नई दिल्ली
रमज़ान आत्मअनुशासन, इबादत और सामुदायिक मेलजोल का पवित्र महीना है। इस दौरान इफ्तार पार्टियां, रिश्तेदारों से मुलाकात और खास पकवानों का सिलसिला बढ़ जाता है। लेकिन अनियमित खान-पान और कम शारीरिक गतिविधि के कारण वजन बढ़ना, डिहाइड्रेशन, उच्च रक्तचाप और मधुमेह जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं। कुछ सरल और वैज्ञानिक आदतें अपनाकर आप पूरे महीने खुद को ऊर्जावान और स्वस्थ रख सकते हैं।
1. हाइड्रेशन है सबसे जरूरी
इफ्तार से सेहरी के बीच कम से कम 8–10 गिलास पानी जरूर पिएं। तरबूज, खीरा, सूप और हरी सलाद जैसे पानी से भरपूर खाद्य पदार्थ शामिल करें। कैफीनयुक्त पेय—कॉफी, चाय और सॉफ्ट ड्रिंक—कम करें, क्योंकि ये डिहाइड्रेशन बढ़ा सकते हैं और अतिरिक्त कैलोरी भी जोड़ते हैं।
2. इफ्तार की सही शुरुआत
रोज़ा खोलने के लिए तीन खजूर और पानी से शुरुआत करें। खजूर फाइबर और प्राकृतिक शर्करा का अच्छा स्रोत है, जो तुरंत ऊर्जा देता है। इसके बाद संतुलित भोजन लें—जिसमें सब्जियां, साबुत अनाज और प्रोटीन शामिल हों। तले हुए पकवानों की बजाय ग्रिल्ड, बेक्ड या स्टीम्ड विकल्प चुनें।
3. सेहरी हल्की लेकिन पौष्टिक
सेहरी छोड़ना या बहुत भारी भोजन करना दोनों ही नुकसानदायक हैं। साबुत गेहूं की रोटी/ब्रेड, अंडे, दही, ओट्स और फल जैसे जटिल कार्बोहाइड्रेट व प्रोटीन लें। यह दिनभर ऊर्जा बनाए रखने में मदद करता है। खासकर बुजुर्गों, किशोरों, गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए संतुलित सेहरी बेहद जरूरी है।
4. चीनी, नमक और वसा पर नियंत्रण
रमज़ान में मिठाइयों का चलन बढ़ जाता है, लेकिन अत्यधिक चीनी रक्त शर्करा को असंतुलित कर सकती है। नमकीन स्नैक्स, प्रोसेस्ड मीट, अचार और सॉस से बचें। पफ पेस्ट्री, तले स्नैक्स और अधिक मक्खन/मार्जरीन वाले खाद्य पदार्थ सीमित करें। खाना पकाने के लिए तलने की बजाय भाप में पकाना, हल्का सा तेल में सौते करना या बेकिंग बेहतर विकल्प हैं।
5. धीरे खाएं, सक्रिय रहें
इफ्तार के समय जल्दी-जल्दी खाने से ओवरईटिंग और पेट की तकलीफ हो सकती है। आराम से और जरूरत के अनुसार खाएं। शाम के समय हल्की वॉक या हल्की एक्सरसाइज को दिनचर्या में शामिल करें, ताकि मेटाबॉलिज्म सक्रिय रहे।
संतुलित आहार, पर्याप्त पानी और नियमित हल्की गतिविधि के साथ रमज़ान को आध्यात्मिक ही नहीं, शारीरिक रूप से भी लाभकारी बनाया जा सकता है। सही खान-पान अपनाकर आप वजन, ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रण में रखते हुए इस पवित्र महीने का आनंद उठा सकते हैं।





