आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
अर्जेंटीना पर लियोनेल मेस्सी का जादू सर चढ़कर बोल रहा है जो उत्तरी अमेरिका में खेले जा रहे विश्व कप में अभी तक पांंच गोल करके फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर सर्वाधिक गोल करने का रिकॉर्ड बना चुके हैं।
इससे अर्जेंटीना में हर तरफ एक ही नाम की गूंज हो रही है और स्वाभाविक है कि वह नाम मेस्सी का है। असल में मेस्सी के प्रति अर्जेंटीना का जुनून भव्य रूप ले चुका है। पेटागोनिया के एक दूरस्थ शहर में उनकी 26 मीटर ऊंची प्रतिमा खड़ी है तो ब्यूनस आयर्स के एक उपनगर में 1,300 से अधिक प्रशंसकों द्वारा हस्ताक्षरित एक भित्ति चित्र उस कप्तान का गुणगान करता है जो पूरे देश को एक धागे में पिरोता है।
पैटागोनिया के सुदूर दक्षिणी शहर कुट्रल को के बाहरी इलाके में 70 टन स्टील और लोहे से बनी मेस्सी की 26 मीटर (85 फुट) ऊंची प्रतिमा खड़ी है। यह खिलाड़ी घुटनों के बल बैठा है, उनके पैरों के बीच 2022 में जीती गई विश्व कप ट्रॉफी है और एक हाथ ऊपर उठा हुआ है। मानो वह मार्ग संख्या 22 पर यात्रा कर रहे वाहन चालकों का अभिवादन कर रहा हो।
यहां तक कि पेटागोनिया की तेज हवा भी इस स्मारक को गिरा नहीं सकती, जिसका उद्घाटन 16 जून को अर्जेंटीना के विश्व कप में पहले मैच के दौरान किया गया था, जब टीम ने एक बार फिर मेस्सी के नेतृत्व में शानदार प्रदर्शन किया, जिन्होंने तीन गोल करके अल्जीरिया पर जीत पक्की की।
स्थानीय अधिकारियों और इसे डिजाइन करने वाले मूर्तिकार का कहना है कि यह टीम के कप्तान को समर्पित अब तक की सबसे बड़ी प्रतिमा है। मेस्सी बुधवार को अपना 39वां जन्मदिन मना रहे हैं।
मूर्तिकार 61 वर्षीय एल्डो बेरोइसा ने कहा, ‘‘वह अर्जेंटीना के लिए सबसे बड़े दूत हैं। मेरे लिए एक कलाकार ही नहीं अर्जेंटीना का नागरिक होने के नाते भी यह काफी मायने रखता है।’’