आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
अनुभवी पिस्टल निशानेबाज गुरप्रीत सिंह ने लगातार दूसरे दिन शानदार प्रदर्शन करते हुए एशियाई निशानेबाजी चैंपियनशिप के अंतिम दिन शुक्रवार को 25 मीटर सेंटर फायर स्पर्धा में भारत को टीम स्पर्धा का स्वर्ण पदक दिलाया.
सेना के इस 37 वर्षीय निशानेबाज ने राजकंवर सिंह संधू और अंकुर गोयल के साथ मिलकर सेंटर फायर पिस्टल में 1733 अंकों के कुल स्कोर के साथ एक और बड़ी जीत हासिल की, जिससे भारत ने महाद्वीपीय प्रतियोगिता में गैर-ओलंपिक स्पर्धाओं में अपना दबदबा कायम किया.
उन्होंने इस से पहले बृहस्पतिवार को 25 मीटर स्टैंडर्ड पिस्टल व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण जीतने और टीम वर्ग में भी देश को शीर्ष पोडियम स्थान दिलाने में मदद की थी.
रियो ओलंपिक (2016) खेलों में रैपिड-फायर पिस्टल फाइनल में जगह बनाने के करीब पहुंच चुके इस ओलंपिक खिलाड़ी का प्रिसिशन और रैपिड चरण का संयुक्त स्कोर 579 था। गुरप्रीत, संधू (583) और अंकुर (571) की तिकड़ी ने 1733 अंक के साथ दबदबा बनाते हुए टीम स्पर्धा का स्वर्ण पदक हासिल किया।
वियतनाम (1720) और ईरान (1700) ने इस स्पर्धा में क्रमश: रजत और कांस्य पदक जीता.
युवा भारतीय निशानेबाज मानिनी कौशिक ने महिलाओं की 50 मीटर राइफल प्रोन स्पर्धा में कांस्य पदक हासिल करने के साथ ही टीम स्पर्धा में रजत पदक जीतने में भी अहम भूमिका निभाई.
मानिनी का व्यक्तिगत स्पर्धा में यह पहला अंतरराष्ट्रीय पदक है.
जयपुर की 24 साल की इस निशानेबाज ने 617.8 के स्कोर के साथ व्यक्तिगत कांस्य पदक जीता। दक्षिण कोरिया की हाना इम (620.2) और यूनसेओ ली (620.2) ने क्रमशः स्वर्ण और रजत पदक जीते.