नूरुल हक / अगरतला
त्रिपुरा में सामाजिक एकता और आपसी भाईचारे को मजबूत करने के लिए एक बड़ी पहल की शुरुआत हुई है। अखिल भारतीय मिल्लत परिषद की त्रिपुरा राज्य इकाई ने 'राष्ट्रीय एकजुटता और सद्भाव अभियान' के चौथे चरण का शंखनाद कर दिया है। इस अभियान को 'मेरा पड़ोसी, मेरी पसंदीदा शख्सियत' नाम दिया गया है। अगले एक महीने तक चलने वाले इस विशेष जन जागरूकता कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अलग-अलग धर्मों, जातियों और समुदायों के लोगों के बीच आपसी समझ को बढ़ाना और सामाजिक ताने-बाने को मजबूत करना है।
इस अभियान की औपचारिक शुरुआत शनिवार को अगरतला में आयोजित एक भव्य और गरिमामय समारोह के साथ हुई। कार्यक्रम का उद्घाटन गुवाहाटी उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता और अखिल भारतीय मिल्लत परिषद की केंद्रीय कार्यकारी समिति के सदस्य हाफिज राशिद अहमद चौधरी ने किया। इस दौरान उन्होंने समाज के सभी तबकों से एकजुट होने की अपील की।
पड़ोसियों से रिश्ते सुधारने पर जोर
अखिल भारतीय मिल्लत परिषद की त्रिपुरा राज्य इकाई के उपाध्यक्ष मौलाना अमीन अली अल-जलील ने इस विशेष बैठक की अध्यक्षता की। कार्यक्रम की शुरुआत में त्रिपुरा उच्च न्यायालय के वकील और संगठन के प्रमुख आयोजक एडवोकेट कमल एम. मोसद्दार ने सभी मेहमानों का स्वागत किया। उन्होंने अपने स्वागत भाषण में कहा कि आज के दौर में जमीनी स्तर पर जाकर लोगों को जोड़ना बहुत जरूरी हो गया है।
बैठक में मौजूद विशिष्ट अतिथियों ने राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सद्भाव पर अपनी बात रखी। वक्ताओं ने इस बात पर सबसे ज्यादा जोर दिया कि हमारे जीवन में पड़ोसियों का स्थान सबसे महत्वपूर्ण होता है।
अगर पड़ोसियों के साथ हमारे संबंध सौहार्दपूर्ण और मजबूत रहेंगे तो समाज में किसी भी तरह की नफरत या गलतफहमी के लिए कोई जगह नहीं बचेगी। वर्तमान समय में शांति, एकता और भाईचारे को बनाए रखने के लिए ऐसे जमीनी प्रयास बहुत जरूरी हैं।

आम जनता की भागीदारी जरूरी
मुख्य अतिथि वरिष्ठ वकील हाफ़िज़ राशिद अहमद चौधरी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि देश में एकता और अखंडता बनाए रखने के लिए केवल नीतियां बनाना काफी नहीं है। इसके लिए आम जनता की सक्रिय भागीदारी सबसे ज्यादा जरूरी है। जब तक हर नागरिक अपने पड़ोसी के प्रति सम्मान, करुणा और प्रेम की भावना नहीं रखेगा तब तक एक मजबूत समाज की कल्पना नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि पड़ोसियों के अधिकार और उनके प्रति हमारा कर्तव्य ही समाज में शांति की असली नींव है।
इस कार्यक्रम के दौरान समाज, शिक्षा और कानून के क्षेत्र में लंबे समय तक उत्कृष्ट योगदान देने के लिए हाफ़िज़ राशिद अहमद चौधरी को विशेष रूप से सम्मानित भी किया गया। संगठन की तरफ से उन्हें एक स्मृति चिन्ह, प्रशस्ति पत्र और प्रशंसा पत्र भेंट किया गया।

राष्ट्रीय एकजुटता का संकल्प
सौहार्दपूर्ण और सकारात्मक माहौल में आयोजित इस कार्यक्रम में त्रिपुरा के अलग-अलग क्षेत्रों से आए बुद्धिजीवियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने देश में राष्ट्रीय एकता, अखंडता और सामाजिक सद्भाव स्थापित करने के लिए मिलकर काम करने का सामूहिक संकल्प लिया। पूरे कार्यक्रम का समापन देश में शांति और तरक्की की प्रार्थना के साथ हुआ।