मक्का में खुला पैगंबर की जीवनी पर आधारित संग्रहालय

Story by  मलिक असगर हाशमी | Published by  [email protected] | Date 29-08-2025
Museum based on Prophet's biography opened in Mecca
Museum based on Prophet's biography opened in Mecca

 

आवाज द वाॅयस/ मक्का

मक्का क्षेत्र के उपराज्यपाल, शहज़ादा सऊद बिन मिशाल बिन अब्दुलअज़ीज़ ने मक्का के प्रतिष्ठित क्लॉक टॉवर में पैगंबर मोहम्मद (स.अ.) की जीवनी और इस्लामी सभ्यता पर आधारित अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी और संग्रहालय का औपचारिक उद्घाटन किया. यह ऐतिहासिक पहल मुस्लिम वर्ल्ड लीग (MWL) के तत्वावधान और मक्का नगर तथा पवित्र स्थलों के शाही आयोग के सहयोग से आयोजित की गई है. यह प्रदर्शनी इस्लामी इतिहास को तकनीकी नवाचारों के माध्यम से जीवंत करती है और आगंतुकों को एक आध्यात्मिक तथा शैक्षिक यात्रा पर आमंत्रित करती है.

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यह संग्रहालय न केवल मक्का आने वाले तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के लिए एक ऐतिहासिक अनुभव प्रस्तुत करता है, बल्कि यह इस्लामिक विरासत को आधुनिक माध्यमों के ज़रिए जन-जन तक पहुँचाने का अद्वितीय प्रयास है.

उद्घाटन समारोह के दौरान शहज़ादा सऊद ने प्रदर्शनी के विभिन्न डिजिटल और इंटरएक्टिव खंडों का दौरा किया, जिनमें 'पैगंबर का कमरा' (Prophet’s Chamber), 'पैगंबर की चिकित्सा' (Prophetic Medicine), और 'हिजरत मार्ग की झलक' (Hijrah Route Replica) प्रमुख रहे.

इस संग्रहालय का सबसे प्रमुख आकर्षण "एथाफ" (Ethaf) डिजिटल मंच है, जो एक बहुभाषी वैज्ञानिक पुस्तकालय और विश्वकोश है. यह मंच दुनिया की प्रमुख भाषाओं में उपलब्ध है और पैगंबर मोहम्मद (स.अ.) की जीवनी से संबंधित सटीक, प्रमाणिक और शोधपरक जानकारी प्रदान करता है. यह सऊदी अरब के डिजिटल परिवर्तन के लक्ष्यों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

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प्रदर्शनी का एक विशेष खंड “पैगंबर जैसे कि आप उनके साथ हों” (The Prophet as if You Were with Him) शीर्षक से है, जिसमें मक्का, मदीना और हिजरत के रास्ते के ऐतिहासिक दृश्य अत्याधुनिक दृश्यमान तकनीकों के ज़रिए प्रस्तुत किए गए हैं. इसके अतिरिक्त, पैगंबर के दैनिक जीवन, उनकी पारिवारिक और सामाजिक जिम्मेदारियों, और उनके नैतिक मूल्यों को इंटरएक्टिव माध्यमों से दर्शाया गया है.

राजकीय आयोग के CEO, इंजीनियर सालेह बिन इब्राहीम अल-रशीद ने शहज़ादा सऊद को इस ऐतिहासिक परियोजना में रुचि लेने और समर्थन देने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया.

उन्होंने बताया कि यह संग्रहालय न केवल इस्लामी इतिहास को सहेजने और प्रसारित करने का कार्य करेगा, बल्कि यह नई पीढ़ियों को इस्लामिक सभ्यता के मूल्यों और शिक्षा से जोड़ने का एक माध्यम भी बनेगा.

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मक्का क्लॉक टॉवर में स्थित यह संग्रहालय हर दिन सुबह 8:00 बजे से रात 10:30 बजे तक खुला रहता है. यह स्थान अल मस्जिद अल हराम (हरम शरीफ) के निकट है, जिससे तीर्थयात्रियों के लिए यह एक आदर्श सांस्कृतिक स्थल बन जाता है.

प्रवेश शुल्क की जानकारी:

  • प्रति व्यक्ति प्रवेश शुल्क: 70 सऊदी रियाल

  • 7 से 15 वर्ष के बच्चों के लिए: 56 सऊदी रियाल

  • 7 वर्ष से कम आयु के बच्चों और विकलांग व्यक्तियों के लिए: नि:शुल्क प्रवेश

इस संग्रहालय में सऊदी अरब द्वारा हरम शरीफ, कुरान और सुन्नत की सेवा में किए गए प्रयासों को भी समर्पित एक स्थायी प्रदर्शनी लगाई गई है. यह संग्रह न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह इस्लामी संस्कृति, विज्ञान और सभ्यता के विकास में पैगंबर मोहम्मद (स.अ.) की भूमिका को भी दर्शाता है.

यह पहल मुस्लिम वर्ल्ड लीग और शाही आयोग के संयुक्त प्रयासों से संभव हो पाई है, जो इस्लामी दुनिया में शिक्षा, सांस्कृतिक संरक्षण और आध्यात्मिक जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं. प्रदर्शनी का उद्देश्य है कि न केवल मुस्लिम समुदाय, बल्कि विश्व भर के लोग इस्लाम के संदेश, पैगंबर मोहम्मद (स.अ.) की शिक्षाओं और इस्लामी सभ्यता की गहराई को समझ सकें.

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इस संग्रहालय की यात्रा एक ऐसी आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान करती है, जहां आगंतुक पैगंबर के समय की दुनिया में प्रवेश करते हैं और उनके जीवन की गहराइयों को आधुनिक तकनीकी माध्यमों से महसूस करते हैं.

मक्का की पवित्र भूमि पर स्थित यह संग्रहालय निश्चित रूप से एक ऐतिहासिक, शैक्षिक और आध्यात्मिक मील का पत्थर है, जो इस्लामी विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बनकर उभरेगा.

स्थान: मक्का क्लॉक टॉवर, किंग अब्दुलअज़ीज़ एंडॉवमेंट
समय: प्रतिदिन सुबह 8:00 बजे से रात 10:30 बजे तक
टिकट: ऑनलाइन खरीदें (या मौके पर भी उपलब्ध)

यदि आप मक्का की यात्रा पर हैं या इस्लामी इतिहास में गहरी रुचि रखते हैं, तो यह संग्रहालय अवश्य देखें – यह एक अनुभव है जो जीवन भर स्मरणीय रहेगा.