चेन्नई
प्रो कबड्डी लीग (PKL) का 12वां सीज़न आज यानी शुक्रवार, 29 अगस्त को विशाखापत्तनम में शुरू हो रहा है। इस सीज़न की शुरुआत तेलुगू टाइटंस और तमिल थलाइवाज़ के बीच मुकाबले से होगी। लीग के इतिहास में अब तक रेडर्स को सबसे ज़्यादा सुर्खियां मिलती रही हैं, लेकिन अगर गहराई से देखा जाए तो कबड्डी की असली ताकत डिफेंडर्स में छिपी होती है। वही डिफेंडर्स जो चुपचाप हर मैच में मोर्चा संभालते हैं और विरोधी टीम की रणनीति को विफल करते हैं।
PKL की शुरुआत के बाद से कुछ ऐसे डिफेंडर्स सामने आए हैं जिन्होंने लगातार प्रदर्शन करके न सिर्फ अपनी टीमों को मज़बूती दी, बल्कि लीग के इतिहास में अपना नाम भी दर्ज कराया।
इनमें सबसे पहला नाम आता है ईरान के फज़ल अत्राचली का। फज़ल ने दूसरे सीज़न से हर सीज़न में भाग लिया है और आज तक कुल 188 मैचों में 545 टैकल पॉइंट्स हासिल किए हैं। वे PKL इतिहास के सबसे सफल डिफेंडर हैं और भारत में भी एक घर-घर पहचाना नाम बन चुके हैं।
दूसरे स्थान पर हैं सुरजीत सिंह, जिन्होंने 171 मैचों में 443 टैकल पॉइंट्स बनाए हैं। उनके टैकल्स की टाइमिंग और ताकत उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाती है। तीसरे नंबर पर हैं नितेश कुमार, जो युवा होते हुए भी 150 मैचों में 409 टैकल पॉइंट्स ले चुके हैं। उनके डिफेंस में स्थिरता और अनुशासन उन्हें एक भरोसेमंद खिलाड़ी बनाता है।
मंजीत छिल्लर, जो कि लीग के शुरुआती सीज़न से ही एक बड़ा नाम रहे हैं, 132 मैचों में 391 टैकल पॉइंट्स के साथ चौथे स्थान पर हैं। वहीं, जयपुर पिंक पैंथर्स को खिताब जिताने वाले कप्तान सुनील कुमार 160 मैचों में 390 टैकल पॉइंट्स लेकर पांचवें स्थान पर हैं।
इस बार का सीज़न थोड़ा खास है क्योंकि इसमें लीग चरण को और लंबा किया गया है और प्लेऑफ फॉर्मेट में भी बदलाव किया गया है, जिससे रोमांच और बढ़ने वाला है।
पिछले सीज़न में हरियाणा स्टीलर्स ने अपने इतिहास का पहला खिताब जीता था, जब उन्होंने फाइनल में पटना पाइरेट्स को 32-23 से हराया था। उस फाइनल में शिवम पाटारे, मोहम्मदरेज़ा शादलूई और विनय की भूमिका अहम रही थी।
जहां तक रेडर्स की बात है, तो पिछले सीज़न के टॉप स्कोरर रहे पटना पाइरेट्स के देवांक दलाल, जिन्होंने 25 मैचों में 301 रेड पॉइंट्स बनाए। उनके बाद दबंग दिल्ली के आशु मलिक ने 262 पॉइंट्स और जयपुर के अर्जुन देशवाल ने 227 पॉइंट्स जुटाए। टॉप 5 रेडर्स की सूची में यू मुम्बा के अजीत चौहान (185) और पटना के अयान लोछब (184) भी शामिल रहे।
अगर हम PKL के इतिहास की बात करें तो पर्दीप नरवाल अब तक के सबसे सफल रेडर हैं, जिन्होंने 190 मैचों में कुल 1801 रेड पॉइंट्स बनाए हैं। उनका औसत 9.49 पॉइंट्स प्रति मैच है।
उनके बाद मनींदर सिंह (1528), पवन सहरावत (1318), अर्जुन देशवाल (1174) और नवीन कुमार (1102) जैसे नाम आते हैं, जिनका रेडिंग औसत 10 से ऊपर है, जो उनकी निरंतरता और प्रभावशीलता को दर्शाता है।
सीज़न 12 के साथ एक बार फिर से कबड्डी प्रेमियों की धड़कनें तेज़ हो गई हैं। रेडर्स जहां अपनी सुपर रेड्स से दर्शकों को रोमांचित करेंगे, वहीं डिफेंडर्स अपने टैकल्स से मैच का रुख पलट सकते हैं।
हालांकि हमेशा रेडर्स को ही स्टार माना गया है, लेकिन इस खेल की असली नींव डिफेंस ही है। यही वजह है कि फज़ल अत्राचली, सुरजीत सिंह, नितेश कुमार, मंजीत छिल्लर और सुनील कुमार जैसे डिफेंडर्स ने यह साबित कर दिया है कि जीत केवल रेड से नहीं, बल्कि मज़बूत डिफेंस से भी आती है।
इस बार उम्मीद की जा रही है कि डिफेंडर्स को भी उतनी ही सराहना मिलेगी, जितनी अब तक रेडर्स को मिलती रही है – क्योंकि मैदान पर खामोशी से लड़ा जाने वाला यह युद्ध ही असली कबड्डी का दिल है।