नई दिल्ली:
भारतीय रसोई में आलू सबसे अधिक इस्तेमाल की जाने वाली सब्जियों में से एक है। आलू से पराठे, चिप्स, सब्जी, टिक्की और न जाने कितने स्वादिष्ट व्यंजन तैयार किए जाते हैं। लेकिन जब आलू छीलने की बात आती है, तो अधिकांश लोग उसके छिलकों को बेकार समझकर सीधे कूड़ेदान में फेंक देते हैं। बहुत कम लोग जानते हैं कि आलू के छिलके भी कई तरह से उपयोगी हो सकते हैं। ये न केवल रसोई में काम आते हैं, बल्कि बागवानी और जैविक खेती में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
आइए जानते हैं आलू के छिलकों के चार ऐसे उपयोग, जो आपको हैरान कर सकते हैं।
अगर आपने कभी आलू के छिलकों से बने चिप्स नहीं खाए हैं, तो एक बार जरूर आजमाएं। ये स्वाद में बेहतरीन होने के साथ-साथ कम खर्च में तैयार होने वाला स्नैक भी हैं।
सबसे पहले आलू के छिलकों को अच्छी तरह धो लें। इसके बाद इन्हें हल्के तेल में तलें या एयर फ्रायर में कुरकुरा होने तक पकाएं। तैयार होने पर इनमें नमक, काली मिर्च, लाल मिर्च, लहसुन पाउडर या अपनी पसंद के मसाले मिला सकते हैं। यदि आप हेल्दी विकल्प चाहते हैं तो इन्हें ओवन में लगभग 200 डिग्री सेल्सियस तापमान पर 10 से 15 मिनट तक बेक कर सकते हैं। इससे आपको स्वादिष्ट और कम तेल वाला नाश्ता मिलेगा।
बागवानी करने वाले लोगों के लिए आलू के छिलके किसी वरदान से कम नहीं हैं। इनमें प्राकृतिक रूप से सोलानिन नामक तत्व पाया जाता है, जिसमें फफूंद रोधी गुण होते हैं।
इसका उपयोग करने के लिए आलू के छिलकों को पानी में उबाल लें। कुछ समय बाद इस पानी को ठंडा करके छान लें। यह तरल प्राकृतिक फफूंदनाशक के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। इसे पौधों की पत्तियों और प्रभावित हिस्सों पर छिड़कने से फफूंद की समस्या को कम करने में मदद मिल सकती है। सबसे अच्छी बात यह है कि यह पूरी तरह प्राकृतिक और कम लागत वाला उपाय है।
यदि आप घर पर कम्पोस्ट तैयार करते हैं, तो आलू के छिलके आपके लिए बहुत उपयोगी साबित हो सकते हैं। इनमें नाइट्रोजन की अच्छी मात्रा होती है, जो जैविक खाद बनाने की प्रक्रिया को तेज करती है।
आलू के छिलकों को नियमित रूप से कम्पोस्ट पिट या खाद के ढेर में डाला जा सकता है। हालांकि यह ध्यान रखना जरूरी है कि खाद का तापमान पर्याप्त बना रहे, क्योंकि कम तापमान होने पर आलू के टुकड़े अंकुरित भी हो सकते हैं। सही तरीके से उपयोग किए जाने पर ये मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने में मदद करते हैं।
बहुत कम लोग जानते हैं कि आलू के छिलकों का उपयोग मशरूम उत्पादन में भी किया जा सकता है। इसके लिए छिलकों को लकड़ी के बुरादे के साथ मिलाया जाता है और उसमें मशरूम स्पॉन डाला जाता है।
आलू के छिलके बढ़ते हुए मशरूम को अतिरिक्त पोषण प्रदान करते हैं, जिससे उनकी वृद्धि बेहतर होती है। मशरूम की फसल लेने के बाद बचा हुआ मिश्रण भी बेकार नहीं जाता, बल्कि उसे खाद में मिलाकर पुनः उपयोग किया जा सकता है।
आलू के छिलके दिखने में भले ही साधारण लगें, लेकिन उनके उपयोग बेहद खास हैं। अगली बार जब आप आलू छीलें, तो उन्हें कूड़ेदान में फेंकने से पहले इन उपयोगी तरीकों के बारे में जरूर सोचें।