Rupee depreciated due to external factors, RBI will continue efforts to control volatility: Sitharaman
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कहा कि पिछले डेढ़ साल में रुपये के मूल्य में बाहरी कारकों के चलते काफी गिरावट आई है और घरेलू मुद्रा में अत्यधिक उतार-चढ़ाव रोकने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) अपने प्रयास जारी रखेगा।
सीतारमण ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया निचले स्तर पर पहुंच गया है। हालांकि, विदेशी मुद्रा भंडार सहित भारत के व्यापक आर्थिक बुनियादी कारक मजबूत हैं और आरबीआई घरेलू मुद्रा में स्थिरता बनाए रखने के लिए कदम उठा रहा है।
उन्होंने यहां 'ब्लूमबर्ग न्यू इकॉनमी फोरम 2026' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, ''मुझे भरोसा है कि आरबीआई रुपये में अत्यधिक उतार-चढ़ाव रोकने के लिए आगे भी कदम उठाएगा।''
प्रतिभूति बाजार में करों के बारे में पूछे जाने पर सीतारमण ने कहा कि प्रतिभूति लेनदेन कर (एसटीटी) और दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ (एलटीसीजी) कर में बदलाव को लेकर चर्चा होना अच्छा है और वह इस संबंध में दिए जा रहे सुझावों को गंभीरता से सुनेंगी।
उन्होंने कहा, ‘‘हम बजट के काफी करीब हैं और इसकी तैयारी शुरू हो चुकी है। मेरे लिए यह बताने का सबसे अच्छा समय नहीं है कि मैं किन प्रस्तावों पर विचार करूंगी और किन पर नहीं।’’