नई दिल्ली:
अमरूद भारत में सबसे अधिक खाए जाने वाले फलों में से एक है। यह न केवल स्वादिष्ट और सुलभ है, बल्कि पोषण के मामले में भी बेहद समृद्ध माना जाता है। हालांकि अधिकांश लोग अमरूद को सिर्फ एक सामान्य फल समझते हैं, लेकिन हाल के शोध बताते हैं कि इसका रस स्वास्थ्य के लिए कई महत्वपूर्ण लाभ प्रदान कर सकता है। खासकर शरीर में आयरन की कमी और एनीमिया जैसी समस्याओं से जूझ रहे लोगों के लिए यह एक उपयोगी प्राकृतिक विकल्प साबित हो सकता है।
हाल ही में प्रकाशित एक वैज्ञानिक समीक्षा के अनुसार, अमरूद का रस आयरन सप्लीमेंट्स की प्रभावशीलता बढ़ाने में मदद कर सकता है। यह निष्कर्ष प्रतिष्ठित चिकित्सा पत्रिका बीएमजे न्यूट्रिशन, प्रिवेंशन एंड हेल्थ में प्रकाशित शोधों की समीक्षा के बाद सामने आया है। विशेषज्ञों का मानना है कि विकासशील देशों में, जहां आयरन की कमी एक आम समस्या है, अमरूद का नियमित सेवन स्वास्थ्य सुधार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
एनीमिया एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर में पर्याप्त मात्रा में स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाएं या हीमोग्लोबिन नहीं बन पाता। हीमोग्लोबिन रक्त में ऑक्सीजन पहुंचाने का काम करता है। इसकी कमी होने पर व्यक्ति को लगातार थकान, कमजोरी, चक्कर आना, सांस फूलना और कार्य क्षमता में कमी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
यह समस्या विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं, किशोरियों और पोषण की कमी से जूझ रहे लोगों में अधिक देखी जाती है। ऐसे लोगों को सामान्य से अधिक आयरन की आवश्यकता होती है।
शोधकर्ताओं ने इंडोनेशिया में किए गए 17 अलग-अलग अध्ययनों का विश्लेषण किया। इन अध्ययनों में मुख्य रूप से किशोरियों और गर्भवती महिलाओं को शामिल किया गया था, जिनमें से कई नियमित रूप से आयरन सप्लीमेंट भी ले रही थीं।
समीक्षा में पाया गया कि जो प्रतिभागी आयरन सप्लीमेंट्स के साथ अमरूद का रस भी पी रहे थे, उनके हीमोग्लोबिन स्तर में उल्लेखनीय सुधार हुआ। अध्ययन के अनुसार, अमरूद के रस के नियमित सेवन से हीमोग्लोबिन स्तर औसतन 1.71 ग्राम प्रति डेसीलीटर तक बढ़ा।
गर्भवती महिलाओं में यह वृद्धि औसतन 1.84 ग्राम प्रति डेसीलीटर दर्ज की गई, जबकि किशोरियों में 1.52 ग्राम प्रति डेसीलीटर की वृद्धि देखी गई। विशेषज्ञों का कहना है कि यह सुधार हल्के और मध्यम एनीमिया से पीड़ित लोगों को सामान्य स्वास्थ्य स्तर तक पहुंचाने में सहायक हो सकता है।
अमरूद के सबसे बड़े पोषण लाभों में से एक इसकी अत्यधिक विटामिन सी मात्रा है। शोधकर्ताओं के अनुसार, अमरूद में संतरे की तुलना में लगभग चार गुना अधिक विटामिन सी पाया जाता है।
विटामिन सी शरीर में आयरन के अवशोषण को बेहतर बनाता है, विशेषकर पौधों से प्राप्त आयरन के मामले में। यही कारण है कि अमरूद का रस आयरन सप्लीमेंट्स के प्रभाव को बढ़ाने में मदद करता है।
इसके अलावा अमरूद में विटामिन ए, फोलेट, फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट और थोड़ी मात्रा में आयरन भी मौजूद होता है। ये सभी तत्व मिलकर प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने, पाचन सुधारने और समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि संतुलित आहार के साथ अमरूद या उसका रस शामिल करना एनीमिया की रोकथाम और आयरन की कमी को दूर करने की दिशा में एक सरल, सस्ता और प्राकृतिक उपाय साबित हो सकता है।