‘सीखो और कमाओ’ योजना से बदल रही अल्पसंख्यक युवाओं की किस्मत

Story by  मलिक असगर हाशमी | Published by  [email protected] | Date 15-06-2026
'Learn and Earn' scheme transforming the fortunes of minority youth
'Learn and Earn' scheme transforming the fortunes of minority youth

 

मलिक असगर हाशमी

 देश में बेरोजगारी को कम करने और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए केंद्र सरकार लगातार प्रयास कर रही है। पिछले एक दशक से अधिक समय में सरकार का मुख्य फोकस इस बात पर रहा है कि देश का हर नागरिक न केवल खुद अपने पैरों पर खड़ा हो, बल्कि दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा करे।

इसी विजन को आगे बढ़ाते हुए केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय एक बेहद खास कार्यक्रम चला रहा है। इस फ्लैगशिप प्रोग्राम का नाम है ‘सीखो और कमाओ’ योजना। इसे अंग्रेजी में ‘लर्न एंड अर्न’ स्कीम भी कहा जाता है।

यह कार्यक्रम अल्पसंख्यक युवाओं के लिए एक गेम चेंजर साबित हो रहा है। इसके तहत युवाओं को मुफ्त में आधुनिक और पारंपरिक हुनर सिखाया जाता है। खास बात यह है कि ट्रेनिंग के दौरान उन्हें हर महीने आर्थिक मदद के तौर पर वजीफा भी मिलता है। आइए इस विस्तृत रिपोर्ट में समझते हैं कि यह योजना क्या है, इसके लिए क्या योग्यता चाहिए और आप इसका लाभ कैसे उठा सकते हैं।

सीखो और कमाओ योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?

इस योजना को शुरू करने के पीछे सरकार की सोच बहुत साफ है। देश में कई ऐसे युवा हैं जो पैसों की कमी या सही मार्गदर्शन न मिलने के कारण पढ़ाई बीच में ही छोड़ देते हैं। ऐसे युवाओं को मुख्यधारा में वापस लाना इस कार्यक्रम का सबसे बड़ा लक्ष्य है।

  • बेरोजगारी दर में कमी लाना:अल्पसंख्यक समुदाय के युवाओं के बीच बेरोजगारी को कम करना इसका प्राथमिक उद्देश्य है।
  • मार्केट के हिसाब से स्किल डेवलपमेंट:आज के समय में उद्योगों को जिस तरह के कुशल कारीगरों की जरूरत है, वैसी ही ट्रेनिंग युवाओं को दी जाती है।
  • पारंपरिक हुनर को बचाना:आधुनिक कोर्स के साथ-साथ देश की पारंपरिक कला और शिल्पकला को भी इस कार्यक्रम में शामिल किया गया है।
  • प्लेसमेंट और रोजगार की गारंटी:यह केवल एक ट्रेनिंग प्रोग्राम नहीं है। कोर्स पूरा होने के बाद युवाओं को नौकरी दिलाने में भी पूरी मदद की जाती है।

कौन-कौन उठा सकता है इसका लाभ?

इस योजना का लाभ उठाने के लिए केंद्र सरकार ने कुछ जरूरी मापदंड तय किए हैं। अगर आप इन शर्तों को पूरा करते हैं, तो आप आसानी से इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं।

1. समुदाय की पात्रता

यह योजना विशेष रूप से देश के अधिसूचित अल्पसंख्यक समुदायों के लिए है। इसमें मुस्लिम, ईसाई, सिख, बौद्ध, जैन और पारसी (ज़रथुस्ट्रियन) समुदाय के युवा शामिल हैं।

2. आयु सीमा

आवेदन करने वाले युवा की उम्र कम से कम 18 वर्ष और अधिकतम 45 वर्ष होनी चाहिए। कुछ विशेष कोर्सेज में 14 वर्ष से अधिक उम्र के स्कूल ड्रॉपआउट्स को भी शामिल किया जाता है।

3. शैक्षणिक योग्यता

कम से कम 10वीं पास या इसके समकक्ष योग्यता होना जरूरी है। हालांकि, कुछ पारंपरिक कोर्सेज में कम पढ़े-लिखे युवाओं को भी मौका दिया जाता है।

4. पारिवारिक आय

आवेदक के परिवार की सालाना आय 3 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। इससे यह सुनिश्चित होता है कि योजना का लाभ वास्तव में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों तक पहुंचे।

योजना के तहत मिलने वाले मुख्य लाभ और वित्तीय सहायता

‘सीखो और कमाओ’ योजना युवाओं को दोतरफा फायदा पहुंचाती है। एक तरफ उन्हें बेहतरीन हुनर मिलता है और दूसरी तरफ ट्रेनिंग के दौरान पैसे भी मिलते हैं।

  • फ्री वोकेशनल ट्रेनिंग:युवाओं को पूरी तरह से मुफ्त व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाता है। इसका सारा खर्च केंद्र सरकार उठाती है।
  • मासिक वजीफा (स्टिपेंड):ट्रेनिंग की अवधि के दौरान लाभार्थियों को हर महीने 3,000 रुपये से लेकर 4,000 रुपये तक का वजीफा मिलता है। यह राशि सीधे उनके बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है।
  • इंडस्ट्री सर्टिफिकेट:कोर्स को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद एक सरकारी और उद्योग-मान्यता प्राप्त सर्टिफिकेट दिया जाता है। यह सर्टिफिकेट भविष्य में नौकरी पाने में बहुत मददगार होता है।
  • करियर काउंसलिंग:ट्रेनिंग पार्टनर्स युवाओं को करियर से जुड़ी सलाह देते हैं और इंटरव्यू की तैयारी भी कराते हैं।

किन क्षेत्रों में दी जाती है ट्रेनिंग?

