सीएमआरएल रिश्वतखोरी प्रकरण में ईडी रिपोर्ट के बाद प्रारंभिक जांच क्यों: न्यायालय

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 13-10-2026
Why preliminary inquiry after ED report in CMRL bribery case: Court
Why preliminary inquiry after ED report in CMRL bribery case: Court

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
 केरल उच्च न्यायालय ने मंगलवार को राज्य सरकार से सवाल किया कि जब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित सीएमआरएल रिश्वत मामले में पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और अन्य लोगों के खिलाफ ‘भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम' के तहत अपराधों की जानकारी दी थी तो उसने आरंभिक जांच का आदेश क्यों दिया?
 
न्यायमूर्ति के नटराजन और न्यायमूर्ति जॉनसन जॉन की खंडपीठ ने यह सवाल तब पूछा, जब वह विजयन, उनकी बेटी वीना टी और उनके पति पी. ए. मोहम्मद रियास की अर्जियों पर सुनवाई कर रही थी।
 
याचिकाकर्ताओं ने सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (वीएसीबी) को उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश देने वाले एकल न्यायाधीश के आदेश के खिलाफ अपील करने की इजाजत मांगी थी।
 
महाधिवक्ता जाजू बाबू ने खंडपीठ को बताया कि सरकार ने आरंभिक जांच का आदेश देने का फैसला इसलिए किया क्योंकि वह निदेशालय से मिली जानकारी में लगाए गए आरोपों की पुष्टि करना चाहती थी, क्योंकि ईडी ने इस मामले से जुड़ी कई अन्य सामग्रियां केरल पुलिस को नहीं सौंपी थीं।
 
विजयन, वीना और रियास ने अपनी अपील में कहा है कि एकल न्यायाधीश ने नौ अक्टूबर को प्राथमिकी दर्ज का आदेश देने से पूर्व उनकी बात नहीं सुनी थी।
 
दो घंटे से ज़्यादा चली सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने अपीलकर्ताओं से पूछा कि जब प्राथमिकी पहले ही दर्ज हो चुकी थी तो उन्होंने उसे चुनौती क्यों नहीं दी।