क्या चीनी पूरी तरह छोड़ना नुकसानदायक हो सकता है?

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 16-06-2026
Can giving up sugar completely be harmful?
Can giving up sugar completely be harmful?

 

नई दिल्ली।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ लंबे समय से अधिक चीनी के सेवन को मोटापा, टाइप-2 मधुमेह, हृदय रोग और कई अन्य बीमारियों का कारण बताते रहे हैं। यही वजह है कि आजकल बड़ी संख्या में लोग अपने आहार से चीनी कम करने या पूरी तरह हटाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन एक नए वैज्ञानिक अध्ययन ने इस धारणा पर सवाल खड़ा किया है कि चीनी को पूरी तरह छोड़ देना हमेशा स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है।

हाल ही में एंडोक्राइन सोसाइटी की वार्षिक बैठक ENDO 2026 में प्रस्तुत एक अध्ययन में पाया गया कि कम वसा वाले आहार से सुक्रोज (चीनी का सामान्य रूप) को पूरी तरह हटाने से आंतों के स्वास्थ्य और शरीर के चयापचय (मेटाबॉलिज्म) पर अप्रत्याशित नकारात्मक प्रभाव पड़ सकते हैं। शोधकर्ताओं का कहना है कि संतुलित आहार अधिक महत्वपूर्ण है, न कि किसी एक तत्व को पूरी तरह समाप्त कर देना।

अध्ययन में क्या पाया गया?

शोधकर्ताओं ने 16 सप्ताह तक अलग-अलग प्रकार के आहार पर रखे गए चूहों के समूहों का अध्ययन किया। परिणामों में पाया गया कि जिन चूहों को चीनी रहित आहार दिया गया, उनका वजन तो अन्य समूहों की तुलना में अधिक नहीं बढ़ा, लेकिन उनमें कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं विकसित होने लगीं।

इनमें रक्त शर्करा के नियंत्रण में गड़बड़ी, इंसुलिन प्रतिरोध, आंतों में मौजूद लाभकारी बैक्टीरिया के संतुलन में बदलाव और आंतों में सूजन के संकेत शामिल थे। कुछ चूहों में फैटी लिवर रोग के शुरुआती लक्षण भी देखने को मिले।

आंतों के बैक्टीरिया पर पड़ सकता है असर

शोधकर्ताओं के अनुसार, हमारे शरीर में मौजूद आंतों के सूक्ष्मजीव (गट माइक्रोबायोम) पाचन, प्रतिरक्षा प्रणाली और समग्र स्वास्थ्य को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यदि इनके संतुलन में गड़बड़ी आती है तो डिस्बायोसिस नामक स्थिति विकसित हो सकती है।

डिस्बायोसिस का संबंध शरीर में सूजन, मेटाबॉलिक विकारों और कई अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से जोड़ा जाता है। अध्ययन से संकेत मिलता है कि बिना संतुलित योजना के चीनी को पूरी तरह हटाने से यह संतुलन प्रभावित हो सकता है।

क्या इसका मतलब ज्यादा चीनी खाना चाहिए?

विशेषज्ञ स्पष्ट करते हैं कि इस अध्ययन का अर्थ यह बिल्कुल नहीं है कि अधिक मात्रा में चीनी का सेवन स्वास्थ्य के लिए अच्छा है। अत्यधिक चीनी अब भी मोटापा, मधुमेह, हृदय रोग और अन्य गंभीर बीमारियों का प्रमुख जोखिम कारक मानी जाती है।

इस शोध का मुख्य संदेश यह है कि भोजन में संतुलन सबसे महत्वपूर्ण है। केवल चीनी को पूरी तरह बंद करने पर ध्यान देने के बजाय संपूर्ण आहार की गुणवत्ता, पोषण और आंतों के स्वास्थ्य को भी ध्यान में रखना चाहिए।

प्राकृतिक और मिलाई गई चीनी में अंतर

विशेषज्ञों का कहना है कि फलों, सब्जियों और डेयरी उत्पादों में पाई जाने वाली प्राकृतिक शर्करा और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों, मिठाइयों तथा शीतल पेयों में मिलाई जाने वाली अतिरिक्त चीनी (Added Sugar) एक जैसी नहीं होती।

फल, साबुत अनाज और अन्य प्राकृतिक खाद्य पदार्थ फाइबर, विटामिन, खनिज और एंटीऑक्सीडेंट भी प्रदान करते हैं, जो आंतों के स्वास्थ्य और शरीर के बेहतर कार्य के लिए आवश्यक हैं। इसलिए संतुलित और पौष्टिक आहार अपनाना, किसी एक खाद्य तत्व को पूरी तरह त्यागने से अधिक लाभकारी माना जाता है।