बीजिंग/वाशिंगटन,
भारत के 77वें गणतंत्र दिवस का उत्सव न केवल देश के भीतर, बल्कि पूरी दुनिया में भारतीय समुदाय ने पूरे उत्साह और गौरव के साथ मनाया। एशिया, यूरोप और अमेरिका तक फैले भारतीय मिशनों में तिरंगा फहराया गया और राष्ट्रगान की गूंज के साथ देशभक्ति का माहौल देखने को मिला। इस अवसर पर विश्व के कई प्रमुख नेताओं ने भारत को शुभकामनाएं देते हुए उसके साथ मजबूत और ऐतिहासिक संबंधों को रेखांकित किया।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को गणतंत्र दिवस की बधाई देते हुए कहा कि अमेरिका और भारत विश्व के दो सबसे बड़े लोकतंत्र होने के नाते ऐतिहासिक संबंध साझा करते हैं। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि दोनों देशों के बीच रक्षा, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपनी तस्वीर साझा करते हुए भारत को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भारत के साथ गणतंत्र दिवस मनाने की यादें आज भी प्रेरणादायक हैं और दोनों देश भविष्य में मिलकर आगे बढ़ते रहेंगे।
चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भेजे संदेश में भारत-चीन संबंधों को क्षेत्रीय और वैश्विक शांति के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि ‘ड्रैगन और हाथी’ का साथ मिलकर आगे बढ़ना दोनों देशों के हित में है।
भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे ने भी भारत को शुभकामनाएं देते हुए दोनों देशों की स्थायी मित्रता के और मजबूत होने की कामना की।बीजिंग में भारत के राजदूत प्रदीप कुमार रावत ने तिरंगा फहराया और राष्ट्रपति का संदेश पढ़ा। इस अवसर पर ‘वंदे मातरम्’ और ‘भारत माता की जय’ के नारों के बीच सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसी तरह शंघाई, टोक्यो, सिंगापुर और कोलंबो सहित कई शहरों में भारतीय मिशनों में समारोह आयोजित हुए, जिनमें प्रवासी भारतीयों की बड़ी भागीदारी रही।
वाशिंगटन में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने भारत को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि क्वाड जैसे मंचों के माध्यम से अमेरिका-भारत सहयोग हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता और समृद्धि ला रहा है।सिंगापुर और जापान में आयोजित समारोहों में भारतीय छात्रों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जबकि श्रीलंका में भारतीय उच्चायुक्त ने आईपीकेएफ स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
श्रीलंका के विपक्षी नेता साजिथ प्रेमदासा ने भी भारत को शुभकामनाएं देते हुए लोकतंत्र के प्रति उसकी प्रतिबद्धता की सराहना की।दुनियाभर में मनाया गया यह उत्सव भारत की लोकतांत्रिक परंपरा, वैश्विक सम्मान और प्रवासी भारतीयों की एकजुटता का सशक्त प्रतीक बनकर सामने आया।