रमजान में फैट घटाएं, मसल्स बचाएं: डाइट और वर्कआउट से पाएं बेहतर बॉडी

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 24-02-2026
Lose fat, save muscle this Ramadan: Achieve better body composition with the right diet and workouts
Lose fat, save muscle this Ramadan: Achieve better body composition with the right diet and workouts

 

आवाज द वाॅयस/ नई दिल्ली

रमजान के दौरान रोज़े रखने से खाने-पीने और वर्कआउट का पूरा शेड्यूल बदल जाता है। ऐसे में गंभीर फिटनेस लक्ष्य रखने वाले लोगों के लिए सबसे बड़ा चैलेंज होता है,चर्बी कम करना लेकिन मसल्स को सुरक्षित रखना। अगर सही रणनीति अपनाई जाए तो रमजान बॉडी कंपोजिशन सुधारने का बेहतरीन मौका साबित हो सकता है।

सबसे अहम बात यह है कि वजन घटाना और मसल्स खोना अलग-अलग चीजें हैं। जब आप बहुत ज्यादा कैलोरी कम कर देते हैं, प्रोटीन की अनदेखी करते हैं या स्ट्रेंथ ट्रेनिंग छोड़ देते हैं, तो शरीर ऊर्जा के लिए मसल्स तोड़ना शुरू कर देता है। इसलिए लक्ष्य होना चाहिए हल्का कैलोरी डेफिसिट, पर्याप्त प्रोटीन और नियमित वेट ट्रेनिंग।

सहरी और इफ्तार में उच्च गुणवत्ता वाला प्रोटीन जरूर शामिल करें। अंडे, चिकन ब्रेस्ट, मछली, दही, दालें, चने और प्रोटीन शेक मसल्स रिकवरी में मदद करते हैं। कोशिश करें कि सारा प्रोटीन एक समय में लेने के बजाय सहरी और इफ्तार में बांट लें, ताकि मसल्स रिपेयर बेहतर हो सके।

रमजान क्रैश डाइट का महीना नहीं है। अत्यधिक कम कैलोरी लेने से मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ सकता है और थकान बढ़ सकती है। संतुलित कैलोरी डेफिसिट रखें—इतना कि फैट कम हो लेकिन मसल्स सुरक्षित रहें।

सहरी में कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट जैसे ओट्स, ब्राउन राइस और मल्टीग्रेन रोटी शामिल करें। ये लंबी अवधि तक ऊर्जा देते हैं और रोज़े के दौरान मसल्स थकान कम करते हैं। इफ्तार में तली हुई और अत्यधिक मीठी चीजों से बचें, क्योंकि ये इंसुलिन स्पाइक के जरिए फैट स्टोरेज बढ़ा सकती हैं।

हेल्दी फैट भी जरूरी है। बादाम, अखरोट, जैतून का तेल और एवोकाडो जैसे स्रोत हार्मोन संतुलन में मदद करते हैं, खासकर टेस्टोस्टेरोन को सपोर्ट करते हैं जो मसल्स बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है।

डिहाइड्रेशन से बचना बेहद जरूरी है। इफ्तार से सहरी तक पानी एक साथ ज्यादा मात्रा में पीने के बजाय अंतराल में पिएं। जरूरत हो तो वर्कआउट के बाद इलेक्ट्रोलाइट्स ले सकते हैं।

वर्कआउट का सही समय या तो इफ्तार से 45-60 मिनट पहले है, ताकि तुरंत बाद पोषण मिल सके, या फिर इफ्तार के 1-2 घंटे बाद जब शरीर हाइड्रेटेड हो। स्क्वैट्स, डेडलिफ्ट, पुश-अप्स और पुल-अप्स जैसी कंपाउंड एक्सरसाइज को प्राथमिकता दें। हफ्ते में 3-4 बार स्ट्रेंथ ट्रेनिंग मसल्स बचाने में मदद करती है।

अंत में, 6-8 घंटे की नींद जरूर लें। नींद की कमी से कोर्टिसोल बढ़ता है, जो मसल लॉस और फैट गेन दोनों को बढ़ा सकता है। सही डाइट, संतुलित वर्कआउट और पूरी नींद—यही रमजान में फिट और मजबूत रहने का असली फॉर्मूला है।