कि जागरण हो या कोई अन्य सामाजिक कार्य मुस्लिम भाई हमेशा पूरा सहयोग देते हैं। दुधवा गांव के इस युवक के साहस ने यह साबित कर दिया कि अगर नीयत साफ हो तो सांप्रदायिकता के बीज बोने वाले कभी कामयाब नहीं हो सकते। विक्की ने न केवल नफरत को दफनाया बल्कि राजस्थान की साझा संस्कृति और भाईचारे की मिसाल को और भी मजबूत कर दिया।