क्या दही सभी के लिए फायदेमंद है? जानिए किन लोगों को रहना चाहिए सावधान

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 09-09-2026
Is yogurt beneficial for everyone? Find out who needs to be cautious.
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नई दिल्ली।

दही भारतीय खानपान का अहम हिस्सा है। इसे भोजन के साथ खाया जाता है। इससे रायता बनाया जाता है और कई लोग इसे अलग से भी खाना पसंद करते हैं। दही में प्रोटीन, कैल्शियम और कई दूसरे पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसलिए इसे आमतौर पर संतुलित आहार का हिस्सा माना जाता है।

हालांकि, दही हर व्यक्ति के लिए एक जैसा फायदेमंद हो, यह जरूरी नहीं है। कुछ लोगों को दही या दूसरे डेयरी उत्पाद खाने के बाद पेट से जुड़ी परेशानी हो सकती है। वहीं, कुछ लोगों को दूध में मौजूद प्रोटीन से एलर्जी हो सकती है।

ऐसे में यह समझना जरूरी है कि किन लोगों को दही खाते समय सावधानी बरतनी चाहिए।

लैक्टोज असहिष्णुता वाले लोग

दूध और अधिकांश डेयरी उत्पादों में लैक्टोज नामक प्राकृतिक शर्करा होती है। शरीर में लैक्टेज एंजाइम इसकी पाचन प्रक्रिया में मदद करता है। जिन लोगों के शरीर में यह एंजाइम पर्याप्त मात्रा में नहीं बनता, उन्हें लैक्टोज पचाने में परेशानी हो सकती है।

दूध की तुलना में कुछ लोगों को दही आसानी से पच जाता है। इसकी एक वजह दही बनाने के दौरान होने वाली किण्वन प्रक्रिया हो सकती है, जिससे लैक्टोज की मात्रा कुछ कम हो जाती है। लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि लैक्टोज असहिष्णुता वाले हर व्यक्ति के लिए दही सुरक्षित या आसानी से पचने वाला होगा।

कुछ लोगों को दही खाने के बाद पेट फूलना, गैस, पेट में ऐंठन या दस्त जैसी शिकायत हो सकती है। इसलिए दही खाने के बाद बार बार ऐसी समस्या होती है तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

दूध से एलर्जी और लैक्टोज असहिष्णुता अलग हैं

दूध से एलर्जी को लैक्टोज असहिष्णुता समझना सही नहीं है। दूध से एलर्जी शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली की प्रतिक्रिया होती है। यह दूध में मौजूद प्रोटीन के कारण हो सकती है।

इस एलर्जी के लक्षण व्यक्ति और उसकी संवेदनशीलता के अनुसार अलग हो सकते हैं। इनमें त्वचा पर पित्ती, सूजन, उल्टी और सांस लेने में परेशानी शामिल हो सकती है। गंभीर मामलों में यह गंभीर एलर्जिक प्रतिक्रिया का कारण भी बन सकती है।

जिन लोगों को दूध से एलर्जी है, उन्हें बिना चिकित्सकीय सलाह के दही या दूसरे डेयरी उत्पादों का सेवन नहीं करना चाहिए। यदि पहले कभी दूध से गंभीर एलर्जी हुई है तो घर पर खुद से दही खाकर इसकी सहनशीलता जांचना उचित नहीं है।

दही का प्रकार भी महत्वपूर्ण है

बाजार में मिलने वाले सभी दही एक जैसे नहीं होते। सादा और बिना चीनी वाला दही आमतौर पर रोजाना खाने के लिए मीठे या फ्लेवर्ड दही की तुलना में बेहतर विकल्प हो सकता है।

फ्लेवर्ड दही में अतिरिक्त चीनी हो सकती है। इससे भोजन में अनावश्यक चीनी और कैलोरी की मात्रा बढ़ सकती है। इसलिए पैकेट वाला दही खरीदते समय पोषण संबंधी जानकारी और सामग्री की सूची जरूर देखनी चाहिए।

अगर सादा दही फीका लगता है तो उसमें ताजे फल, थोड़े मेवे या बीज मिलाए जा सकते हैं। इससे अतिरिक्त चीनी के बिना स्वाद और पोषण दोनों बढ़ाए जा सकते हैं।

दही खाने के बाद परेशानी हो तो क्या करें?

अगर दही खाने के बाद कभी कभार हल्की गैस या पेट फूलने जैसी समस्या होती है तो व्यक्ति अपनी सहनशीलता पर ध्यान दे सकता है। लेकिन यदि यह परेशानी बार बार होती है या लक्षण ज्यादा गंभीर हैं तो डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।

ऐसी समस्या का कारण लैक्टोज असहिष्णुता के अलावा पाचन से जुड़ी कोई दूसरी परेशानी या किसी खाद्य पदार्थ के प्रति संवेदनशीलता भी हो सकती है।

सिर्फ दही खाने के बाद परेशानी होने के आधार पर बिना विशेषज्ञ की सलाह के पूरे डेयरी समूह को आहार से हटाना भी जरूरी नहीं है। ऐसा करने से पहले यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कैल्शियम और प्रोटीन जैसे जरूरी पोषक तत्वों की पूर्ति दूसरे खाद्य स्रोतों से हो रही है।

तो क्या दही सभी के लिए फायदेमंद है?

दही उन लोगों के लिए पौष्टिक भोजन का हिस्सा हो सकता है, जिन्हें डेयरी उत्पादों से परेशानी नहीं होती। इसमें प्रोटीन और कैल्शियम जैसे महत्वपूर्ण पोषक तत्व मिलते हैं। इसे संतुलित भोजन के साथ आसानी से शामिल किया जा सकता है।

लेकिन किसी एक खाद्य पदार्थ को हर व्यक्ति के लिए जरूरी या समान रूप से फायदेमंद मानना सही नहीं है। हर व्यक्ति की पाचन क्षमता, खानपान और पोषण संबंधी जरूरतें अलग होती हैं।

इसलिए दही आपके लिए अच्छा है या नहीं, यह मुख्य रूप से आपकी व्यक्तिगत सहनशीलता और स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करता है।

कितना दही खाना चाहिए?

दही की ऐसी कोई एक निश्चित मात्रा नहीं है जो हर व्यक्ति के लिए सही हो। इसकी मात्रा व्यक्ति की उम्र, खानपान, पोषण संबंधी जरूरतों और डेयरी उत्पादों के प्रति सहनशीलता पर निर्भर कर सकती है।

जो लोग दही आसानी से पचा लेते हैं, वे इसे संतुलित आहार में शामिल कर सकते हैं। दही को सब्जियों, दालों, साबुत अनाज और दूसरे पौष्टिक खाद्य पदार्थों के साथ लिया जा सकता है।

आखिर में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि दही को लेकर कोई एक नियम सभी पर लागू नहीं होता। अगर इसे खाने से आपको कोई परेशानी नहीं होती और यह आपके संतुलित आहार का हिस्सा है, तो दही पोषण का अच्छा स्रोत हो सकता है। वहीं, बार बार पाचन संबंधी समस्या या एलर्जी के लक्षण दिखाई देने पर विशेषज्ञ की सलाह लेना ज्यादा समझदारी है।