नई दिल्ली। रमज़ान के पाक महीने में रोज़ा रखने के दौरान खान-पान में बदलाव की वजह से कई लोगों को एसिडिटी, गैस और सीने में जलन की समस्या का सामना करना पड़ता है। खासतौर पर इफ्तार में तले-भुने और मसालेदार भोजन का अधिक सेवन पेट में एसिड का स्तर बढ़ा देता है। ऐसे में जरूरी है कि सहरी और इफ्तार के समय संतुलित और हल्का भोजन चुना जाए, जिससे पाचन बेहतर रहे और एसिडिटी से बचाव हो सके।
इफ्तार में भारी भोजन से बढ़ती है एसिडिटी
लंबे समय तक खाली पेट रहने के बाद जब अचानक तला हुआ, मसालेदार या अत्यधिक मीठा भोजन खाया जाता है, तो पेट में एसिड का उत्पादन बढ़ जाता है। इससे गैस, अपच और जलन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए रोज़े के दौरान हल्के, पौष्टिक और प्राकृतिक खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता देना फायदेमंद रहता है।एसिडिटी से बचाव के लिए फायदेमंद चीजें
1. केला: प्राकृतिक एंटासिड का काम करता है
केला प्राकृतिक रूप से क्षारीय (Alkaline) होता है, जो पेट के अतिरिक्त एसिड को बेअसर करने में मदद करता है। इसमें पोटेशियम और प्राकृतिक एंटासिड तत्व मौजूद होते हैं, जो पेट की परत को सुरक्षित रखते हैं।
सेहरी या इफ्तार में एक पका हुआ केला शामिल करने से एसिडिटी और गैस की समस्या कम हो सकती है। इसे अकेले या स्मूदी के रूप में भी लिया जा सकता है। यह पाचन तंत्र को संतुलित रखने में मदद करता है।
2. ठंडा दूध: तुरंत राहत का आसान उपाय
रोज़े के दौरान सीने में जलन या खट्टी डकार की समस्या हो तो एक गिलास ठंडा दूध राहत दे सकता है। दूध में मौजूद कैल्शियम कार्बोनेट पेट के अतिरिक्त एसिड को कम करने में मदद करता है।ठंडा दूध पेट की अंदरूनी परत को शांत करता है और जलन से राहत दिलाता है। हालांकि, जिन लोगों को लैक्टोज इनटॉलरेंस है, उन्हें दूध का सेवन करने से बचना चाहिए।
3. नारियल पानी: प्राकृतिक और सुरक्षित विकल्प
मीठे शरबत या रसायनयुक्त ड्रिंक्स की जगह इफ्तार में नारियल पानी का सेवन बेहतर विकल्प है। नारियल पानी एंटीऑक्सीडेंट और खनिजों से भरपूर होता है, जो पेट को ठंडक पहुंचाता है और गैस की समस्या को कम करता है।रमज़ान के दौरान रोज़ एक गिलास नारियल पानी पीने से शरीर में पानी की कमी भी नहीं होती और एसिडिटी से भी बचाव होता है।
इन बातों का रखें ध्यान
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इफ्तार की शुरुआत हल्के भोजन से करें
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ज्यादा तला-भुना और मसालेदार खाना कम खाएं
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भोजन के तुरंत बाद न लेटें
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पर्याप्त पानी पिएं
अगर एसिडिटी की समस्या बार-बार हो रही है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। सही खान-पान और संतुलित आहार से रमज़ान के दौरान भी सेहतमंद रहा जा सकता है।





