खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में मोन्डो ट्रैक का उद्घाटन किया

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 29-08-2025
Sports Minister Mansukh Mandaviya inaugurated the Mondo Track at Jawaharlal Nehru Stadium
Sports Minister Mansukh Mandaviya inaugurated the Mondo Track at Jawaharlal Nehru Stadium

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में भारत के पहले मोन्डो ट्रैक का शुक्रवार को उद्घाटन किया जहां 26 सितंबर से पांच अक्टूबर तक विश्व पैरा-एथलेटिक्स चैंपियनशिप का आयोजन होगा.
 
भारत इसके साथ ही भारत दुनिया का 25वां देश बन गया जहां इस तरह का ट्रैक बनाया गया है। इस ट्रैक का इस्तेमाल ओलंपिक सहित दुनिया के बड़े एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं में होता है.
 
इस उद्घाटन समारोह में विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने वाली पूर्व लंबी कूद खिलाड़ी अंजू बॉबी जॉर्ज, दो बार के पैरालंपिक चैंपियन और भारतीय पैरालंपिक समिति के अध्यक्ष देवेंद्र झाझडिया और पैरालंपिक पदक विजेता भाला फेंक खिलाड़ी सुमित अंतिल, फर्राटा धाविका प्रीति पाल और सिमरन शर्मा भी मौजूद थे.
 
इस ट्रैक का निर्माण दो-परत वाले वल्केनाइज्ड रबर से होता है। यह खिलाड़ियों को फिसलने से बचाने के साथ उनके प्रदर्शन को बेहतर करने में मददगार होता है। यह ट्रैक खिलाड़ियों के चोट लगने के जोखिम को काफी कम करता है.
 
मांडविया ने कहा कि यह सुविधा भारतीय खेल के लिए नए रास्ते खोलेगी.
 
उन्होंने इस मौके पर कहा, ‘‘यह देश के लिए एक बहुत बड़ा क्षण है और हम सभी को आज इस बात पर गर्व है कि भारत के पास अब अपना मोन्डो ट्रैक है। आने वाले महीनों में यह अपनी पहली प्रतियोगिता की मेजबानी करेगा और भारत अब 2030 राष्ट्रमंडल खेलों और 2036 ओलंपिक के लिए औपचारिक रूप से बोली लगाएगा और उम्मीद है कि इसे हरी झंडी मिल जाएगी.’’
 
मंत्री ने भारतीय खेल के लिए सरकार के दीर्घकालिक दृष्टिकोण को दोहराया.
 
उन्होंने कहा, ‘‘हमारा लक्ष्य 2047 तक भारत को एक खेल महाशक्ति बनाना है, उन्होंने प्रतिभा को निखारने और बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए रोडमैप (खाका) पर जोर दिया.
 
झाझडिया ने मोन्डो ट्रैक के निर्माण पर अपनी खुशी व्यक्त की.
 
उन्होंने कहा, ‘‘ मैं एक खिलाड़ी के रूप में मैं हमेशा मोन्डो ट्रैक पर भाला फेंकना चाहता था, लेकिन आज एक प्रशासक के रूप में इस ट्रैक का आखिरकार उद्घाटन होते देख मुझे गर्व महसूस हो रहा है। यह भारतीय एथलीटों को ही आगे बढ़ने में मदद करेगा..