फीफा विश्व कप 2026: मेस्सी के पास इतिहास रचने का मौका

Story by  मलिक असगर हाशमी | Published by  [email protected] | Date 16-07-2026
FIFA World Cup 2026: Messi has a chance to make history.
FIFA World Cup 2026: Messi has a chance to make history.

 

आवाज द वाॅयस /नई दिल्ली

लियोनेल मेस्सी फुटबॉल जगत का एक ऐसा नाम बन चुके हैं, जिसकी बराबरी करना मुश्किल है। अर्जेंटीना की टीम एक बार फिर इतिहास दोहराने के बेहद करीब पहुंच चुकी है। उनके फैंस की नजरें अब अगले मुकाबले पर टिकी हैं। लियोनेल मेस्सी की कप्तानी में अर्जेंटीना लगातार दूसरी बार फाइनल में जगह बनाने में सफल रहा है।

चार सीजन के भीतर अल्बिसेलेस्टे का यह तीसरा बड़ा फाइनल होने जा रहा है। मेस्सी के शानदार करियर का यह तीसरा विश्व कप फाइनल मुकाबला होगा। आज रात के मैच में भले ही कप्तान के पैर से कोई गोल देखने को नहीं मिला, लेकिन उनके दो जादुई असिस्ट ने मैच का पासा पलट दिया। इन शानदार असिस्ट की बदौलत इस मेगा टूर्नामेंट में उनके कुल असिस्ट की संख्या अब चार पर पहुंच गई है।

इस समय फुटबॉल फैंस के बीच सबसे बड़ी चर्चा गोल्डन बूट को लेकर चल रही है। रेस बेहद रोमांचक मोड़ पर खड़ी है।

गोल्डन बूट की रेस में मेस्सी और म्बाप्पे के बीच कांटे की टक्कर

गोल्डन बूट की रेस इस बार फैंस को रोमांचित कर रही है। अर्जेंटीना के लियोनेल मेस्सी और फ्रांस के स्टार खिलाड़ी किलियन म्बाप्पे दोनों इस समय बराबरी पर चल रहे हैं। दोनों दिग्गज खिलाड़ियों के नाम आठ-आठ गोल दर्ज हैं। हालांकि, इस रेस के नियमों के मुताबिक मेस्सी फिलहाल फ्रांसीसी फारवर्ड से थोड़ा आगे चल रहे हैं।

इसकी सबसे बड़ी वजह असिस्ट की संख्या है। म्बाप्पे के नाम टूर्नामेंट में केवल तीन असिस्ट हैं, जबकि मेस्सी ने चार मौकों पर गोल करने में मदद की है। फीफा के नियमों के अनुसार अगर दो खिलाड़ियों के गोल बराबर होते हैं, तो सबसे पहले असिस्ट की संख्या को देखा जाता है। यही नियम मेस्सी को इस लिस्ट में सबसे ऊपर बनाए हुए है।

टाई होने की स्थिति में फीफा के नियम काफी स्पष्ट हैं। अगर गोल और असिस्ट दोनों बराबर हो जाएं, तो मैदान पर बिताए गए समय को आधार बनाया जाता है। जिस खिलाड़ी ने कम मिनट खेलकर उतने गोल किए होंगे, उसे विजेता घोषित किया जाएगा।

इसके बाद भी अगर बराबरी रहती है, तो पेनल्टी के अलावा ओपन प्ले से किए गए गोलों को गिना जाता है। मेस्सी के लिए यह समीकरण दिलचस्प है। उन्होंने इस सीजन दो पेनल्टी ली थीं, लेकिन विपक्षी टीम के गोलकीपरों ने उनका रास्ता रोक दिया। म्बाप्पे ने पराग्वे के खिलाफ एक पेनल्टी को गोल में बदला था।

टूर्नामेंट के टॉप स्कोरर की मौजूदा स्थिति को इस टेबल के जरिए आसानी से समझा जा सकता है:

खिलाड़ी का नाम देश कुल गोल कुल असिस्ट मैच की स्थिति
लियोनेल मेस्सी अर्जेंटीना 8 4 फाइनल खेलना बाकी
किलियन म्बाप्पे फ्रांस 8 3 तीसरे स्थान का मैच बाकी
एर्लिंग हालैंड नॉर्वे 7 2 टीम बाहर हो चुकी है
जूड बेलिंघम इंग्लैंड 6 1 तीसरे स्थान का मैच बाकी
हैरी केन इंग्लैंड 6 1 तीसरे स्थान का मैच बाकी
औस्मान डेम्बेले फ्रांस 5 2 तीसरे स्थान का मैच बाकी
मिकेल वर्ज़ाबल स्पेन 5 1 फाइनल खेलना बाकी

रविवार को स्पेन के खिलाफ खिताबी जंग और काफू का रिकॉर्ड

अगले रविवार को होने वाला फाइनल मुकाबला फुटबॉल के दीवानों के लिए किसी त्योहार से कम नहीं होगा। अर्जेंटीना का सामना यूरोपीय दिग्गज स्पेन से होने जा रहा है। न्यू जर्सी के मैदान पर होने वाले इस मैच में उतरते ही मेस्सी एक ऐसा अनूठा रिकॉर्ड अपने नाम कर लेंगे, जो फुटबॉल के पूरे इतिहास में सिर्फ एक खिलाड़ी ही कर पाया है। मेस्सी तीन अलग-अलग विश्व कप के फाइनल मैच खेलने वाले दुनिया के दूसरे फुटबॉलर बन जाएंगे। इससे पहले यह कारनामा सिर्फ ब्राजील के महान खिलाड़ी काफू ने किया था।

मेस्सी के इस सफर को देखें तो उन्होंने अपना पहला फाइनल साल 2014 में ब्राजील की धरती पर खेला था। उस समय जर्मनी की टीम ने अतिरिक्त समय में गोल दागकर अर्जेंटीना के फैंस का दिल तोड़ दिया था। वह हार मेस्सी के करियर के सबसे भावुक पलों में से एक थी।

इसके बाद साल 2022 में कतर की धरती पर मेस्सी ने अपनी टीम के साथ जोरदार वापसी की। सऊदी अरब के खिलाफ पहले ही मैच में मिली हार के बाद टीम ने जो रफ्तार पकड़ी, उसे दुनिया देखती रह गई। फ्रांस के खिलाफ खेला गया वह फाइनल मैच सांसें रोक देने वाला था। 3-3 की बराबरी के बाद पेनल्टी शूटआउट में अर्जेंटीना ने खिताब जीता और मेस्सी का सपना पूरा हुआ।

अब 39 वर्ष की उम्र में मेस्सी अपने करियर का एक और फाइनल खेलने के लिए तैयार हैं। ब्राजील के दिग्गज फुलबैक काफू ने 1994, 1998 और 2002 में लगातार तीन फाइनल खेलने का रिकॉर्ड बनाया था। मेस्सी लगातार तीन बार तो नहीं, लेकिन तीन अलग-अलग सीजन के फाइनल में पहुंचकर काफू के क्लब में शामिल होने जा रहे हैं।

स्पेन और अर्जेंटीना के बीच होने वाले इस खिताबी मुकाबले के अलावा शनिवार को फ्रांस और इंग्लैंड के बीच तीसरे स्थान के लिए भी जंग देखने को मिलेगी। इन मैचों के बाद ही साफ हो पाएगा कि इस बार का गोल्डन बूट किस खिलाड़ी के हाथ में जाता है। खेल प्रेमियों के लिए यह हफ्ता फुटबॉल के बेहतरीन रोमांच से भरा होने वाला है।