नई दिल्ली।
सफेद चावल भारतीय रसोई का अहम हिस्सा है। दाल, सब्जी या करी के साथ इसकी थाली अधूरी सी लगती है। लेकिन अक्सर लोगों के मन में सवाल उठता है कि क्या सफेद चावल खाने से वजन बढ़ता है?पोषण विशेषज्ञों का साफ कहना है कि केवल सफेद चावल खाने से वजन नहीं बढ़ता। वजन बढ़ने का मुख्य कारण है जरूरत से ज्यादा कैलोरी लेना और कम शारीरिक गतिविधि। जब शरीर जितनी कैलोरी खर्च करता है उससे ज्यादा कैलोरी ली जाती है, तब वजन बढ़ता है।
सफेद चावल एक रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट है और इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स ज्यादा होता है। इसका मतलब है कि यह जल्दी पचता है और ब्लड शुगर तेजी से बढ़ा सकता है। अगर इसे बहुत अधिक मात्रा में और बिना प्रोटीन या फाइबर के बार बार खाया जाए तो शरीर में चर्बी जमा हो सकती है, खासकर पेट के आसपास।
हालांकि संतुलित मात्रा में और सही संयोजन के साथ खाया गया चावल नुकसानदायक नहीं है। 2019 में जापान के दोशिशा महिला लिबरल आर्ट्स कॉलेज के शोधकर्ताओं ने यूरोपियन ओबेसिटी कांग्रेस में एक अध्ययन पेश किया। इसमें पाया गया कि जिन देशों में चावल मुख्य भोजन है वहां मोटापे की दर अपेक्षाकृत कम है।
उदाहरण के लिए जापान में मोटापे की दर काफी कम है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों के अनुसार वहां मोटापे का प्रतिशत लगभग 4.3 है। वहीं संयुक्त राज्य अमेरिका में यह आंकड़ा काफी ज्यादा है। रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र के मुताबिक अमेरिका में लगभग 39.8 प्रतिशत लोग मोटापे से ग्रस्त हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि एशियाई पारंपरिक भोजन शैली, जिसमें चावल के साथ सब्जियां, मछली, दाल और सीमित मात्रा में वसा शामिल होती है, वजन नियंत्रित रखने में मदद कर सकती है।
अगर आप रोज चावल खाते हैं तो भी वजन कम करना संभव है। जरूरी है कि उसकी मात्रा नियंत्रित हो। प्लेट का आधा हिस्सा सब्जियों से भरें, पर्याप्त प्रोटीन लें और तले भुने व अत्यधिक प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों से बचें।
अंत में बात संतुलन की है। सफेद चावल दुश्मन नहीं है। असली फर्क आपकी कुल कैलोरी, जीवनशैली और खाने के तरीके से पड़ता है।





