दिल की सेहत कैसी है? शरीर के इन 5 संकेतों से लगाएं अंदाजा

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 05-09-2026
How is your heart health? Gauge it from these 5 bodily signs.
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नई दिल्ली

दिल हमारे शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है। इसे स्वस्थ रखने के लिए नियमित व्यायाम, संतुलित खानपान और अच्छी जीवनशैली जरूरी है। हालांकि, केवल शरीर में दिखाई देने वाले संकेतों के आधार पर यह तय नहीं किया जा सकता कि आपका दिल पूरी तरह स्वस्थ है या नहीं। फिर भी कुछ सामान्य संकेत हृदय की सेहत के बारे में उपयोगी जानकारी दे सकते हैं।

अगर अचानक आपकी शारीरिक क्षमता कम होने लगे, सामान्य काम करने पर सांस फूलने लगे या लगातार थकान महसूस हो, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। खासकर सीने में दर्द, सांस लेने में परेशानी या चक्कर जैसे लक्षण दिखाई दें तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

1. सीढ़ियां चढ़ने पर असामान्य रूप से सांस नहीं फूलती

अगर आप सामान्य गति से चल सकते हैं या कुछ सीढ़ियां चढ़ने के बाद बहुत ज्यादा सांस नहीं फूलती, तो यह संकेत हो सकता है कि आपका हृदय, फेफड़े और मांसपेशियां मिलकर ठीक तरह से काम कर रहे हैं।

हालांकि, कठिन व्यायाम या तेज दौड़ के बाद सांस फूलना सामान्य है। चिंता तब होती है जब ऐसे काम करने पर भी सांस फूलने लगे, जो पहले आसानी से किए जा सकते थे।

सांस फूलने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। इनमें शारीरिक निष्क्रियता, एनीमिया, फेफड़ों की बीमारी और हृदय संबंधी समस्याएं शामिल हैं। इसलिए अपनी सामान्य शारीरिक क्षमता में अचानक आए बदलाव को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

2. व्यायाम के बाद दिल की धड़कन धीरे-धीरे सामान्य हो जाती है

व्यायाम के दौरान हृदय की गति बढ़ना स्वाभाविक है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि मांसपेशियों को अधिक ऑक्सीजन वाले रक्त की जरूरत होती है। व्यायाम खत्म होने के बाद शरीर के सामान्य होने के साथ हृदय की धड़कन भी धीरे-धीरे कम होनी चाहिए।

दिल की धड़कन कितनी तेजी से सामान्य होती है, यह व्यक्ति की उम्र, फिटनेस, व्यायाम की तीव्रता और कुछ दवाओं समेत कई चीजों पर निर्भर करता है। कुछ अध्ययनों में व्यायाम के बाद हृदय गति के धीमे सामान्य होने को कम हृदय संबंधी फिटनेस से जोड़ा गया है।

इसके लिए हर समय अपनी नाड़ी जांचते रहने की जरूरत नहीं है। बस यह ध्यान दें कि सामान्य व्यायाम के बाद आपका शरीर कितनी जल्दी अपनी सामान्य स्थिति में लौटता है।

3. बिना असामान्य थकान के सक्रिय रह पाते हैं

स्वस्थ हृदय शरीर की मांसपेशियों तक ऑक्सीजन और जरूरी पोषक तत्व पहुंचाने में अहम भूमिका निभाता है। अगर आप नियमित रूप से पैदल चल सकते हैं, साइकिल चला सकते हैं, तैर सकते हैं या रोजमर्रा के काम बिना असामान्य थकान के कर सकते हैं, तो यह सामान्य तौर पर सकारात्मक संकेत है।

इसके विपरीत, लगातार थकान महसूस होना या अचानक व्यायाम करने की क्षमता कम हो जाना ध्यान देने योग्य है। इसे केवल व्यस्त दिनचर्या या नींद की कमी का परिणाम मानकर छोड़ देना ठीक नहीं है।

हृदय संबंधी समस्याओं में हमेशा सीने में दर्द ही हो, यह जरूरी नहीं। कुछ लोगों में, खासकर महिलाओं में, असामान्य थकान या शारीरिक गतिविधि करने की क्षमता में कमी भी महत्वपूर्ण संकेत हो सकता है।

4. नियमित व्यायाम कर पाना

नियमित शारीरिक गतिविधि दिल को स्वस्थ रखने के सबसे प्रभावी तरीकों में से एक है। तेज चलना, साइकिल चलाना, तैरना और ऐसे अन्य व्यायाम, जिनसे हृदय की गति बढ़ती है, हृदय स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकते हैं।

वयस्कों के लिए हर सप्ताह कम से कम 150 मिनट मध्यम तीव्रता वाली शारीरिक गतिविधि या 75 मिनट तेज गतिविधि करने का लक्ष्य रखा जा सकता है। इसके साथ सप्ताह में कम से कम दो दिन मांसपेशियों को मजबूत करने वाली एक्सरसाइज भी फायदेमंद होती है।

इसके लिए खिलाड़ी होना जरूरी नहीं है। रोजाना तेज कदमों से चलना भी अच्छी शुरुआत हो सकती है। बिना किसी परेशानी के नियमित शारीरिक गतिविधि जारी रख पाना आपकी सामान्य फिटनेस का सकारात्मक संकेत है।

5. रक्तचाप सामान्य सीमा में रहना

सिर्फ शरीर को छूकर यह पता नहीं लगाया जा सकता कि रक्तचाप सामान्य है या बढ़ा हुआ। हाई ब्लड प्रेशर की खास बात यह है कि अक्सर इसके कोई स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते। इसी वजह से इसे कई बार ‘साइलेंट’ जोखिम भी माना जाता है।

नियमित रूप से रक्तचाप की जांच कराने से इसकी स्थिति का पता लगाया जा सकता है। लंबे समय तक बढ़ा हुआ रक्तचाप हृदय और रक्त वाहिकाओं पर दबाव डाल सकता है। इसलिए अगर आपका ब्लड प्रेशर लगातार बढ़ा हुआ आ रहा है, तो केवल इस आधार पर निश्चिंत न हों कि आप खुद को स्वस्थ महसूस कर रहे हैं।

इन संकेतों को नजरअंदाज न करें

सीढ़ियां चढ़ने में परेशानी, व्यायाम के बाद लंबे समय तक दिल की धड़कन तेज रहना, लगातार थकान, शारीरिक क्षमता में अचानक कमी और बढ़ा हुआ रक्तचाप ऐसे संकेत हैं जिन पर ध्यान देना चाहिए।

हालांकि, इनमें से किसी एक संकेत के आधार पर हृदय रोग का निदान नहीं किया जा सकता। अगर कोई लक्षण अचानक सामने आए, लगातार बना रहे या उसके साथ सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ, बेहोशी या चक्कर जैसी समस्या हो, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।