फीफा विश्व कप 2026: मार्कस रैशफोर्ड ने की विश्व कप इतिहास की बराबरी

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 24-06-2026
FIFA World Cup 2026: Marcus Rashford equals World Cup history record.
FIFA World Cup 2026: Marcus Rashford equals World Cup history record.

 

मैसाचुसेट्स (अमेरिका)।

इंग्लैंड के स्टार फारवर्ड मार्कस रैशफोर्ड ने फीफा विश्व कप 2026 में एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है। घाना के खिलाफ ग्रुप-एल मुकाबले में बतौर स्थानापन्न खिलाड़ी मैदान पर उतरते ही रैशफोर्ड ने विश्व कप इतिहास में दूसरे सबसे अधिक बार सब्स्टीट्यूट के रूप में खेलने वाले खिलाड़ी के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली।

बोस्टन स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में रैशफोर्ड बेंच से मैदान पर उतरे और इसके साथ ही विश्व कप में उनकी स्थानापन्न खिलाड़ी के रूप में उपस्थिति की संख्या नौ हो गई। फीफा के आंकड़ों के अनुसार, अब वह जर्मनी के पूर्व खिलाड़ी ओलिवर न्यूविल के साथ संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं।

विश्व कप इतिहास में सबसे अधिक बार सब्स्टीट्यूट के रूप में खेलने का रिकॉर्ड ब्राजील के डेनिल्सन के नाम है, जिन्होंने 11 बार यह उपलब्धि हासिल की थी।मार्कस रैशफोर्ड ने 1998 और 2002 विश्व कप संस्करणों में कुल 12 मैच खेले हैं, जिनमें एक मुकाबले में वह शुरुआती एकादश का हिस्सा रहे, जबकि 11 बार उन्हें बतौर विकल्प मैदान पर उतारा गया। इन मुकाबलों में उन्होंने कुल 374 मिनट का खेल समय हासिल किया और दो असिस्ट दर्ज किए, हालांकि वह अभी तक विश्व कप में गोल करने में सफल नहीं हुए हैं।

वहीं, इंग्लैंड और घाना के बीच खेला गया ग्रुप-एल मुकाबला गोलरहित बराबरी पर समाप्त हुआ। थॉमस ट्यूशेल की अगुवाई वाली इंग्लैंड टीम को घाना की मजबूत रक्षापंक्ति के सामने संघर्ष करना पड़ा।

क्रोएशिया के खिलाफ 4-2 की शानदार जीत के बाद इंग्लैंड आत्मविश्वास से भरी हुई थी और उसने मैच की शुरुआत से ही गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा। टीम ने लगातार आक्रमण किए, लेकिन घाना की संगठित पांच सदस्यीय रक्षापंक्ति ने इंग्लैंड के सभी प्रयासों को विफल कर दिया।

इंग्लैंड के कप्तान हैरी केन पूरे मैच में काफी हद तक अलग-थलग नजर आए। टीम के रचनात्मक मिडफील्डर भी घाना की मजबूत रक्षा को भेदने में नाकाम रहे। पहले हाफ में इंग्लैंड का कोई भी प्रयास घाना के गोलकीपर बेंजामिन असारे को गंभीर चुनौती नहीं दे सका।

आंकड़ों के अनुसार, यह टूर्नामेंट का पहला ऐसा मुकाबला था, जिसमें पहले हाफ के दौरान किसी भी टीम ने गोलपोस्ट पर एक भी शॉट नहीं लगाया।दूसरे हाफ में इंग्लैंड के कोच थॉमस ट्यूशेल ने आक्रमण को धार देने के लिए कई बदलाव किए। उन्होंने बुकायो साका, मार्कस रैशफोर्ड और एबेरेची एज़े को मैदान पर उतारा। इसके अलावा जूड बेलिंघम को बाहर कर मॉर्गन रोजर्स को मौका दिया गया।

इस मुकाबले के दौरान जूड बेलिंघम ने भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की। मात्र 22 वर्ष और 359 दिन की उम्र में उन्होंने इंग्लैंड के लिए अपना 50वां अंतरराष्ट्रीय मैच खेला और ऐसा करने वाले सबसे युवा पुरुष खिलाड़ी बन गए।

इंग्लैंड मैच के अंतिम क्षणों में जीत के बेहद करीब पहुंच गया था। 87वें मिनट में विकल्प खिलाड़ी निको ओ'राइली का शानदार हेडर क्रॉसबार से टकरा गया। इसके बाद हैरी केन को मिले रीबाउंड अवसर को भी वह गोल में नहीं बदल सके।

इंजरी टाइम में भी घाना की टीम ने गोल लाइन से गेंद हटाकर अपनी टीम को हार से बचा लिया। लगातार दबाव के बावजूद इंग्लैंड गोल नहीं कर सका और मैच 0-0 की बराबरी पर समाप्त हुआ।इस ड्रॉ के बाद इंग्लैंड दो मैचों में चार अंकों के साथ ग्रुप-एल में शीर्ष स्थान पर बना हुआ है, जबकि घाना भी चार अंक हासिल कर दूसरे स्थान पर पहुंच गया है।