क्या डार्क चॉकलेट वास्तव में पीरियड्स के दर्द से राहत दिलाती है?

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 04-06-2026
Does dark chocolate really provide relief from period pain?
Does dark chocolate really provide relief from period pain?

 

नई दिल्ली:

डार्क चॉकलेट को अक्सर एक स्वादिष्ट और स्वास्थ्यवर्धक खाद्य पदार्थ के रूप में देखा जाता है। इसमें मौजूद कोकोआ फ्लेवनॉल्स, मैग्नीशियम और एंटीऑक्सीडेंट इसे सामान्य चॉकलेट की तुलना में अधिक पौष्टिक बनाते हैं। हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाने, मस्तिष्क की कार्यक्षमता बढ़ाने और मधुमेह के जोखिम को कम करने जैसे कई लाभों के अलावा, यह भी कहा जाता है कि डार्क चॉकलेट मासिक धर्म के दौरान होने वाले दर्द को कम करने में मदद कर सकती है। लेकिन क्या यह दावा वास्तव में सही है?

विशेषज्ञों के अनुसार, डार्क चॉकलेट पीरियड्स के दौरान होने वाली कुछ असुविधाओं को कम करने में मदद कर सकती है, हालांकि इसे दर्द का पूर्ण उपचार नहीं माना जा सकता।

कैसे मदद करती है डार्क चॉकलेट?

डार्क चॉकलेट में मैग्नीशियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है। यह एक ऐसा खनिज है जो मांसपेशियों को आराम पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। मासिक धर्म के दौरान गर्भाशय की मांसपेशियों में होने वाले संकुचन ही दर्द और ऐंठन का मुख्य कारण होते हैं। मैग्नीशियम इन संकुचनों की तीव्रता को कम करने में मदद कर सकता है, जिससे दर्द में कुछ राहत मिल सकती है।

इसके अलावा डार्क चॉकलेट में पोटेशियम और एंटीऑक्सीडेंट भी मौजूद होते हैं, जो रक्त संचार को बेहतर बनाने और शरीर में सूजन को कम करने में सहायक माने जाते हैं। यही वजह है कि कई महिलाओं को पीरियड्स के दौरान सीमित मात्रा में डार्क चॉकलेट खाने से आराम महसूस होता है।

मूड बेहतर बनाने में भी कारगर

मासिक धर्म के दौरान केवल शारीरिक दर्द ही नहीं, बल्कि मानसिक और भावनात्मक उतार-चढ़ाव भी आम समस्या हैं। डार्क चॉकलेट मस्तिष्क में सेरोटोनिन और एंडोर्फिन जैसे "फील गुड" हार्मोन के स्राव को बढ़ावा देती है।

ये रसायन तनाव, चिड़चिड़ापन और बेचैनी को कम करने में मदद करते हैं। जब मानसिक तनाव कम होता है तो दर्द की अनुभूति भी अपेक्षाकृत कम महसूस हो सकती है।

वर्ष 2022 में जर्नल ऑफ न्यूट्रिशनल बायोकेमिस्ट्री में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया कि 85 प्रतिशत या उससे अधिक कोकोआ वाली डार्क चॉकलेट का नियमित सेवन करने वाले लोगों का मूड अन्य लोगों की तुलना में बेहतर था।

क्या केवल डार्क चॉकलेट ही पर्याप्त है?

विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि डार्क चॉकलेट का असर आमतौर पर हल्का होता है। यदि किसी महिला को अत्यधिक दर्द, गंभीर ऐंठन या लंबे समय तक असामान्य लक्षण बने रहते हैं, तो केवल चॉकलेट पर निर्भर रहना उचित नहीं है।

कई बार गंभीर मासिक धर्म दर्द एंडोमेट्रियोसिस, एडिनोमायोसिस, गर्भाशय फाइब्रॉएड या हार्मोनल असंतुलन जैसी चिकित्सकीय समस्याओं का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में स्त्री रोग विशेषज्ञ से परामर्श लेना आवश्यक होता है।

इसके अलावा अधिक मात्रा में चॉकलेट, विशेषकर अधिक चीनी वाली चॉकलेट का सेवन करने से पेट फूलना, गैस या पाचन संबंधी परेशानी भी हो सकती है।

पीरियड्स के दर्द से राहत पाने के अन्य उपाय

विशेषज्ञों का सुझाव है कि यदि डार्क चॉकलेट का सेवन करना हो तो कम से कम 70 प्रतिशत या उससे अधिक कोकोआ वाली चॉकलेट चुननी चाहिए, क्योंकि उसमें मैग्नीशियम अधिक और चीनी कम होती है।

मासिक धर्म के दौरान दर्द कम करने के लिए नियमित व्यायाम, पर्याप्त पानी पीना, संतुलित आहार लेना, पर्याप्त नींद लेना और गर्म पानी की सिकाई जैसे उपाय भी बेहद प्रभावी माने जाते हैं। कुछ मामलों में डॉक्टर की सलाह पर दर्द निवारक दवाओं की आवश्यकता भी पड़ सकती है।

यदि मासिक धर्म का दर्द लगातार बढ़ रहा हो या रोजमर्रा के जीवन को प्रभावित कर रहा हो, तो इसे नजरअंदाज करने के बजाय विशेषज्ञ चिकित्सक से सलाह लेना सबसे बेहतर विकल्प है।