इस योजना के तहत देश भर में कई तरह के सेक्टर्स में ट्रेनिंग दी जा रही है। युवा अपनी रुचि और योग्यता के हिसाब से ट्रेड का चुनाव कर सकते हैं।

प्रमुख सेक्टर

सिखाए जाने वाले मुख्य ट्रेड और काम

इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT)

कंप्यूटर ऑपरेटर, डाटा एंट्री, बेसिक सॉफ्टवेयर कोडिंग

हेल्थकेयर

नर्सिंग असिस्टेंट, मेडिकल लैब टेक्नीशियन, फार्मेसी हेल्पर

हॉस्पिटैलिटी और रिटेल

होटल मैनेजमेंट स्टाफ, कस्टमर केयर एग्जीक्यूटिव, सेल्स

तकनीकी और निर्माण कार्य

इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर, वेल्डर, ऑटोमोबाइलरिपेयरिंग

फैशन और लाइफस्टाइल

टेलरिंग, फैशन डिजाइनिंग, ब्यूटीशियन और विंग मेकिंग

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आवेदन करने के लिए जरूरी दस्तावेज

अगर आप इस योजना का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो आवेदन करने से पहले नीचे दिए गए दस्तावेजों को अपने पास तैयार रखें:

  1. पहचान पत्र:आधार कार्ड या कोई भी वैध सरकारी पहचान पत्र।
  2. बैंक पासबुक:वजीफा प्राप्त करने के लिए बैंक खाते की पासबुक की फोटोकॉपी (खाता आधार से लिंक होना चाहिए)।
  3. अल्पसंख्यक प्रमाण पत्र:केंद्र सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त समुदाय से होने का प्रमाण पत्र या स्व-घोषणा पत्र।
  4. आय प्रमाण पत्र:सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी किया गया पारिवारिक आय प्रमाण पत्र (3 लाख रुपये से कम)।
  5. शैक्षणिक दस्तावेज: 10वीं की मार्कशीट या अन्य शैक्षणिक योग्यता के सर्टिफिकेट।
  6. पासपोर्ट साइज फोटो:हाल ही में खींची गई रंगीन तस्वीरें।

आवेदन करने की पूरी प्रक्रिया: स्टेप-बाय-स्टेप गाइड

इस योजना के लिए आवेदन करना बहुत ही सरल है। आप ऑनलाइन माध्यम से या अपने नजदीकी केंद्र पर जाकर फॉर्म भर सकते हैं।

स्टेप 1: आधिकारिक पोर्टल पर जाएं

सबसे पहले अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट या इस योजना के समर्पित पोर्टल पर विजिट करें। आप अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर भी जा सकते हैं।

स्टेप 2: रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरें

पोर्टल पर जाकर नया रजिस्ट्रेशन करें। फॉर्म में अपनी व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक योग्यता और पारिवारिक आय का विवरण बिल्कुल सही-सही भरें।

स्टेप 3: दस्तावेज अपलोड करें

अपने सभी जरूरी दस्तावेजों जैसे आधार कार्ड, आय प्रमाण पत्र और फोटो को स्कैन करके निर्धारित फॉर्मेट में अपलोड करें।

स्टेप 4: ट्रेड और लोकेशन चुनें

अपने क्षेत्र में उपलब्ध ट्रेनिंग सेंटर की सूची देखें। इसके बाद अपनी पसंद का कोर्स और ट्रेनिंग सेंटर का विकल्प चुनें।

स्टेप 5: फॉर्म सबमिट करें

पूरा फॉर्म जांचने के बाद उसे फाइनल सबमिट कर दें। सबमिशन के बाद मिलने वाले एप्लीकेशन रेफरेंस नंबर को संभालकर रखें। इससे आप अपने आवेदन का स्टेटस ट्रैक कर सकते हैं।

जमीन पर दिख रहा है योजना का असर

देश के विभिन्न राज्यों में इस योजना के शानदार परिणाम देखने को मिल रहे हैं। उदाहरण के लिए, उत्तर प्रदेश में कई प्रोजेक्ट इंप्लीमेंटिंग एजेंसियों (PIAs) ने बेहतरीन काम किया है। यूपी के सात जिलों में विभिन्न ट्रेडों के तहत 2,500 से अधिक अल्पसंख्यक युवाओं को सफलतापूर्वक प्रशिक्षित किया गया है। इनमें से अधिकांश युवाओं को आज नामी कंपनियों में नौकरियां मिल चुकी हैं या वे अपना खुद का स्टार्टअप चला रहे हैं।

सरकार इस योजना की पारदर्शिता को लेकर भी काफी सख्त है। नियमों का पालन न करने वाली या लापरवाही बरतने वाली एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट भी किया जा रहा है ताकि युवाओं के भविष्य के साथ कोई खिलवाड़ न हो।

विशेष नोट:अगर आप भी अल्पसंख्यक समुदाय से आते हैं और अपने भविष्य को सुरक्षित करना चाहते हैं, तो यह आपके लिए एक बेहतरीन मौका है। अपने नजदीकी ट्रेनिंग सेंटर पर जाएं और आज ही अपनी सीट पक्की करें। अधिक जानकारी के लिए आप भारत सरकार के आधिकारिक पोर्टल्स की मदद ले सकते हैं।