शेख मोहम्मद का 77वां जन्मदिन आजः भारत और यूएई की बढ़ती नजदीकी

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 15-07-2026
Sheikh Mohammed's 77th birthday today: India and UAE growing closer
Sheikh Mohammed's 77th birthday today: India and UAE growing closer

 

गुलाम कादिर

15 जुलाई का दिन संयुक्त अरब अमीरात यानी यूएई के लिए बहुत खास है। दुबई के लोकप्रिय शासक और यूएई के उपराष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम आज अपना 77वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस खास मौके पर न केवल यूएई बल्कि भारत में भी उनके योगदान को याद किया जा रहा है। इसका सबसे बड़ा कारण भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शेख मोहम्मद के बीच की गहरी व्यक्तिगत दोस्ती है। दोनों नेताओं के बीच के इस भरोसे ने दोनों देशों के रिश्तों को एक ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंचा दिया है।

एक मरुभूमि से वैश्विक महाशक्ति बनने का सफर

शेख मोहम्मद का जन्म 15 जुलाई 1949 को दुबई के ऐतिहासिक शिनदाघा इलाके में हुआ था। वह अपने दादा शेख सईद और पिता शेख राशिद के साए में पले बढ़े। उन्होंने बचपन से ही शासन चलाने के तरीके सीखे। शेख मोहम्मद ने अपनी शुरुआती शिक्षा दुबई में पूरी की। इसके बाद उनके पिता ने उन्हें सैन्य प्रशिक्षण के लिए ब्रिटेन भेजा। वहां उन्होंने मॉन्स ऑफिसर कैडेट स्कूल से पढ़ाई की और बेहतरीन प्रदर्शन के लिए स्वॉर्ड ऑफ ऑनर हासिल किया।

साल 1971 में जब संयुक्त अरब अमीरात का गठन हुआ तो शेख मोहम्मद को सिर्फ 22 साल की उम्र में देश का रक्षा मंत्री बनाया गया। वह दुनिया के सबसे युवा रक्षा मंत्री बने। उन्होंने इस पद पर दशकों तक अपनी सेवाएं दीं।

रक्षा क्षेत्र के साथ साथ शेख मोहम्मद ने दुबई के आर्थिक विकास की नींव रखी। उन्होंने दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट को दुनिया का सबसे बड़ा एविएशन हब बनाने में मुख्य भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व में ही इंटरनेट सिटी, मीडिया सिटी, जेबेल अली पोर्ट और दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बुर्ज खलीफा जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स हकीकत बने। आज दुबई दुनिया का सबसे आधुनिक बिजनेस और टूरिज्म हब माना जाता है।

भारत और यूएई के बीच दोस्ती का नया दौर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के मजबूत आपसी रिश्तों ने द्विपक्षीय संबंधों को एक नए स्तर पर पहुंचाया है। हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच शीर्ष नेताओं की कई ऐतिहासिक यात्राएं हुई हैं। इन यात्राओं ने पुराने व्यापारिक रिश्तों को एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी में बदल दिया है।

इस साझेदारी की सबसे अच्छी बात यह है कि अब इसे अगली पीढ़ी संभाल रही है। अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद और दुबई के क्राउन प्रिंस शेख हमदान की हालिया भारत यात्राएं इस बात का सबूत हैं। यह दिखाता है कि भारत और यूएई की दोस्ती सिर्फ आज की बात नहीं है बल्कि यह आने वाले कल की भी मजबूत बुनियाद है।

आर्थिक तरक्की और नया डिजिटल गलियारा

भारत और यूएई का रिश्ता अब केवल तेल के लेन देन तक सीमित नहीं है। दोनों देशों के बीच आपसी व्यापार अब 100 अरब डॉलर के पार पहुंच चुका है। दोनों देशों ने साल 2032 तक इस व्यापार को 200 अरब डॉलर तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है।

इस आर्थिक प्रगति को नई रफ्तार देने के लिए कई नए कदम उठाए गए हैं:

  • व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता यानी सेपा लागू किया गया है।

  • द्विपक्षीय निवेश संधि पर हस्ताक्षर किए गए हैं जिससे दोनों देशों में पूंजी लगाना आसान हो गया है।

  • यूपीआई और यूएई के आनी पेमेंट सिस्टम को आपस में जोड़ा गया है।

  • दोनों देशों के बीच रुपे कार्ड तकनीक पर आधारित जयवान कार्ड की शुरुआत हुई है।

  • भारत मार्ट और वर्चुअल ट्रेड कॉरिडोर जैसी योजनाएं व्यापार की लागत और समय को कम कर रही हैं।

ये सभी बदलाव दोनों देशों के आम नागरिकों और व्यापारियों की रोजमर्रा की जिंदगी को आसान बना रहे हैं।

शिक्षा और तकनीक में मिलकर बढ़ रहे कदम

भविष्य की जरूरतों को देखते हुए दोनों देश अपनी युवा पीढ़ी को तैयार करने में लगे हैं। इसी के तहत आईआईटी दिल्ली ने अबू धाबी में अपना नया कैंपस शुरू किया है। इसके साथ ही आईआईएम अहमदाबाद ने भी दुबई में कदम रख दिए हैं। इसका सीधा फायदा दोनों देशों के छात्रों को मिलेगा जो आने वाले समय में नई तकनीकों और प्रबंधन के क्षेत्र में मिलकर काम कर सकेंगे। रक्षा क्षेत्र में भी दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी मजबूत हो रही है जो इस पूरे क्षेत्र की शांति और सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।

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चार मिलियन कहानियों से जुड़ा अटूट रिश्ता

कागजी समझौतों और सरकारी बैठकों से बहुत पहले दोनों देशों के लोग आपस में जुड़ चुके थे। आज यूएई में 40 लाख से ज्यादा भारतीय प्रवासी रहते हैं। यह प्रवासी समुदाय दोनों देशों के बीच के मजबूत रिश्ते की असली आत्मा है। इन्होंने यूएई के विकास में अपना खून पसीना बहाया है और साथ ही भारत की तरक्की में भी योगदान दे रहे हैं।

अबू धाबी में बने बीएपीएस हिंदू मंदिर का उद्घाटन दोनों देशों के आपसी सम्मान का सबसे बड़ा प्रतीक है। इसके साथ ही अबू धाबी में हाउस ऑफ इंडिया की स्थापना की घोषणा ने दोनों देशों के सांस्कृतिक रिश्तों को और गहरा कर दिया है।

शेख मोहम्मद के 77वें जन्मदिन पर पूरी दुनिया उनके इस सफर को सलाम कर रही है। भारत और यूएई मिलकर न केवल अपने आज को बेहतर बना रहे हैं बल्कि आने वाले कल की दिशा भी तय कर रहे हैं।